Entries by Vinay Kumar Bharti

छत्तीसगढ़ एफडीए के खिलाफ फार्मासिस्टों की हल्ला बोल रैल्ली दस को

4 फरवरी 2017/ रायपुर : छत्तीसगढ़ एफडीए में फैले भ्रष्टाचार को लेकर छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्ट काफी आक्रोशित है. पुरे प्रदेश में नियमों की धज्जियाँ उड़ा कर दवा दुकानों का सञ्चालन किया जा रहा है. ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट, फार्मेसी प्रेक्टिस रेगुलेशन को सख्ती से लागु करने जैसे तमाम मुद्दे के साथ अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने आगामी दस फ़रवरी को नया रायपुर स्थित एफडीए मुख्यालय का घेराव व धरना प्रदर्शन की घोषणा की है.

PCI के वाइस प्रेसिडेंट शैलेन्द्र सराफ ने संभाली अभियान की कमान

3 फरवरी2017/ रायपुर:

रिटेल की तर्ज़ पर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर देश के कोने कोने से फार्मासिस्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को समर्थन पत्र भेज रहे हैं ! इसी क्रम में आज देश के बड़े फार्मासिस्ट संस्थानों में एक रायपुर स्थिति पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी में आज छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने अभियान चला कर हज़ारों की संख्या में पत्र एकत्रित गया ! अभियान का नेतृत्व कर रहे सीजीवाईपीए के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि दवा सिर्फ कारोबार नही है यह आमलोगों के जीवन से जुड़ा मसला है ! जबकि सरकार ने दवाई के देखरेख व वितरण के लिए ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट और फार्मेसी प्रेक्टिक्स रेगुलेशन बनाया है ! एक्ट में यह स्पस्ट प्रावधान है कि दवा वितरण फार्मासिस्ट के हाथों की किया जाना है ! राहुल ने बताया कि पुरे छत्तीसगढ़ में दसवीं फेल दवा कारोबारी दवा वितरण का कार्य कर रहे हैं ! बतातें चलें कि छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसो

केवल फार्मासिस्ट को ही मिले ड्रग लाइसेंस – KPPA

कोज़्हिक्कोड (केरल )/2 फरवरी 2017:

रिटेल की तरह होलसेल ड्रग लाइसेंस में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता करने को लेकर ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट को प्रभावी बनाने को लेकर देश भर के फार्मासिस्ट और फार्मासिस्ट संगठन पत्र लिख रहे हैं. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुवे केरल प्राइवेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन (KPPA) के तत्वाधान में कोज़्हिक्कोड में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्ट प्रतिभागियों ने स्वास्थ मंत्रालय को सैकड़ों की संख्या में पत्र लिख कर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को पुराने बने लाइसेंस में भी प्रभावी बनाने हेतु अपनी आप्पति पत्र भेजे हैं.

फार्मासिस्टों के पे ग्रेड 3600 से बढाकर 4200 करने को लेकर फैसला ले सकती है सरकार …

जयपुर:२7 जनवरी

वेतन में बढ़ोतरी को लेकर राजस्थान के फार्मासिस्टों में एक बार फिर आस बढ़ी है. सूत्रों के अनुसार बजट सत्र के दौरान फार्मासिस्टों के पे ग्रेड को नर्सिंग और लेब टेक्नीसियन के समतुल्य करने को लेकर चर्चायें गर्म है. राजस्थान के फार्मासिस्ट फारूक अली ने बताया कि बसुंधरा सरकार से उन्हें कई उम्मीदें है. फारूक ने आगे बताया कि राजस्थान में नर्सिंग कर्मचारियों और लेब टेक्निशन को 4200 का पे स्केल दिया जाता है, जबकि फार्मासिस्ट को अबतक 3600 रुपए ही मिल रहे है. बतातें चले की पंजाब और उत्तराखंड सरकार में फार्मासिस्ट कैडर का वेतन 4200 रुपए दिए जाते हैं.

