श्रीनगर के 18 वर्षीय युवा को ‘स्वच्छता ही सेवा’ का एम्बेसडर बनाया गया

नई दिल्ली/पीआइबी/25.9.17

श्रीनगर के युवा बिलाल डार को श्रीनगर नगर निगम का ब्रान्ड एम्बेसडर बनाया गया है। 12 वर्ष की उम्र से ही बिलाल डार ‘स्वच्छता अभियान’ में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में बिलाल डार का जिक्र किया था।

प्रमुख व्यक्तियों द्वारा स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम के अन्तर्गत आज रेल राज्य मंत्री श्री राजेन गोहेन ने गुवाहटी में श्रमदान कार्यक्रम में अपना योगदान दिया। उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री करम श्याम ने मणिपुर में स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारम्भ किया। चण्डीगढ प्रशासन के अधिकारियों ने केंद्र-प्रशासन सचिवालय परिसर में आयोजित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

भारतीय कोस्ट गार्ड ने अपने परिसर में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत स्वच्छता अभियान चलाया और पौधे लगाए। जहाज की साफ-सफाई करते हुए कचरा एकत्र किया और फिर उसका निपटान भी किया।

‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ आम लोगों के साथ-साथ कबाड़ का व्यवसाय करने वालों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है। इसके अलावे मच्छरों, मक्खियों से फैलने वाली बिमारियों की भी रोकथाम करने में मदद मिल रही है।

 

…और बिनोद कुमार की पहल रंग लायी

सेमिनार को सम्बोधित करते श्री बिनोद कुमार

हाल में ही दवा के होल सेल लाइसेंस में फार्मासिस्टों की अनिवार्यता को लेकर मीडिया में आई खबर ने फार्मा जगत में तहलका मचा दिया है।जहाँ एक तरफ फार्मासिस्ट संगठनों ने सरकार के इस पहल का भरपूर स्वागत किया वही केमिस्ट संगठनों ने विरोध। ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) के इस प्रस्ताव पर कई फार्मासिस्ट संगठन अपना-अपना दावा पेश करते भी नज़र आये। स्वस्थ भारत अभियान की पड़ताल में यह बात सामने आई की होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता की मांग सबसे पहले पटना के वरिष्ठ फार्मासिस्ट बिनोद कुमार ने  वर्ष 2005 में की थी।  पटना के तारामंडल सेमिनार हॉल में सन् 2005 में राष्ट्रीय फार्मासिस्ट सप्ताह मनाया गया था। इस आयोजन में बिनोद कुमार ने होलसेल में फार्मासिस्ट की जरुरत रेखांकित करते हुए सरकार व मीडिया का ध्यान इस विषय की ओर आकृष्ट कराया था। उस सम्मेलन में बिहार के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सकुनी चौधरी, ड्रग कंट्रोलर संगीत सिंह, इंडियन फार्मासिस्ट ग्रेजुएट एसोसिएशन सेंट्रल कमेटी दिल्ली के वरिष्ठ सदस्यों सहित फार्मा जगत के तमाम दिग्गज मौजूद थे ! बिनोद कुमार एक लम्बे अरसे से रिटेल से साथ साथ होलसेल दवा दुकानों के लिए भी लाइसेंस की मांग करते रहे और इसके लिए सरकार के आलाअधिकारियों से संपर्क स्थापित भी किए। कई बार तो उन्हें विपक्षियों के आलोचना का शिकार होना पड़ा। लेकिन वे अपनी बात से पीछे नहीं हटे। अंततः वर्ष 2012 में इंडियन फार्मासिस्ट ग्रेजुएट एसोसिएशन (IPGA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल कुमार नासा ने बांकीपुर क्लब  पटना में बिनोद कुमार के इस स्टैंड को जरुरी बताते हुए औपचारिक रूप से इस प्रस्ताव को सरकार के समक्ष रखने की बात कही। आईपीजीए सेंट्रल कमिटी के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप पिछले महीने ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड के अधिकारिओं ने इस मसौदे को हरी झंडी दे दी !

फार्मासिस्ट ग्रेजुएट एसोसिएशन, बिहार चेप्टर के अध्यक्ष बिनोद कुमार ने स्वस्थ भारत अभियान से विशेष बातचीत में  बताया कि फार्मा सेक्टर में रोजगार की कमी नहीं है ! दवा के उत्पादन से लेकर वितरण तक में फार्मासिस्टों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। सरकारी लिपापोती के कारण आज भी फार्मासिस्ट दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं ! महज़ ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 और फार्मेसी एक्ट 1948 को ठीक से लागू कर दिया जाए तो  देश के लाखों बेरोजगार फार्मासिस्टों को रोजगार मिल जाए और आम लोगों को सुरक्षित तरीके से दवा। फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 के लागू होने से फार्मासिस्टों का मान सम्मान बढ़ेगा !