SBA विशेष समाचार स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ

स्वच्छता अभियान : गांधी ही क्यों?

किसी भी संकल्प के पूर्ण होने पर यजमान को आशीर्वाद मिलता है। यजमान की मनोकामना पूर्ण होती है। यज्ञ में पूर्णाहुति करते हुए भी यजमान का मन अपूर्ण रह जाता है। वह एक संकल्प की पूर्ति से प्रेरणा लेकर दूसरा संकल्प लेता है। देश और समाज को यह विश्वास करना चाहिए कि प्रधानमंत्री द्वारा संचालित इस स्वच्छता यज्ञ की भी पूर्णाहुति होगी। पुनः देश के विकास के एक महत्त्वपूर्ण आयाम के लिए नया संकल्प लिया जाएगा, परंतु यह सब तभी संभव है, जब देश का एक-एक व्यक्ति इस यज्ञ में तन-मन और धन से आहुति देगा। प्रधानमंत्री ने पुस्तकों से पढ़कर गांधी के सपनों को अपनी आँखों में उतारा है। भारतीय नागरिकों को नरेंद्र मोदी की आँखों में आए सपनों को अपनी आँखों में उतारना होगा। तभी यह अभियान दीर्घायु होकर समाज के आचरण में स्थायी रूप से ढल जाएगा। गांधी की आत्मा को शांति मिलेगी ही, समाज भी स्वस्थ, समृद्ध और सुखी होगा।

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स्वास्थ्य की बात गांधी के साथः महात्मा गांधी के स्वास्थ्य चिंतन ने बचाई लाखों बच्चों की जान

प्‍यारे देशवासियों, 2014 में इसी लाल किले की प्राचीर से जब मैंने स्‍वच्‍छता की बात की थी, तो कुछ लोगों ने इसका मजाक उड़ाया था, मखौल उड़ाया था। कुछ लोगों ने ये भी कहा था अरे, सरकार के पास बहुत सारे काम हैं ये स्‍वच्‍छता जैसे में अपनी ऊर्जा क्‍यों खपा रहे हैं। लेकिन भाइयों-बहनों, पिछले दिनों WHO की रिपोर्ट आई है और WHO कह रहा है कि भारत में स्‍वच्‍छता अभियान के कारण 3 लाख बच्‍चे मरने से बच गए हैं। कौन हिन्‍दुस्‍तानी होगा जिसको स्‍वच्‍छता में भागीदारी बन करके इन 3 लाख बच्‍चों की ज़िन्‍दगी बचाने का पुण्‍य पाने का अवसर न मिला हो। गरीब के 3 लाख बच्‍चों की जिन्‍दगी बचाना कितना बड़ा मानवता का काम है। दुनिया भर की संस्‍थाएं इसको recognise कर रही हैं।

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समाचार

25  सितंबर से शुरू होगा प्रधानमंत्री आरोग्य अभियान, प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से की घोषणा

आयुष्मान भारत को लागू करने के लिए भारत सरकार अगले महीने 25 सितंबर से प्रधानमंत्री आरोग्य अभियान शुरू करने जा रही है। इस बात की घोषणा प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से की। प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘देश के गरीब से गरीब व्‍यक्ति को, सामान्‍य जन को, आरोग्‍य की सुविधा मिले, इसलिए गंभीर बीमारियों के लिए और बड़े अस्‍पतालों में सामान्‍य मानव को भी आरोग्‍य की सुविधा मिले, मुफ्त में मिले और इसलिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनआरोग्‍य अभियान प्रारंभ करने का तय किया है। ये प्रधानमंत्री जनअरोग्‍य अभियान के तहत आयुष्मान भारत योजना के तहत, इस देश के 10 करोड़ परिवार, ये प्रारंभिक है, आने वाले दिनों में निम्‍न मध्‍यम वर्ग, मध्‍यम वर्ग, उच्‍च मध्‍यम वर्ग को भी इसका लाभ मिलने वाला है।

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आओ शुरू करें, स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ

सच यह भी है कि गांधी को स्वास्थ्य चिंतक के रुप में हम और आप कम ही जानते हैं। गांधी को समझना है तो उनके स्वास्थ्य चिंतन के पक्ष को समझना जरूरी है। स्वस्थ भारत यात्रा के दौरान हमने महात्मा गांधी को स्वास्थ्य चिंतक के रुप में समझने का प्रयास किया था। 21000 किमी के इस यात्रा के दौरान महात्मा गांधी को जानने-समझने का मौका हमारी टीम को मिला था। ऐसे में यह बात निकलकर सामने आई थी कि गांधी को एक स्वास्थ्य चिंतक के रूप में उतनी पहचान नहीं मिल पाई जितनी मिलनी चाहिए थी। जबकि उनके चिंतन का यह एक मुख्य तत्व था। इसी कड़ी में गांधी के स्वास्थ्य चिंतन पर 21 जून 2017 को बिहार के सुदूर क्षेत्र बटहा, समस्तीपुर में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ था। वहां से गांधी को स्वास्थ्य चिंतक के रूप में समझने की औपचारिक शुरूवात हुई थी। उसी कड़ी को हम आगे बढ़ाते हुए गांधी के स्वास्थ्य चिंतन को 51 कहानियों की वेब सीरीज के माध्यम से समझने का प्रयास करने जा रहे हैं।

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समाचार

मनसुख भाई मांडविया की पाठशाला में जनऔषधि से जुड़े कर्मचारियों की लगी क्लास…

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया ने पिछले दिनों बीपीपीआई के झंडेवालान दफ्तर गए थे। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की प्रोगरेस रिपोर्ट की जाँच-पड़ताल के संग-संग इस योजना को जन-जन तक कैसे पहुंचाया जाए इसको लेकर पीएमबीजेपी के अधिकारियों से लंबी बातचीत भी किए। अपने ट्वीटर पर जारी किए फोटोग्राप्स में वे अधिकारियों को हिदायत देते हुए दिख रहे हैं।

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फार्मा सेक्टर समाचार

ऑक्सीटोसिन बैन होने की खबर झूठी है, यहां  से आप मंगा सकते हैं ऑक्सीटोसिन

ऑक्सीटोसिन बनाने एवं बेचने का अधिकार कर्नाटक एंटीबायोटिक एवं फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को नई दिल्ली/स्वस्थ भारत  डॉट इन बाजार में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन को बैन कर दिया गया है। सच्चाई यह है कि सरकार ने इसकी ब्रिक्री एवं बनाने का जिम्मा कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एवं फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (केएपीएल)  को दिया है। […]

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समाचार

असली हीरो बनें, हेमा मालिनी का संदेश

13 अगस्त को पूरी दुनिया विश्व अंगदान दिवस के रूप में मनाती है। अंगदान के प्रति लोगों को जागरुकता फैलाने के लिए हेमामालिनी ने अपने प्रशंसकों एवं देशवासियों को एक संदेश दिया है। सभी को असली हीरो बनने का सुझाव दिया है। उन्होंने ट्वीटर पर लिखे अपने संदेश में कहा है कि आपको असली हीरो बनना चाहिए। उनका कहने का तात्पर्य यह है कि असली हीरो वह है जो लोगों के लिए जीता-मरता है। अगर आप असली हीरो बनना चाहते हैं तो अंगदान करें। गौरतलब है कि लाखों लोग विभिन्न दुर्घटनाओं में अपनी जान इसलिए गंवा देते हैं क्योंकि समय पर उनके अंगों का प्रत्यारोपण नहीं हो पाता है।

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समाचार

सरकारी अस्पताल ने बताया एचआइवी पोजिटिव, मामला थाने पहुंचा, यूपी के देवरिया जिला का है मामला

यह बहुत ही संगीन मामला है। किसी के जिंदगी और मौत से जुड़ा मामला है। निलू उपाध्याय की जिंदगी में एक गलत रिपोर्ट ने अंधेरा कर दिया था। बाद में जब मालूम हुआ कि सरकारी अस्पताल ने गलत रिपोर्ट दी है….तब परिवार वालों के जान में जान आई….लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस तरह की लापरवाही कोई सरकारी अस्पताल कर कैसे सकता है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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समाचार

Northeast leads India to fight with health challenges: second health co-operative inaugurated in Silchar

The second health cooperative in India was inaugurated on Wednesday at Silchar Madhya Sahar Sanskriti auditorium. It was South Assam healthcare co-operative society Ltd. It is the second in Assam and first in Barak valley. Assam healthcare co-operative Ltd. is a first health co-operative in India as well as Assam. 

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Antibiotic-resistant genes found in Kerala mangrove ecosystem

Antibiotic resistance is increasing in various microbial populations. A new study by Indian researchers has revealed that antibiotic-resistant genes are present in micro-organisms of mangrove regions in Kerala also.

The researchers, who conducted the studies in four locations along Kerala coast, have found acriflavine, fluoroquinolone, beta-lactamase and methicillin-resistant genes in microbial populations in mangrove ecological systems. The genes having resistance to antibiotics have been found both in pristine environmental sites and regions affected by human activities.

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