अखिलेश सरकार की वेबपोर्टल जनसुनवाई पर अवैध दवा दुकानों के मामले सबसे अधिक

लखनऊ /27 जनवरी :

एक तरफ जहाँ यूपी में चुनाव सर पर है दूसरी तरफ अखिलेश सरकार के अफसरों पर काम का दबाब बढ़ गया है. अखिलेश सरकार के वेबपोर्टल jansunwai.up.nic.in इन पर इनदिनों फ़र्ज़ी व बगैर फार्मासिस्ट चल रहे मेडिकल दुकानों की खूब शिकायत आ रही है. इसे लेकर ड्रग डिपार्टमेंट के अफसरों में अफरातरफरी मची हुई है. यूपी एफडीए ऑनलाइन होते ही करीब 30 हज़ार से ज्यादा ही अवैध व फ़र्ज़ी तरीके से बने ड्रग लाइसेंस का पर्दाफाश हो गया. अखिलेश सरकार ने औषधी प्रशाशन को फ़र्ज़ी रूप से मेडिकल चला रहे दवा कारोबारियों पर एफआईआर करने सख्त आदेश दे रखें है.

ड्रग इस्पेक्टर रविन्द्र गेंदले को एसीबी ने दबोचा

दुर्ग : जीले में पदस्थापित ड्रग इंस्पेक्टर रविंद्र गेंदले को एंटी करप्सन डिपार्टमेंट ने गिरफ्तार कर लिया है ! जानकारी के मुताबिक गेंदले एक मेडिकल स्टोर के ससपेंड लाइसेंस को बहाल करने के एवज़ में अस्सी हज़ार रूपये के मांग कर रहा था ! छत्तीसगढ़ स्टेट युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल बर्मा ने एसीबी की करवाई की सराहना करते हुवे कहा की ड्रग इंस्पेक्टर गेंदले की करतूतों से फार्मासिस्ट काफी परेसान थे ! कई बार शाशन को पत्र लिखने के वावजूद उसपर कोई करवाई नहीं हो रही थी ! वही वैभव शास्त्री ने कहा की रविन्द्र

बेटी पैदा हुई तो दवा पर मिलेगी छूट …

बेटी बचाओ अभियान के प्रणेता डॉ. गणेश राख द्वारा चलाए जा रहे बेटी बचाओ आंदोलन धीरे धीरे जनांदोलन का रूप लेता जा रहा हैl बेटी बचाओ जनांदोलन की गूंज हरियाणा, पंजाब दिल्ली होते हुए अब झारखण्ड पहुँच चुकी हैl पेशे से फार्मासिस्ट जीतेन्द्र शर्मा ने आदित्यपुर, जमशेदपुर स्थित अपने प्रतिष्ठान उमा मेडिकल में बेटियों के जन्म पर दवा में 15% छूट देने का एलान किया है. आज उमा मेडिकल में हुए एक कार्यक्रम के दौरान जीतेन्द्र शर्मा ने इस बात की औपचारिक घोषणा की.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुवे जीतेन्द्र ने बताया की उनकी खुद दो बेटियां है. उन्होंने आगे कहा की उन्हें इस की प्रेरणा पुणे के चिकित्सक व बेटी बचाओ आंदोलन के प्रणेता डॉ. गणेश राख से मिली। जीतेन्द्र शर्मा के इस कदम से जहाँ जमशेदपुर में उत्साह का माहौल है वही डॉक्टरों व समाजसेवियों ने भी उनके इस कदम का स्वागत किया है.

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की निगरानी में हो यूपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल का चुनाव – जयदीप गुप्ता

