SBA विशेष फार्मा सेक्टर स्वस्थ भारत अभियान

स्वस्थ भारत ने मनाया अपना तीसरा स्थापना दिवस, गांधी का स्वास्थ्य चिंतन व जनऔषधि की अवधारणा विषय पर हुआ राष्ट्रीय परिसंवाद

अंतरराष्ट्रीय मानक के हिसाब से पेटेंट फ्री मेडिसिन को जेनरिक दवा कहा जाता है। लेकिन भारत में साल्ट के नाम से बिकने वाली दवा को सामान्यतया जेनरिक माना जाता रहा है। वैसे बाजार में जेनरिक दवाइयों को ‘ऐज अ ब्रांड’ बेचने का भी चलन है, जिसे आम बोलचाल में जेनरिक ब्रांडेड कहा जाता है। लेकिन ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’ के अंतर्गत खुलने वाली सभी दवा दुकानों पर हम लोग विशुद्ध जेनरिक दवा रखते हैं। यहां पर स्ट्रीप पर साल्ट अर्थात रसायन का ही नाम लिखा होता है’ अपने लक्ष्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि,’बीपीपीआई का गठन 2008 में हुआ था। तब से लेकर 2014 तक उतनी सफलता नहीं मिली जितनी मिलनी चाहिए थी। लेकिन 2014 से सरकार ने इस दिशा में तेजी से काम किया है और आज हम 3350 से ज्यादा जनऔषधि केन्द्र खोलने में सफल रहे हैं। 2018-19 में जनऔषधि केन्द्रों की संख्या 4000 तक ले जाने का हमारा लक्ष्य है।

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देश के हर पंचायत में जरूरी है जनऔषधि केन्द्र

यह हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने का काम इधर के वर्षों में तेजी से हुआ है। विपल्व चटर्जी के मार्गदर्शन में काम को गति मिली। हम आशा करते हैं कि विपल्व जी देश के प्रत्येक पंचायत में एक जनऔषधि केन्द्र खोलने का संकल्प लेंगे। स्वस्थ भारत उनके इस नेक काम में हर संभव मदद करने की कोशिश करेगा।

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स्वस्थ भारत (न्यास) का तृतीय स्थापना दिवस के अवसर पर होगी जेनरिक दवाइयों की बात, मुख्य अतिथि विपल्व चटर्जी का होगा उद्बोधन

गौरतलब है कि स्वास्थ्य की दिशा में स्वस्थ भारत पिछले 3 वर्षों से लगातार काम कर रहा है। पिछले वर्ष स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश देने के लिए 21000 किमी की ‘स्वस्थ भारत यात्रा’ स्वस्थ भारत ने की थी। 2016 में स्वस्थ भारत की यूनर्जी टीम ने समुद्र के नीचे साइकिल चलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत ‘जेनरिक लाइए पैसा बचाइए’ कैंपेन पिछले 6 वर्षों से चल रहा है। स्वस्थ भारत को वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय जी एवं लोकगायिका मालिनी अवस्थी जी का संरक्षण प्राप्त है।

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सस्ती एवं गुणवत्तायुक्त दवा उपलब्ध कराने का जन-अभियान है प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजनाः विप्लव चटर्जी, सीईओ

जनऔषधि एक सामाजिक आंदोलन की अवधारणा है। इसमें चिकित्सकों की भूमिका बहुत अहम हैं। इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए चिकित्सकों का सहयोग अपेक्षित है। यह सच है कि चिकित्सकों का सहयोग उस रूप में नहीं मिल पाया है, जिस रूप में मिलना चाहिए था। लेकिन हम आशान्वित हैं कि देश के चिकित्सक भी इस पुनीत अनुष्ठान में अपनी आहूति और तीव्रता के साथ देते रहेंगे।

विविध समाचार

नीति आयोग ने ‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ रिपोर्ट जारी की,केरल , पंजाब और तमिलनाडु समग्र प्रदर्शन के मामले में सबसे आगे

