SBA विशेष

क्या आप जानते हैं ! 65 साल पहले भारत में आया जापानी इंसेफलाइटिस !

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भारत जैसे देश किसी भी नई बीमारी का पालनहाल आसानी से बन जाते हैं। सवा अरब से ज्यादा जनसंख्या को लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे भारत में जब कोई बीमारी आयात होती है, तो उसकी खातिरदारी घर आए मेहमान की तरह की जाती है। उसके प्रति हमारा नजरिया, उसको रोकने के उपाय ठीक वैसे ही होते हैं जैसे घर आए दामाद खुद से चले जाएं तो ठीक है, नहीं तो उन्हें कौन कहे की आप अपने घर चले जाइए। ऐसी बात मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि बीमारियों के फलने-फूलने के लिए जरूरी खाद-पानी यहां पर भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। यहां पर नई बीमारियों की खेती करने में पूरा तंत्र सहयोग करता है। कैंसर, एड्स, स्वाइन फ्लू एवं इबोला जैसी बीमारियों की खेती यहां पर खूब हो रही है। इनकी ब्रांडिंग कर के कुछ यहां के कुछ दूसरे मूल्कों की संस्थाएं अपनी आर्थिक स्वार्थों को पूर्ण करने में सफल भी हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ स्वस्थ मानव संसाधन की रीढ़ की हड्डी तोड़ने की कोशिश साकार होती दिख रही है। आश्चर्य का विषय यह है कि भारत सरकार इंसेफलाइटिस के सही कारणों को जानने में अभी तक नाकाम रही है। अभी जांच का फोकस गोरखपुर बना हुआ है। जबकि इस बीमारी का फैलाव देश के लगभग प्रत्येक कोने में है। दक्षिण भारत में यह बीमारी पहले आई लेकिन वहां पर वह उतना सफल नहीं हुई जितना उत्तर भारत में दिख रही है। ऐसे में शोध का बिंदु दक्षिण भारत भी होना चाहिए। इतना ही नहीं जांच का बिंदु एशिया के तमाम देश भी होने चाहिए जहां पर यह बीमारी अपना पांव पसार चुकी है। शायद तब जाकर हम इस बीमारी के कारणों की तह में जा पाएंगे एवं ईलाज ढूढ़ पाने के नजदीक पहुंचेंगे। अभी तो ऐसा लगता है कि सरकार चाहती ही नहीं है कि इस बीमारी का ईलाज संभव हो सके नहीं तो गर हमारी सरकारों ने इस बीमारी की भयावहता को पहले ही भांप कर समुचित कदम उठाया होता तो बीआरडी अस्पताल में जो चीख-पुकार सुनने को मिल रही है शायद वह नहीं मिलती।

इंसेफलाइटिस नहीं, अव्यवस्था से मर रहे हैं नौनिहाल

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नवंबर 1969 इस अस्पताल का शिलान्यास करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी एवं यूपी के मुख्यमंत्री स्व. चन्द्र भानू गुप्ता जी अथवा बाबा राघव दास की आत्मा चाहे जितना विलाप कर ले लेकिन जबतक सही अर्थों में व्यवस्थागत भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा तब तक तो शिशुओं के पारिवारीजनों की सिसिकियां ही बीआरडी में सुनाई पड़ती रहेंगी।

समाचार

स्वस्थ भारत ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र, कहा जनऔषधि योजना विफल हो चुकी है

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स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही स्वस्थ भारत अभियान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत किए जाने की मांग की है। स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने इस पत्र में प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना की विफलताओं के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि देश में 90 फीसद दवाइयां जेनरिक ही बिक रही हैं। फिर देश की तमाम दवा दुकानों पर ब्रांड के नाम पर जनता को क्यों लूटा जा रहा हैं। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि गर सरकार देश की सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत कर दे और सभी दुकानों पर जनऔषधि दवाइयां मिलने लगे तो अलग से जनऔषधि केन्द्र खोले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश का दवा बाजार 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का हो गया है। महंगी दवाइयों के कारण लोग गरीबी रेखा से ऊबर नहीं पा रहे हैं ऐसे में बाजार में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना उचित नहीं है।

समाचार

स्वस्थ भारत ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र, कहा जनऔषधि योजना विफल हो चुकी है