उ.प्र.फार्मेसी कौंसिल में डी.पी.ए. के सदस्य वर्षों से नामित सदस्य के रूप में काबिज है कौंसिल में उ.प्र.के बेरोजगार फार्मासिस्ट, स्नातक फार्मासिस्ट,दवा व्यापारियों से कोई भी प्रतिनिधित्व नहीं है न ही कौंसिल में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन (डी.पी.ए.) सरकारी फार्मासिस्टों का संगठन अन्य किसी को नामित होने देता है पिछले दिनों माननीय उच्च न्यालय की लखनऊ बेंच ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कौंसिल के निर्वाचित सदस्यों को अयोग्य घोषित करते हुये कौंसिल को भंग कर दिया था जिसके बाद उ.प्र.शासन के निर्देश पर कौंसिल में नये चुनाव की अधिसूचना जारी की गई जो कि आधी अधूरी व उ.प्र फार्मेसी रूल्स 1955 के अनुरूप नहीं है उक्त की सूचना मात्र लखनऊ के आस-पास के समाचार पत्रों में प्रकाशित कर इतिश्री कर दी गयी साथ ही उ.प्र.फार्मेसी रूल्स 1955 के नियम-1 में दिये गये प्रारूप-E के 12 बिन्दुओं को शामिल न करते हुये अपनी स्वयं की तैयार वोटर लिस्ट आधी-अधूरी कौंसिल के वेवसाइट पर अपलोड कर फार्मासिस्टों को अपने नाम देखने व आपत्ति दर्ज करने को कहा गया जिसमे से भारी संख्या में वैध फार्मासिस्टों के नाम उक्त लिस्ट हटा दिये गये,कई फार्मासिस्टों के एक से अधिक जगह नाम दर्शाये गये ताकि उन्हें मताधिकार व चुनाव लड़ने से रोका जा सके अनेक ऐसे सरकारी फार्मासिस्टों का नाम शामिल कर दिया गया क्योंकि वह डी.पी.ए.के सदस्य हैं वहीं उ.प्र.से स्थान्तरित हो गये हजारों उतराखंड व अन्य राज्यों के फार्मासिस्टों को शामिल कर लिया गया ताकि उनकी फर्जी वोटिंग करायी जा सके कौंसिल में उक्त सूचि की हार्ड कॉपी मांगी गई तो उसे देने से इंकार कर दिया गया इस पर पंजीकृत फार्मासिस्टों द्वारा जो अपने प्र्त्यावेदना पत्र दिये गये उनका कोई निश्तारण अभी तक नहीं किया गया कौंसिल में हजारों की संख्या में फर्जी फार्मासिस्टों के पंजीयन किये गये हैं इस पर समय समय पर माननीय उच्च न्यालय द्वारा टिप्पणी की हैं व माननीय उच्च न्यायलय द्वारा जाँच के आदेश भी दिये गये जिस पर जाँच भी चल रही है जो कि उ.प्र.का सतर्कता विभाग कर रहा है, इससे पूर्व उ.प्र.शासन द्वारा उ.प्र.फार्मेसी कौंसिल जाँच आयोग माननीय उच्च न्यालय इलाहाबाद के पूर्व न्यायधीश जस्टिस के.एल.शर्मा की अध्यक्षता में गठित किया गया था जिसने अपनी पहली संस्तुति में उक्त कौंसिल के किर्याकलापों पर गंभीर टिपण्णी की थी लेकिन कौंसिल ने

दो लाख आबादी को कवर करने वाली मलेरिया उन्‍मूलन प्रदर्शन परियोजना का शुभारंभ मांडला में होगा – श्री जेपी नड्डा

मलेरिया लोगों की प्रमुख स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है और मलेरिया ग्रसित देशों में आर्थिक वृद्धि की दर कम दर्शाई गई है इसको ध्‍यान में रखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बताया कि आईसीएमआर और सनफार्मा की भागीदारी के हिस्‍से के रूप में मलेरिया उन्‍मूलन में राष्‍ट्रीय ढांचे की सहायता के लिए मलेरिया उन्‍मूलन प्रदर्शन परियोजना-‘मलेरिया मुक्‍त भारत’ का गठन किया जाएगा, जिसकी घोषणा स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय द्वारा फरवरी 2016 में की गई थी। प्रदर्शन परियोजना की शुरूआत पहले मांडला से की जाएगी, जो मध्‍यप्रदेश के सबसे अधिक मलेरिया प्रभावित जिलों में से एक है। सनफार्मा मांडला जिले के 200,000 घरों के लिए 3 से 5 वर्ष की अवधि तक मलेरिया उन्‍मूलन कार्यक्रम चलाने के लिए राशि उपलब्‍ध करायेगी। मध्‍य प्रदेश की सरकार की मदद और इस सहयोग से मांडला जिले में मलेरिया उन्‍मूलन प्रदर्शन परियोजना कार्यान्‍वित की जाएगी।

IPGA का सेमिनार 25 जून को पटना में

आईपीजीए सेंट्रल कमिटी के वाईस चेयरमैन श्रीपति सिंह ने बताया की 25 जून की सुबह दिल्ली व अन्य शहरों से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पटना पहुंच रहे हैं श्रीपति सिंह ने बताया की ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया डॉ. जी. एन. सिंह के आने की प्रबल सम्भावना है । इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री समेत कई मंत्रियों को भी न्योता दिया है।