SBA विशेष काम की बातें

सोशल एटॉप्सी की मदद से कम हो सकती हैं असामयिक मौतें

सामाजिक जागरूकता नहीं होने के कारण अक्सर लोग पीलिया, लकवा, सांप काटने जैसी समस्याओं में चिकित्सकीय इलाज को छोड़कर घरेलू उपचार या झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं। इस मामले में बुजुर्गों और महिलाओं की आमतौर पर उपेक्षा की जाती है और उनके इलाज में लापरवाही बरती जाती है। परिवार में युवाओं की प्रवृत्तियों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाने से भी समस्या को बढ़ावा मिलता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, समाज में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की परिवारों तक पहुंच, बीमारियों की पहचान तथा निदान और नशे की लत के बारे में जागरूकता का प्रसार जरूरी है। इसके लिए सोशल एटॉप्सी जैसे टूल की मदद से देश के अन्य क्षेत्रों में भी मृत्यु के सामाजिक कारणों की पहचान की जा सकती है और असामयिक मौतों को रोका जा सकता है। 

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अस्पताल समाचार

अंखड ज्योति आई अस्पतालः जहां 5 लाख लोगों की निःशुल्क हुई आंखों की सर्जरी…

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, अंखड ज्योति आई अस्पताल के रजनीकांत केन्द्र का उद्घाटन करते हुए आशा करता हूं कि  आंखों के देखभाल के क्षेत्र में  यह केन्द्र सस्ती एवं सुलभ सेवा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि यह केन्द्र उच्च गुणवत्ता की के साथ आंखों की देखभाल करने में सफल होगा और अंधेपन को दूर करने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक भी साबित होगा।

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SBA विशेष काम की बातें

Brain drain reversal is gathering steam

It is a silent change which has been occurring over the past one decade. The schemes launched to reverse the process of infamous ‘brain drain’ have finally started yielding results. The number of young scientists returning to do scientific research in India and taking up positions in research and academic institutions is steadily rising. The quality of research output of these returnees is also very high.

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काम की बातें समाचार

सैनेटरी पैड के सुरक्षित निपटारे के लिए नया उपकरण

देश भर में करीब 43.2 करोड़ उपयोग किए गए सैनेटरी नैपकिन हर महीने फेंक दिए जाते हैं। भविष्य में यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है। सैनेटरी नैपकिन का सही ढंग से निपटारा न होने से चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं क्योंकि उपयोग किए गए सैनेटरी नैपकिन में कई तरह के रोगाणु होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक हो सकते हैं। कई बार उपयोग के बाद सैनेटरी नैपकिन इधर-उधर फेंक देने से जल निकासी भी बाधित हो जाती है।

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काम की बातें मन की बात

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जरूरी है एक मुहिम

भारतीय वैज्ञानिकों ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसी हरित और पर्यावरण हितैषी प्रौद्योगिकीयों का विकास है, जो प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या को कम करने में मददगार साबित हो रही हैं। आईआईटी, हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक अपशिष्टों के पुनर्चक्रण के लिए संतरे के छिलकों की मदद से एक प्रभावी प्रौद्योगिकी का विकास किया है। इसी प्रकार वैज्ञानिकों के एक समूह ने प्लास्टिक से थर्माकोल जैसा एक ऐसा पदार्थ बनाया है, जो पानी से तेल को सोख सकता है। इस विधि से तेल के फैलाव जैसी समस्या का समाधान किया जा सकेगा।

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SBA विशेष काम की बातें स्वास्थ्य स्कैन

पढ़े-लिखे लोग भी एंटीबायोटिक दवाओं के खतरों से बेखबर

सर्वेक्षण में शामिल पोस्ट ग्रेजुएट लोगों में से आधे से ज्यादा यह नहीं जानते थे कि दवा स्ट्रिप्स पर लाल रेखा क्या संकेत करती है। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दवा स्ट्रिप्स पर लाल रेखा होने का तात्पर्य है कि उस दवा को डॉक्टर के परामर्श के बिना नहीं उपयोग करना चाहिए। उन्हें यह भी पता नहीं था कि ऐसी दवाओं को ओवर-द-काउंटर बिक्री की अनुमति नहीं है। कम शिक्षित लोगों की स्थिति इस मामले में अधिक खराब थी। स्नातक कर रहे 71 प्रतिशत और 58.5 प्रतिशत स्नातक लोग दवा स्ट्रिप्स पर ‘लाल रेखा’ के बारे में अनजान थे।

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काम की बातें समाचार

बेटियों को ‘सुविधा’ सिर्फ 10 रुपये में

पर्यावरण दिवस के पूर्व संध्या पर केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक  राज्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया ने बेटियों को ‘सुविधा’ के रूप में नई सौगात दी। ‘सुविधा’ नाम से ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन अब सिर्फ 10 रुपये में सरकार जनऔषधि केन्द्रों पर उपलब्ध करा रही है। इस अवसर पर बोलते हुए रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया ने कहा कि, भारत की महिलाओं को, बेटियों को स्वस्थ रखने के लिए हमने सैनिटरी नैपकिन इतने सस्ते में लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि 10 रुपये सुविधा के पैकेट में चार सैनिटरी नैपकिन रहेंगे, जबकि बाजार में उपलब्ध दूसरे ब्रांड इससे कई गुणा ज्यादा महंगे है।  इस पैड को अन्य दवा दुकानों पर भी उपलब्ध कराए जाने के सवाल पर श्री मांडविया ने कहा कि फिलहाल इसे  देश के 3600 जनऔषधि केन्द्रों पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी उपलब्धता को सुनिश्चित कराने में महिला संगठनों को जोड़ने की बात भी उन्होंने कही।

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SBA विशेष काम की बातें मन की बात

बच्चों! क्या आप अपने स्वास्थ्य को जानते हैं…

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस की सामाजिक स्थिति को समझने के लिए 12 देशों में एक शोध किया है। इस शोध में बताया गया है कि एंटीबायोटिक के प्रयोग को लेकर लोग भ्रम की स्थिति में हैं। इस सर्वे में 64 फीसद लोगों ने माना है कि वे मानते हैं कि एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस उनके परिवार व उनको प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह कैसे प्रभावित करता है और वे इसको कैसे संबोधित करें, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उदाहरणार्थ 64 फीसद लोग इस बात में विश्वास करते हैं कि सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक का उपयोग किया जा सकता है, जबकि सच्चाई यह है कि एंटीबायोटिक वायरसों से छुटकारा दिलाने में कारगर नहीं है। लगभग एक तिहाई लोगों ( 32 फीसद ) का मानना था कि बेहतर महसूस होने पर वे एंटीबायोटिक का सेवन बंद कर देते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उन्हें चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवा-कोर्स को पूर्ण करना चाहिए।

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SBA विशेष मन की बात रोग विविध

Encephalitis means inflammation of Brain

In simple terms, Encephalitis means inflammation of Brain. It can be mainly because of either a direct infection of the Brain by some organism or virus or because of an immune response to some provocation (infection or without infection also) outside the Brain.

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काम की बातें समाचार

Grants for new ideas to improve women and child health

A total of 13 ideas from India have been selected for the grants out of 100 selected globally. Grand Challenges Canada will invest over 10 million Canadian dollars to test new ideas to address challenges in women’s and children’s health in developing countries. The initiative is supported by the Canadian government.

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