काम की बातें

धूपन करें, मच्छर भगाएं

सुरेंद्र चौधरी
से.नि. क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, उत्तर प्रदेश

मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया। ये तीनों बीमारियाँ मच्छरों के द्वारा होती हैं अथवा फैलती हैं। जहाँ मलेरिया एनाफलिज प्रजाति से फैलता है वहीं डेंगू और चिकनगुनिया मादा एडिज प्रजाति के मच्छरों से फैलता है। वातावरण में अत्यधिक नमी, जगह जगह पानी का भराव, झाडिय़ाँ और अंधेरे स्थान मच्छरों के प्रजनन की सर्वोत्तम और अनुकूल परिस्थितियाँ हैं। मलेरिया को छोड़ अन्य दोनो व्याधियाँ वायरस जनित हैं जिनके लिए आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में कोई प्रतिरोधक चिकित्सा उपलब्ध नहीं है।
ध्यान से सोचें तो एक सरल उपाय दिखता है- अगर मच्छर न हो तो इन ख़तरनाक बीमारियों से किसी हद तक बचना सम्भव प्रतीत होता है। आज आधुनिक आवासीय सुविधाओं एवं पद्धतियों में प्राचीन परंपराओं का प्रयोग कम हो गया है। कभी किसी जमाने में इस तरह के रोगों के लिए गाँव गाँव घर घर धूपन का प्रयोग किया जाता था। जिसे स्थानीय भाषा में ‘धूमनी देना’ भी कह देते थे। देहात में भिक्षुओं का एक वर्ग इस धूपन सामग्री के साथ घर-घर जाता और भिक्षा के साथ ही वातावरण से इन अनजान वायरस को भी नष्ट करता था। पशुओं को भी इस तरह की बीमारियों से बचाने के लिए धूपन सामग्री का प्रयोग किया जाता रहा है जो वायरस जनित मानी जाती रही हैं। अब हम बहुमंजिला आवासीय परिसरों में रहने लगे जहाँ पर स्मोक डिटेक्शन सेन्सर लगाना अनिवार्य हो गया है। जिनमें की इस तरह की वैदिक क्रियाओं जैसे हवन और धूपन का स्थान ही नहीं रह गया है।
हम और आप साधारण धूपन सामग्री का प्रयोग कर इन व्याधियों के जनक मच्छर और उसके दुष्परिणाओं को किसी हद तक कम कर सकने में सफल अवश्य हो सकते हैं। धूपन सामग्री में गूगल, लोबान, अजवायन समान मात्रा में और कपूर युक्ति अनुरूप-यह अनिवार्य घटक हैं। सूखे नीम व तुलसी पत्र, गिलोय (यदि उपलब्ध हो तो), हवन सामग्री, देशी घी, आम,अर्जुन की छाल अथवा नीम की सुखी लकड़ी। विधि- किसी मिट्टी के पात्र अथवा घर में उपलब्ध प्लेट में सुखी लकडिय़ाँ रख उसके ऊपर घी मिली हवन सामग्री इस तरह से रखें कि लकडिय़ों के बीच रखा कपूर जलाया जा सके। गूगल,लोबान,अजवायन को हवन सामग्री में भी मिला सकते हैं अन्यथा अग्नि प्रज्वलित होने पर डाल सकते है। सावधानी यह रखनी है है एक बार अग्नि प्रज्वलित होने पर वह सामग्री तथा गूगल, लोबान, अजवायन को जलने न देकर धूम निकलने की स्थित में बनाये रखें। गूगल व लोबान दोनो के टुकड़े कर प्रयोग किया जा सकता है। इस धूपन सामग्री का प्रयोग प्रतिदिन घरों, सोसायटीज़ के साथ साथ घर के बाहर भी नियमित रूप से कर सकते हैं। इसके प्रयोग से मच्छर व अन्य कीटाणुओं से छुटकारा मिल जाता है। घर की अलमारी में रखे कपड़े-जूते में भी इस धूपन का उपयोग करना चाहिए। इससे नमी से पनपने वाले फफूंद एवं कीटाणुओं की संख्या में कमी आती है।

Related posts

New way found to enhance strength and ductility of high entropy alloys

swasthadmin

Look beyond protected areas for conservation of endangered Hangul in Kashmir: study

swasthadmin

वैज्ञानिकों ने बनाया चलता-फिरता सौरकोल्ड स्टोरेज

swasthadmin

Leave a Comment

Login

X

Register