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रायपुर के सबसे बड़े अस्पताल में फंसी मरीजों की जान

0 जूडा के पास काम पर लौटने 16 तक का समय
0 बाहरी डॉक्टरों ने संभाला अस्पताल में इलाज का मोर्चा
0 अनुशासन समिति की बैठक में हो सकता है सख्त फैसला
0 मरीज हो रहे हैं परेशान, भटक रहे

रायपुर। आंबेडकर अस्पताल के जूनियर डाक्टर (जूडा)अपनी मांग को लेकर जिद पर अड़े हुए हैं, वहीं सरकार ने भी उनके पंजीयन निरस्त करने के रास्ते खोजने शुरू कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज की अनुशासन समिति की बैठक में जूडा को दो दिनों की मोहलत देने की तैयारी की जा रही है। 16 के बाद पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही आरंभ होगी।
अंबेडकर अस्पताल में पिछले 7 दिनों से जारी जूनियर डाक्टर की हड़ताल नित नया रंग लेती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर जूडा की मांगो को जहां नाजायज बता रहे हैं, वहीं जूनियर डाक्टर अपनी मांगों को जायज का अमलीजामा पहनाने की कोशिशों में लगे हुए हैं। हालांकि दोनो ही पक्ष अपनी जिद पर अड़ गए हैं। इससे जूडा की हड़ताल जल्द टूटने की संभावना कम ही नजर आ रही है। दोनों पक्ष अपनी अड़ी में है और मरीजों की जान फंसी हुई है। मरीज वहां हलाकान हो रहे हैं।
मंत्री से लेकर अफसर तक सख्त
कई वर्षों से जूडा की मनमानी को झेलते आ रहे स्वास्थ्य विभाग के मंत्री ने भी जूडा की ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकने का मूड़ बना लिया है। स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल दो टूक इनकी मांगो को नाजायज ठहरा चुके हैं और उन्होंने इसके लिए जूडा के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के संकेत दे दिए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भी अब जूडा के खिलाफ कार्यवाही करने नियमों की किताबों को बांचते नजर आ रहे हैं।
अनुशासन समिति की बैठक आज
विभागीय सचिव डा. आलोक शुक्ला ने मेडिकल कॉलेज के डीन को अनुशासन समिति की बैठक जल्द आहूत करने के निर्देश देकर समिति की अनुशंसा पर कार्रवाई करने के रास्ते को सरल बनाने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज में बैठक मंगलवार को रखी गई है। इस बैठक में दो दिनों की मोहलत देते हुए जूडा को 16 अक्टूबर तक काम पर लौटने की हिदायत दिए जाने की संभावना है, इसके बाद 17 अक्टूबर से पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
अस्पताल की व्यवस्था संभली
जूडा हड़ताल से प्रभावित आंबेडकर अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था संभालने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बाहर से डाक्टरों की टीम बुलाई है। इस टीम ने आते ही अस्पताल की व्यवस्था को काफी हद तक संभाल लिया है। पृथक सेवा देने बुलाई गई इस टीम को हडताल टूटने तक सेवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं।

कोट
हक की लड़ाई जीतकर रहेंगे
हम अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और इसे जीतकर रहेंगे। पंजीयन निरस्त करने के बाद भी हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

डॉ. कुणाल पाल, अध्यक्ष जूडा एसोसिएशन
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सीधी बात (प्रताप सिंह, डीएमई)

0 जूडा हडताल पर सरकार क्या स्टैंड ले रही है?
0 सरकार का स्टैंड साफ है, जूडा हड़ताल छोड़कर काम पर लौटें, ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
0 जूडा की मांगे क्या जायज नहीं है?
0 नहीं, उनकी मांगे बिल्कुल नाजायज है, अस्पताल में काम करना उनके प्रैक्टिकल का हिस्सा है, पढ़ाई के दौरान उन्हें वेतन जैसी सुविधाएं नहीं दी जा सकती।
0 पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई कब होगी?
0 जूडा का यह मामला अनुशासनहीनता के दायरे में आता है, इसलिए मेडिकल कॉलेज की अनुशासन समिति की बैठक में ही यह निर्णय लिया जाएगा कि जूडा का पंजीयन निरस्त किया जाए या नहीं।
0 स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
0 कुछ कानूनी पेचीदगियां हैं जिसके कारण विभाग सीधे तौर पर कार्यवाही नहीं करना चाहता। हालांकि मेडीकल कॉलेज के डीन को कार्रवाई का सीधा अधिकार है।
0 कार्रवाई के लिए मेडिकल कॉलेज के डीन को क्या कोई निर्देश दिया गया है?
0 जी हां, मेडिकल कॉलेज के डीन को विभाग की ओर से निर्देशित कर दिया गया है। हड़ताल से वापस नहीं आने पर सभी जूनियर डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
0 क्या जूडा को काम पर लौटने की मोहलत दी गई है?
0 हमारी तरफ से कोई मोहलत नहीं दी गई है। अनुशासन समिति ही इस मामले में निर्णय लेने का अधिकार रखती है। हालांकि जूडा जिद पर अडेÞ रहे तो अस्पताल नहीं लौटने वालों पर कड़ी कार्यवाही तय है।
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सीधी बात…(डा. आलोक शुक्ला, स्वास्थ्य सचिव)
0 जूडा की मांगों पर सरकार की मंशा क्या है?
सरकार ने उनकी सभी 8 मांगो को माना है, इसमेंं स्टाईफंड की वृद्धि के मामले में भी सरकार ने 25 सौ की वृद्धि करने की मांग मानी है, लेकिन जूडा 15 हजार बढ़ाने की मांग कर रहे हैं जो नाजायज है, इसे सरकार किसी भी हालत में नहीं मानेगी।
0 स्टाईफंड तो कुछ वर्ष पहले भी बढ़ाया गया था?
0 जी हां, दो वर्ष पहले राज्य सरकार ने जूडा के स्टाईफंड में लगभग 35 प्रतिशत की वृध्दि की थी जिसके चलते उन्हें पढाई के दौरान ही 30 से लेकर 35 हजार तक स्टाईफंड के रूप में मिल रहे हैं। अब जूडा इसे 50 हजार करने की मांग कर रहे हैं जो गलत है।
0 जूडा को किसी तरह का सरकार की ओर से नोटिस दिया गया है क्या?
0 जूडा को काम पर लौटने के लिए भरपूर समय दिया गया हैं हालांकि अंतिम रूप से उन्हें अगले 4 दिनों की मोहलत दी जा रही है, इसके बाद भी नहीं लौटने पर उनके खिलाफ सरकार सख्त कार्यवाही करेगी। हमने कालेज डीन को भी इस मामले में उचित निर्णय लेने के लिए फ्री हैंड दे दिया है।
हरिभूमि से साभार

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