हमसे नहीं, हमारे विचारों से मिलिए। जब दिल को चोट लगती है तो एक आह निकलती है। यह आह एक चिंगारी को जन्म देता है और चिंगारी कब आग का रूप धारण कर लेती है मालूम ही नहीं चलता। 22 जून 2012 को पत्रकार आशुतोष कुमार सिंह के दिल पर दवा माफियाओं ने एक ऐसी ही चोट पहुंचायी थी। उनके मुंह से आह की आवाज आयी थी और आज वह आह रूपी चिंगारी ‘स्वस्थ भारत अभियान’ के रूप में आग की तरह फैल रही है।
देश के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे रावणों का संघार करने के लिए ही स्वस्थ भारत अभियान की शुरूआत हुई है। इस अभियान को गति देने के लिए www.swasthbharat.in वेबसाइट लॉच की जा रही है। यह वेवसाइट केवल स्वास्थ्य समाचार तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह वेबसाइट स्वास्थ्य समाधान पर भी बात करेगी। पिछले तीन वर्षों से जिस तरह से आप मित्रों का सहयोग मिलता रहा है, उम्मीद है आगे भी इसी तरह मिलता रहेगा।
हमारा सूत्र वाक्य है-स्वस्थ भारत विकसित भारत। तो आइए हम सब मिलकर भारत को स्वस्थ बनाने का संकल्प लें ताकि हमार हिन्दुस्तान पूरी तरह स्वस्थ होकर विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल हो सके।

क्या है स्वस्थ भारत अभियान?

‘स्वस्थ भारत अभियान’ हिन्दुस्तान को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। हिन्दुस्तान में स्वास्थ्य चिंतन का बहुत अभाव है, इसी अभाव को प्रभाव में बदलने की एक कोशिश है स्वस्थ भारत अभियान।

क्या है कंट्रोल एम.एम.आर.पी
एम.एम.आर.पी. यानी कंट्रोल मेडिसिन मैक्सिमम रिटेल प्राइस कैंपेन पिछले तीन वर्षों से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि दवाइयों में मची लूट को रोका जाए।

क्या है जेनरिक मेडिसिन अभियान
भारत दुनिया के बड़े जेनरिक दवा उत्पादकों में से एक है। बावजूद इसके भारत की गरीब जनता को ब्रांड के नाम पर महंगी दवाइयों खिलाने की साजिश रची जा रही है। इस दिशा में जेनरिक मेडिसिन यानी ब्रांड रहित दवा के प्रसार करना हमारा ध्येय है ताकि लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सकें। ध्यान रहे जेनरिक दवाइयों के नामों को लेकर बहुत गलतफहमियां है, जिसे दूर करना जरूरी है। यह काम सरकार कर सकती है। सरकार पर इस बावत दबाव डालना बहुत जरूरी है।

तुलसी लगाएं

तुलसी का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। तुलसी कई रोगों से हमें बचाती है। अतः तुलसी के पौधे का जितना रोपण हम कर सकते हैं करना चाहिए। इस दिशा में हम लोगों को लगातार जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।