SBA विशेष समाचार स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ

आओ शुरू करें, स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ

सच यह भी है कि गांधी को स्वास्थ्य चिंतक के रुप में हम और आप कम ही जानते हैं। गांधी को समझना है तो उनके स्वास्थ्य चिंतन के पक्ष को समझना जरूरी है। स्वस्थ भारत यात्रा के दौरान हमने महात्मा गांधी को स्वास्थ्य चिंतक के रुप में समझने का प्रयास किया था। 21000 किमी के इस यात्रा के दौरान महात्मा गांधी को जानने-समझने का मौका हमारी टीम को मिला था। ऐसे में यह बात निकलकर सामने आई थी कि गांधी को एक स्वास्थ्य चिंतक के रूप में उतनी पहचान नहीं मिल पाई जितनी मिलनी चाहिए थी। जबकि उनके चिंतन का यह एक मुख्य तत्व था। इसी कड़ी में गांधी के स्वास्थ्य चिंतन पर 21 जून 2017 को बिहार के सुदूर क्षेत्र बटहा, समस्तीपुर में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ था। वहां से गांधी को स्वास्थ्य चिंतक के रूप में समझने की औपचारिक शुरूवात हुई थी। उसी कड़ी को हम आगे बढ़ाते हुए गांधी के स्वास्थ्य चिंतन को 51 कहानियों की वेब सीरीज के माध्यम से समझने का प्रयास करने जा रहे हैं।

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समाचार

मनसुख भाई मांडविया की पाठशाला में जनऔषधि से जुड़े कर्मचारियों की लगी क्लास…

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया ने पिछले दिनों बीपीपीआई के झंडेवालान दफ्तर गए थे। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की प्रोगरेस रिपोर्ट की जाँच-पड़ताल के संग-संग इस योजना को जन-जन तक कैसे पहुंचाया जाए इसको लेकर पीएमबीजेपी के अधिकारियों से लंबी बातचीत भी किए। अपने ट्वीटर पर जारी किए फोटोग्राप्स में वे अधिकारियों को हिदायत देते हुए दिख रहे हैं।

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समाचार

सरकारी अस्पताल ने बताया एचआइवी पोजिटिव, मामला थाने पहुंचा, यूपी के देवरिया जिला का है मामला

यह बहुत ही संगीन मामला है। किसी के जिंदगी और मौत से जुड़ा मामला है। निलू उपाध्याय की जिंदगी में एक गलत रिपोर्ट ने अंधेरा कर दिया था। बाद में जब मालूम हुआ कि सरकारी अस्पताल ने गलत रिपोर्ट दी है….तब परिवार वालों के जान में जान आई….लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस तरह की लापरवाही कोई सरकारी अस्पताल कर कैसे सकता है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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SBA विशेष

जनऔषधि केंद्रों तक नहीं पहुंच रही दवाइयां, अब ऐप से मिलेगी मदद!

कश्मीर के ही अनंतनाग में नाजीर अहमद भट की अपनी अलग कहानी है. 5 लाख रुपए खर्च कर के जनऔषधि की दुकान उन्होंने खोली है. उनका भी दर्द यही है कि उन्हें समय से दवाई नहीं मिल पा रही है. नाजीर अहमद ने अपनी नाखुशी का इजहार करते हुए अपने यहां आए एक मरीज से भी बात कराई. मरीज का कहना था कि वह एक महीने से आ रहा है लेकिन जो दवाईयां उसे चाहिए वह दुबारा यहां से नहीं मिल पाई हैं.

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समाचार

बिहार में जनऔषधि केन्द्र खोलना हुआ आसान, बिहार सरकार देगी सरकारी अस्पतालों में स्थान

जेनरिक दवा को लोगों तक पहुंचाने के लिए बिहार सरकार इन दिनों कमर कस चुकी है।  एक नए आदेश में बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जनऔषधि केन्द्र खोलने  के लिए मुफ्त में स्थान देने  की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले को बहुत सराहा जा रहा है। सरकार के इस फैसले से जहां जनऔषधि केन्द्र खोलने में सहुलियत होगी वहीं फार्मासिस्टों के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर है खुद को स्वरोजगार से जोड़ने का।