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स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही स्वस्थ भारत अभियान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत किए जाने की मांग की है। स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने इस पत्र में प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना की विफलताओं के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि देश में 90 फीसद दवाइयां जेनरिक ही बिक रही हैं। फिर देश की तमाम दवा दुकानों पर ब्रांड के नाम पर जनता को क्यों लूटा जा रहा हैं। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि गर सरकार देश की सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत कर दे और सभी दुकानों पर जनऔषधि दवाइयां मिलने लगे तो अलग से जनऔषधि केन्द्र खोले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश का दवा बाजार 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का हो गया है। महंगी दवाइयों के कारण लोग गरीबी रेखा से ऊबर नहीं पा रहे हैं ऐसे में बाजार में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना उचित नहीं है।

विश्व बालिका दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत ने की मांग, महिलाओं के लिए सार्वजानिक जगहों पर बने शौचालय!

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'स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज' विषय को लेकर 21000 किमी की स्वस्थ भारत यात्रा करने वाले स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने महिलाओं के लिए सार्वजानिक जगहों पर अलग शौचालय बनाएं जाने कीय मांग की है। अपनी यात्रा के अनुभवों एवं बालिकाओं से हुई बातचीत का हवाला देते हुए श्री आशुतोष ने कहा कि देश के प्रत्येक जिला मुख्यालय, प्रखंड मुख्यालय, बस अड्डा सहित उन सभी जगहों पर महिलाओं के अलग से शौचालय बनें, विशेष रूप से मूत्रालय। श्री आशुतोष ने बताया की यात्रा के दौरान देश भर की बालिकाओं ने अलग से मूत्रालय बनाये जाने की बात प्रमुखता से रखी थी। विश्व बालिका दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत (न्यास) के पदाधिकारियों ने एक बैठक की। इस बैठक में यह निर्णय किया गया की बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय की मांग को जोर सोर से उठाया जायेगा। अगर सरकार इस बात पर गंभीर नहीं हुई तो आंदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर धीप्रज्ञ द्विवेदी, शशिप्रभा तिवारी, प्रसून लतांत सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

श्रीनगर के 18 वर्षीय युवा को ‘स्वच्छता ही सेवा’ का एम्बेसडर बनाया गया

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श्रीनगर के युवा बिलाल डार को श्रीनगर नगर निगम का ब्रान्ड एम्बेसडर बनाया गया है। 12 वर्ष की उम्र से ही बिलाल डार ‘स्वच्छता अभियान’ में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में बिलाल डार का जिक्र किया था।श्रीनगर के युवा बिलाल डार को श्रीनगर नगर निगम का ब्रान्ड एम्बेसडर बनाया गया है। 12 वर्ष की उम्र से ही बिलाल डार ‘स्वच्छता अभियान’ में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में बिलाल डार का जिक्र किया था।

उप-राष्‍ट्रपति ने कर्नाटक में ‘शौचालय के लिए समर’ का उद्घाटन किया

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उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने  कर्नाटक में ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा’ और ‘शौचालय के लिए समर’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। वे हुबली में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि थे। इसके बाद उपराष्‍ट्रपति श्री वेंकैया नायडू गडग जिले के नरगुण्‍ड तालुका में कोन्‍नुर गांव गए जहां उन्‍होंने कचरा प्रसंस्‍करण की शुरुआत की। उन्‍होंने परिष्‍कृत पेयजल संयंत्र का भी उद्घाटन किया और गांव की जनता कॉलोनी स्थित उच्‍च विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम ‘शौचालय के लिए समर’ के दौरान एक जन सभा को संबोधित किया।

देश के 201 जिले हुए ओडीएफ मुक्त, स्वच्छता ही सेवा है का मंत्र कर रहा है काम

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बिहार में जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने अपने-अपने स्कूलों को साफ-सुथरा कर ‘स्वच्छता ही सेवा है’ अभियान के प्रति अपना समर्थन जताया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ आंदोलन की युवा टीम ने भी स्वच्छता की असंख्य गतिविधियों को अंजाम दिया। भारतीय पर्यटन ने गुजरात पर्यटन विभाग, भारतीय पुरातत्व सव्रेक्षण (एएसआई), अहमदाबाद नगरपालिका कॉरपोरेशन (एएमसी), भारतीय होटल प्रबंधन (आईएचएम), गांधीनगर, ट्रेवल एजेंट्स, टूरऑपरेर्ट्स, होटल मालिकों और मान्यता प्राप्त गाइडों ने वि धरोहर हिलते मीनार स्थल को साफ-सुथरा करने का कार्यक्रम आयोजित किया।

पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने स्‍वच्‍छ भारत मिशन की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले मीडिया पुरस्‍कारों के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की

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पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने स्‍वच्‍छ भारत मीडिया पुरस्‍कार के लिए प्रस्‍ताव भेजने के वास्‍ते मीडिया संगठनों से प्रविष्टियां आमंत्रित की है। यह पुरस्‍कार 2 अक्‍टूबर 2017 को स्‍वच्‍छ भारत मिशन की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रदान किये जायेंगे। इन पुरस्‍कारों का उद्देश्‍य 2 अक्‍टूबर, 2014 में स्‍वच्‍छ भारत मिशन की शुरूआत से अब तक विशेष कदम उठाकर जागरूकता फैलाने के जरिए स्‍वच्‍छता को जन आंदोलन बनाने के तरीके में योगदान देने वाले मीडिया संगठनों का सम्‍मान करना है।

बेटियों का स्वस्थ होना स्वस्थ समाज की पहली कसौटी हैः डॉ अचला नागर

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यात्रा दल को मिला डॉ अचला नागर का आशीर्वाद स्वस्थ भारत यात्रा दल ने निकाह, बागवान सहित दर्जनों फिल्म लिखने वाली वरिष्ठ लेखिका डॉ अचला नागर से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा के लिए अपनी शुभकामना देते हुए कहा कि बेटियों का स्वास्थ्य बहुत जरूरी है। वर्तमान स्थिति में बेटियों के स्वास्थ्य पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जबतक बेटियां स्वस्थ नहीं होगी तब तक स्वस्थ देश अथवा समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है।

स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर

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आंख नहीं, दुनिया देखती हैं कलगी रावल • स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर • गोधरा के सरस्वती विद्या मंदिर एवं बापूनगर अहमदाबाद के वाणिज्य महाविद्यालय का यात्रा दल ने किया दौरा, बालिकाओं को दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश • शहीद ऋषिकेश रामाणी को दी श्रंद्धांजली

आयुष

संतुलित भोजन जरूरी

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हमारे जीवन में भोजन का महत्वपूर्ण स्थान है। और स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित भोजन जरूरी है। भोजन हमारे शरीर को शक्ति प्रदान करता है, लेकिन यदि हम संतुलित व पौष्टिक भोजन नहीं खाएंगे तो पूर्णत: स्वस्थ रहना असंभव है। वैसे स्वास्थ्य में पूर्णता हासिल करना असंभव है क्योंकि पूर्णता हमें कभी भी और किसी में भी नहीं दिखाई पड़ती, कहीं न कहीं कुछ कमी रह ही जाती है। यही वजह है कि विज्ञान की इतनी उन्नति के बावजूद हमारा जीवन रोगों से घिरा हुआ है। यहां तक कि नए-नए रोग पैदा हो रहे हैं। रोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन रोगों के कई कारण हैं, परंतु उनमें से एक महत्वपूर्ण कारण है- हमारे भोजन का संतुलित और उचित न होना। अगर हम अपने भोजन पर ध्यान दें तो बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है।

श्रीपद येस्सो नाइक 12 दिसंबर, 2015 को वाराणसी में आरोग्य मेले का उद्धाटन करेंगे

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केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री श्रीपद येस्सो नाइक 12 दिसंबर, 2015 को वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपेथी पर एक व्यापक राष्ट्रीय स्तर के मेले का उद्धाटन करेंगे।मेले का उद्देश्य आयुष प्रणाली की कुशलता, उनकी निम्न लागत एवं सामान्य बिमारियों से बचाव एवं उपचार के लिए उपयोग में आने वाली जड़ी-बुटियों एवं पौधों की उपलब्धता के बारे में आम लोगों की जागरूकता को बढ़ाना है। यह सुविधा लोगों को विभिन्न जनसूचना माध्यमों के जरिये उनके दरवाजे पर ही उपलब्ध हो जाती है और इससे सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य के लक्ष्य को अर्जित करने में भी सहायता मिलती है।

अपनी बदहाली पर रो रहा है 90लखिया होम्योपैथी लैब, पांच वर्ष गुजर गए एक भी कर्मचारी नहीं बहाल हुआ

