Entries by देवेन्द्र शर्मा

मानवता को शर्मसार करते चिकित्सकों का घिनौना सच

कलयुग में भगवान का रूप माने जाने वाले डॉक्टरों के इस घिनौने चेहरे ने मानवता को भी शर्मसार कर दिया हैं। कहीं रूपयों की भूख तो कहीं जानलेवा लापरवाही ने डॉक्टर्स के ईश्वरीय चेहरे पर ही कालिख पोत दी हैं।

मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा मुंबई में राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों की शिकायत सुनने के लिए आयोजित कार्यक्रम का हैं,यहाँ पर उक्त राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के सामने विभिन्न राज्यों से आए लोगों ने अपनी पीड़ा बताई तो रोंगटे खड़े हो गए। किसी को एनिस्थीसिया दे दिया गया कि वह जीवनभर के लिए अपाहिज हो गया तो साधारण महिला को एचआईवी पॉजिटिव बता दिया गया ।

डिजिटल इंडिया को कुपोषण की चुनौती …

डिजिटल होने जा रहे इंडिया का एक खौफ़नाक सच हैं कुपोषण…राजस्थान के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बेहद शर्मनाक स्थिति सामने आ रही हैं। 1179 करोड़ रूपयों के वार्षिक खर्च के बावजूद प्रति हजार में से 74 बच्चे पांच साल से पहले ही कुपोषण के कारण अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। पिछड़े कहे जाने वाले बिहार,झारखंड और छत्तीसगढ़ भी पोषण के मामले में राजस्थान से कहीं आगे हैं..होने को तो प्रदेश में 147 कुपोषण उपचार केन्द्र हैं जिनके उपर 100 करोड़ रूपए प्रति माह खर्च हो रहे हैं, ऐसे में कुपोषण के मामले में राज्य का पूरे देश में पांचवें स्थान पर रहना बहुत कुछ कह रहा हैं..यह सौ करोड़ रूपये कहाँ जा रहा है,इसका हिसाब लेने वाला कोई नहीं हैं। कई जगह तो ये केन्द्र बंद ही पड़े हैं ऐसे में कुपोषण से हारते बचपन को बचाने की सरकारी कवायद कैसे सफल होगी..?