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SBA विशेष

पीएम जनऔषधि परियोजना को अंतिम जन तक पहुंचाने की कवायद

पीएमबीजेपी की अगर बात करें तो ऐसा पहली बार हो रहा है कि पीएमबीजेपी के टॉप मॉस्ट अधिकारी जनऔषधि संचालकों से मिल रहे हैं। उन्हें सेमिनार में बुलाया जा रहा है। उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं। ऐसा पहले नहीं देखने को मिल रहा था। जनऔषधि संचालकों को राम-भरोसे छोड़ दिया गया था। चिकित्सकों से इस योजना के बारे में चर्चा नहीं की जा रही थी। लेकिन अब आम लोग से लेकर चिकित्सक, फार्मासिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता सभी को इस योजना से जोड़ा जा रहा है। और इस योजना को सफल बनाने की सार्थक कोशिश की जा  रही है। इसी कड़ी में इस पिछले सप्ताह 20 जुलाई को गुजरात के सूरत में जनऔषधि को लेकर पीएमबीजेपी ने एक सेमिनार आयोजित किया था। इस आयोजन में  जनऔषधि स्टोर चला रहे संचालकों एवं स्थानीय चिकित्सकों को भी बुलाया गया था। स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं पीएमबीजेपी को मजबूत करने के इरादे से आयोजित यह सेमिनार बहुत सफल रहा। चिकित्सकों के मन में जेनरिक दवाइयों को लेकर व्याप्त भ्रम तो दूर हुआ ही साथ ही जनऔषधि संचालकों को काम करने की एक नई ऊर्जा भी मिली।

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SBA विशेष फार्मा सेक्टर साक्षात्कार

अगले दो महीने में आपूर्ति की समस्या का निदान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : सचिन कुमार सिंह, सीइओ  पीएमबीजेपी

हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है कि जो स्टोर खुल चुके हैं, उनको इस तरह से बनाना कि वे कमर्सियली वायबल बन सके। स्टोर संचालकों की आमदनी इतनी हो सके कि वे अपने स्टोर को सार्थक तरीके से रन कर सकें। इससे और दोगुने जोश के साथ वे इस परियोजना को सफल बनाने में लगेंगे। कोई भी मानव सेवा तभी कर सकेगा, जब वह खुद सस्टेन कर पाए। इसके लिए हमने अपने सभी मार्केटिंग ऑफिसर्स के कहा है कि वे स्टोर्स की सेल बढाने में सहयोग करें। वे चिकित्सकों के पास जाएं। उन्हें जन औषधि के फायदे के बारे में बताएं। उन्हें यह सुनिश्चित करें कि जन औषधि की दवाइयां गुणवत्तायुक्त एवं सस्ती हैं। इतना ही नहीं वे जनता के बीच में भी जाएं।

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SBA विशेष

दांव पर चिकित्सकों की साख!

आज 1 जुलाई को देश राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मना  रहा है। देश-दुनिया में यह दिवस बहुत ही संवेदनशीलता के साथ मनाया जाता है और चिकित्सकों को उनके नेक काम के लिए समाज की तरफ से कृतज्ञता ज्ञापित किया जाता है। भारत में राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस जाने-माने समाज सेवी एवं पं.बंगाल के पहले स्वास्थ्य मंत्री एवं दूसरे मुख्यमंत्री रह चुके भारत रत्न विधानचन्द्र राय के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ.बी.सी.राय ने अतुलनीय काम किया है। सच तो यह है कि देश के चिकित्सक डॉ.बी.सी.राय को अपना नायक मानते हुए जन-सरोकारिता को अपनाएं साथ ही समाज के लोग अपने चिकित्सकों का विशेष ख्याल रखें, उनके साथ किसी भी तरह की अभद्रता न करें और संवाद का सहारा लें। इतना ही नहीं देश की सरकारों को भी चिकित्सा व्यवस्था की अव्यवस्था को दूर करने में और तीव्र गति से आगे आना होगा। तभी हम एक स्वस्थ समाज की परिकल्पना को पूर्ण कर सकते हैं!

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SBA विशेष विविध स्वास्थ्य स्कैन

मोदी सरकार के चार वर्षः ग्रामीण स्वास्थ्य की बदलती तस्वीर

आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत अभियान, पोषण अभियान, इंद्रधनुष अभियान, नल-जल योजना, उज्ज्वला योजना सहित तमाम ऐसी योजनाएं बीते चार वर्षों में लागू हुई हैं। इसका सकारात्मक असर देश के शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण एक क्रांतिकारी सामाजिक बदलाव की तरह दिख रहा है। प्रत्येक गांव में आशा कार्यकर्ताओं की उपलब्धता ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को मजबूति प्रदान की है। बावजूद इसके भारत जैसे बड़े भूभाग एवं जनसंख्या वाले देश के लिए अपने नागरिकों की स्वास्थ्य को सेहतमंद बनाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती है। और इस चुनौती को इस सरकार ने बीते चार वर्षों में सफलतापूर्वक स्वीकार किया भी है।

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SBA विशेष आयुष काम की बातें

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष: वैश्विक होता योग

आशुतोष कुमार सिंह बड़ी आबादी वाले अपने देश में स्वस्थ समाज के निर्माण का कार्य बहुत बड़ी चुनौती है। विकास की दौड़ में गर सबसे ज्यादा नुकसान किसी चीज का हुआ है तो वो हमारा स्वास्थ्य ही है। अपने देश में अंग्रेजी दवा बाजार तकरीबन 90 हजार करोड़ रुपये (वार्षिक) का है। पिछले दिनों स्वस्थ भारत यात्रा […]

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