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इस प्रयोगशाला की बिल्डिंग के निर्माण में करीब 90 लाख रुपये की लागत आई थी उद्द्येश था कि पिछड़ती प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति होम्योपैथी को एक नया मुकाम देना। लेकिन इसे अधिकारियों की लापरवाही ही कहेंगे कि 5 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक इस प्रयोगशाला में रिसर्च के लिए पदों का सृजन नहीं हो पाया है। उत्तर प्रदेश होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के सचिव डॉ विक्रमा प्रसाद ने बताया कि ये भारत में दूसरे नंबर की प्रयोगशाला है। अभी तक किसी कारणवश प्रयोगशाला में पदों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके कारण अभी तक प्रयोगशाला की शुरुआत नहीं हो पाई हैं। जल्द से जल्द पदों को सृजित कर प्रयोगशाला को शुरू किया जाएगा।

दस्तावेज

फार्मा सेक्टर

स्वस्थ भारत ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र, कहा जनऔषधि योजना विफल हो चुकी है

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स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही स्वस्थ भारत अभियान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत किए जाने की मांग की है। स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने इस पत्र में प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना की विफलताओं के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि देश में 90 फीसद दवाइयां जेनरिक ही बिक रही हैं। फिर देश की तमाम दवा दुकानों पर ब्रांड के नाम पर जनता को क्यों लूटा जा रहा हैं। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि गर सरकार देश की सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत कर दे और सभी दुकानों पर जनऔषधि दवाइयां मिलने लगे तो अलग से जनऔषधि केन्द्र खोले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश का दवा बाजार 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का हो गया है। महंगी दवाइयों के कारण लोग गरीबी रेखा से ऊबर नहीं पा रहे हैं ऐसे में बाजार में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना उचित नहीं है।

देश भर के फार्मासिस्टों में आक्रोश तीन राज्यों में आंदोलन का बजा बिगुल

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6 फरवरी : दिल्ली / जयपुर / रायपुर /भोपाल राजस्थान में विशाल कैंडल मार्च राजस्थान में निशुल्क दवा वितरण केंद्रों पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति, ड्रग कण्ट्रोल डिपार्टमेंट में डीसीओ की नियुक्ति समेंत शाशकीय फार्मासिस्टों की वतन विसंगती प्रमोशन समेंत ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और फार्मेसी एक्ट के सख्ती से अनुपालन को लेकर दिनांक 8 फरवरी को जयपुर में विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया है. इस विशाल कैंडल मार्च को सफल बनाने को लेकर राजस्थान के कोने कोने के फार्मासिस्ट जयपुर आ रहे हैं. शाशकीय फार्मासिस्ट संगठनों के साथ फार्मासिस्ट युथ वेलफेयर संस्थान राजस्थान, अभिनव फार्मेसी अभियान समेत कई संगठन एक मंच पर आ गए हैं.

छत्तीसगढ़ एफडीए के खिलाफ फार्मासिस्टों की हल्ला बोल रैल्ली दस को

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4 फरवरी 2017/ रायपुर : छत्तीसगढ़ एफडीए में फैले भ्रष्टाचार को लेकर छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्ट काफी आक्रोशित है. पुरे प्रदेश में नियमों की धज्जियाँ उड़ा कर दवा दुकानों का सञ्चालन किया जा रहा है. ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट, फार्मेसी प्रेक्टिस रेगुलेशन को सख्ती से लागु करने जैसे तमाम मुद्दे के साथ अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने आगामी दस फ़रवरी को नया रायपुर स्थित एफडीए मुख्यालय का घेराव व धरना प्रदर्शन की घोषणा की है.

PCI के वाइस प्रेसिडेंट शैलेन्द्र सराफ ने संभाली अभियान की कमान

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3 फरवरी2017/ रायपुर: रिटेल की तर्ज़ पर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर देश के कोने कोने से फार्मासिस्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को समर्थन पत्र भेज रहे हैं ! इसी क्रम में आज देश के बड़े फार्मासिस्ट संस्थानों में एक रायपुर स्थिति पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी में आज छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने अभियान चला कर हज़ारों की संख्या में पत्र एकत्रित गया ! अभियान का नेतृत्व कर रहे सीजीवाईपीए के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि दवा सिर्फ कारोबार नही है यह आमलोगों के जीवन से जुड़ा मसला है ! जबकि सरकार ने दवाई के देखरेख व वितरण के लिए ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट और फार्मेसी प्रेक्टिक्स रेगुलेशन बनाया है ! एक्ट में यह स्पस्ट प्रावधान है कि दवा वितरण फार्मासिस्ट के हाथों की किया जाना है ! राहुल ने बताया कि पुरे छत्तीसगढ़ में दसवीं फेल दवा कारोबारी दवा वितरण का कार्य कर रहे हैं ! बतातें चलें कि छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसो

कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा पत्र

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3 फ़रवरी/रायपुर : कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में संसोधन के समर्थन में पत्र लिखा है . विगत कई दिनों से लगातार देश भर के फार्मासिस्ट लगातार मंत्रालय को पत्र लिखकर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लागु करने के लिए अपना समर्थन दे रहे हैं. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुवे रायपुर के फार्मासिस्ट छात्रों ने भी बड़ी संख्या में पत्र लिखा है. छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि वे ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के संसोशन के समर्थन में है. उन्होंने यह नियम अबतक बने होलसेल लाइसेंस पर भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता हेतु आपत्ति दर्ज कराई है.

रोजाना हज़ारों की संख्या में पहुँच रहे फार्मासिस्टों के पत्र से मंत्रालय परेशान, कहा कर सकते हैं ईमेल

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दिल्ली : 2 फरवरी 2017 पिछले महीने ही सेन्ट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कण्ट्रोल आर्गेनाईजेशन की इकाई "ड्रग टेक्निकल अडवाइज़री बोर्ड" ने होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर ड्राफ्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को सौप दिए थे इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 12 फ़रवरी तक आम जन से आपत्ती और सुझाव मांगे थे. शुरुवाती दौर में आपत्ती दर्ज करने हेतु मंत्रालय ने निर्माण भवन स्थित अपने कार्यालय का पता उपलब्ध कराया था. महज़ दस से पंद्रह दिनों में ही लाखों की संख्या में पहुचे सुझाव से मंत्रालय के होश उड़ गए. रोजाना हज़ारों की संख्या में खत पहुचने से जहाँ डाक सँभालने में कर्मचारी परेशान दिखे उधर लगातार पत्रों का पहुचना अब भी जारी है. मंत्रालय से फार्मासिस्टों से अपील की है वे अपने सुझाव व आपत्ती उन्हें rg.singh72@nic.in पर ईमेल कर सकते हैं.

केवल फार्मासिस्ट को ही मिले ड्रग लाइसेंस - KPPA

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कोज़्हिक्कोड (केरल )/2 फरवरी 2017: रिटेल की तरह होलसेल ड्रग लाइसेंस में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता करने को लेकर ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट को प्रभावी बनाने को लेकर देश भर के फार्मासिस्ट और फार्मासिस्ट संगठन पत्र लिख रहे हैं. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुवे केरल प्राइवेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन (KPPA) के तत्वाधान में कोज़्हिक्कोड में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्ट प्रतिभागियों ने स्वास्थ मंत्रालय को सैकड़ों की संख्या में पत्र लिख कर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को पुराने बने लाइसेंस में भी प्रभावी बनाने हेतु अपनी आप्पति पत्र भेजे हैं.

देश में फार्मासिस्टों की कोई कमी नही है - केंद्र सरकार

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नई दिल्ली/2 फ़रवरी 2.17 : सर्राफा कारोबारियों के बाद अब मोदी सरकार ने दवा कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है. केमिस्टों की सर्वोच्च संगठन आल इंडिया आर्गेनाईजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) फार्मासिस्टों की कमी का हवाला देकर 5 साल से अधिक समय तक दवा कारोबार करने वाले केमिस्ट को 6 माह का रिफ्रेसर कोर्स करवा कर फार्मासिस्ट का दर्ज़ा देने की मांग कर रहे थे. इसे लेकर संसद में यूपी के कई सांसद सवाल उठा रहे थे . फार्मासिस्ट की कमी को लेकर उठे सवालों को लेकर संसद में सरकार के तरफ से राज्य मंत्री फगन सिंह ने साफ़ किया कि देश में फार्मासिस्ट की कहीं कोई कमी नही है. मंत्री ने बताया कि देश भर में साढ़े सात लाख से कहीं ज्यादा

होलसेल में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता एक क्रन्तिकारी पहल - डॉ. अमित वर्मा

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बरेली /28 नवम्बर: फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया अपने लक्ष्यों से भटक गई है. देश भर में फार्मेसी एक्ट 1948 कि धारा 42 का खुलेआम उलंघन किया जा रहा है और शाशन मुकदर्शक बना हुवा है. ऐसे में फार्मासिस्टों को चाहिए कि एकजुटता दिखाते हुवे फार्मेसी विरोधी ताकतों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें. उक्त बातें रुहेलखंड यूनिवर्सिटी प्रोफ़ेसर डॉ. अमित वर्मा ने रोटरी क्लब बरेली में ग्रेट वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम ने कही .

मन की बात

विश्व बालिका दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत ने की मांग, महिलाओं के लिए सार्वजानिक जगहों पर बने शौचालय!

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'स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज' विषय को लेकर 21000 किमी की स्वस्थ भारत यात्रा करने वाले स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने महिलाओं के लिए सार्वजानिक जगहों पर अलग शौचालय बनाएं जाने कीय मांग की है। अपनी यात्रा के अनुभवों एवं बालिकाओं से हुई बातचीत का हवाला देते हुए श्री आशुतोष ने कहा कि देश के प्रत्येक जिला मुख्यालय, प्रखंड मुख्यालय, बस अड्डा सहित उन सभी जगहों पर महिलाओं के अलग से शौचालय बनें, विशेष रूप से मूत्रालय। श्री आशुतोष ने बताया की यात्रा के दौरान देश भर की बालिकाओं ने अलग से मूत्रालय बनाये जाने की बात प्रमुखता से रखी थी। विश्व बालिका दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत (न्यास) के पदाधिकारियों ने एक बैठक की। इस बैठक में यह निर्णय किया गया की बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय की मांग को जोर सोर से उठाया जायेगा। अगर सरकार इस बात पर गंभीर नहीं हुई तो आंदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर धीप्रज्ञ द्विवेदी, शशिप्रभा तिवारी, प्रसून लतांत सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

लंबा है स्वास्थ्य का डगर

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स्थिति यह है कि अगर कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित भी है तो उसे अपनी मौत आने तक पता तक नहीं चलता है कि उसे सही मायने में कौन-सी बीमारी हुई है। देर-सबेर किसी मरीज को सद्बुद्धि आ भी जाए तो वो दौड़ता है जिला अस्पताल या फिर एम्स की तरफ।

यात्रा रपट

बेटियों का स्वस्थ होना स्वस्थ समाज की पहली कसौटी हैः डॉ अचला नागर

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यात्रा दल को मिला डॉ अचला नागर का आशीर्वाद स्वस्थ भारत यात्रा दल ने निकाह, बागवान सहित दर्जनों फिल्म लिखने वाली वरिष्ठ लेखिका डॉ अचला नागर से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा के लिए अपनी शुभकामना देते हुए कहा कि बेटियों का स्वास्थ्य बहुत जरूरी है। वर्तमान स्थिति में बेटियों के स्वास्थ्य पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जबतक बेटियां स्वस्थ नहीं होगी तब तक स्वस्थ देश अथवा समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है।

स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर

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आंख नहीं, दुनिया देखती हैं कलगी रावल • स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर • गोधरा के सरस्वती विद्या मंदिर एवं बापूनगर अहमदाबाद के वाणिज्य महाविद्यालय का यात्रा दल ने किया दौरा, बालिकाओं को दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश • शहीद ऋषिकेश रामाणी को दी श्रंद्धांजली

कैरियर

रोजगार का नया द्वार खोलता फार्मा सेक्टर

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नर्सिग होम, अस्पतालों और कंपनियों में आपके लिए नौकरी के अवसर हैं। ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन और आर्म्ड फोर्सेज में भी काफी संभावनाएं हैं। बीफॉर्मा करने के बाद आप मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट, एनालिस्ट कैमिस्ट, ड्रग इंस्पेक्टर के रूप में काम कर सकते हैं। इसके अलावा क्लीनिकल रिसर्च आउटसोर्सिग सेक्टर में भी आपके लिए कई अवसर मौजूद हैं। इस बावत आचार्या एंड बीएम रेड्डी कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रिंसपल डॉ. दिवाकर गोली का कहना है कि जिस तरह से मेडिकल टूरिज्म बढ़ रहा है और दवाइयों की खपत बढ़ीं हैं, उसी अनुपात में रोजगार के अवसर भी बढ़ें हैं।