स्वास्थ्य लक्ष्‍यों की  प्राप्‍ति में गति लाने के वास्‍ते सहकारिता और प्रतियोगी संघवाद का लाभ उठाने के लिए स्वास्थ्य सूचकांक एक उपकरण के रूप में विकसित किया गया है। यह राज्यों और संघ शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों के लिए वार्षिक स्‍तर पर लक्ष्‍यों की प्राप्‍ति के आंकलन के लिए एक  “उपकरण” के रूप में भी काम करेगा । उम्‍मीद की जाती है कि सूचकांक के वार्षिक प्रकाशन और सार्वजनिक डोमेन पर इसकी उपलब्धता सभी हितधारकों को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) लक्ष्य नंबर 3 की प्राप्‍ति के लिए सतर्क रखेगी।

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स्वस्थ भारत ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र, कहा जनऔषधि योजना विफल हो चुकी है

स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही स्वस्थ भारत अभियान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत किए जाने की मांग की है। स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने इस पत्र में प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना की विफलताओं के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि देश में 90 फीसद दवाइयां जेनरिक ही बिक रही हैं। फिर देश की तमाम दवा दुकानों पर ब्रांड के नाम पर जनता को क्यों लूटा जा रहा हैं। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि गर सरकार देश की सभी दवा दुकानों को राष्ट्रीयकृत कर दे और सभी दुकानों पर जनऔषधि दवाइयां मिलने लगे तो अलग से जनऔषधि केन्द्र खोले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश का दवा बाजार 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का हो गया है। महंगी दवाइयों के कारण लोग गरीबी रेखा से ऊबर नहीं पा रहे हैं ऐसे में बाजार में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना उचित नहीं है।

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श्रीनगर के 18 वर्षीय युवा को ‘स्वच्छता ही सेवा’ का एम्बेसडर बनाया गया

श्रीनगर के युवा बिलाल डार को श्रीनगर नगर निगम का ब्रान्ड एम्बेसडर बनाया गया है। 12 वर्ष की उम्र से ही बिलाल डार ‘स्वच्छता अभियान’ में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में बिलाल डार का जिक्र किया था।श्रीनगर के युवा बिलाल डार को श्रीनगर नगर निगम का ब्रान्ड एम्बेसडर बनाया गया है। 12 वर्ष की उम्र से ही बिलाल डार ‘स्वच्छता अभियान’ में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में बिलाल डार का जिक्र किया था।

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इंदौर की पांच वालिकाएं बनीं ‘स्वस्थ वालिका स्वस्थ समाज’ की गुडविल एम्बेसडर

इंदौर की पांच वालिकाएं बनीं ‘स्वस्थ वालिका स्वस्थ समाज’ की गुडविल एम्बेसडर
ईवा वेलफेयर ऑरगाइनेशन ने स्वस्थ भारत यात्रा का किया स्वागत
प्रेस क्लब इंदौर में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश

बीमार नहीं बीमारी को दूर करने की है जरूरत : आशुतोष कुमार सिंह
16000 किमी की स्वस्थ भारत यात्रा अप्रैल में होगी पूरी
गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के मार्गदर्शन में भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने पर चल रही है यह यात्रा

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देश भर के फार्मासिस्टों में आक्रोश तीन राज्यों में आंदोलन का बजा बिगुल

6 फरवरी : दिल्ली / जयपुर / रायपुर /भोपाल
राजस्थान में विशाल कैंडल मार्च

राजस्थान में निशुल्क दवा वितरण केंद्रों पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति, ड्रग कण्ट्रोल डिपार्टमेंट में डीसीओ की नियुक्ति समेंत शाशकीय फार्मासिस्टों की वतन विसंगती प्रमोशन समेंत ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और फार्मेसी एक्ट के सख्ती से अनुपालन को लेकर दिनांक 8 फरवरी को जयपुर में विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया है. इस विशाल कैंडल मार्च को सफल बनाने को लेकर राजस्थान के कोने कोने के फार्मासिस्ट जयपुर आ रहे हैं. शाशकीय फार्मासिस्ट संगठनों के साथ फार्मासिस्ट युथ वेलफेयर संस्थान राजस्थान, अभिनव फार्मेसी अभियान समेत कई संगठन एक मंच पर आ गए हैं.

फार्मा सेक्टर

छत्तीसगढ़ एफडीए के खिलाफ फार्मासिस्टों की हल्ला बोल रैल्ली दस को

4 फरवरी 2017/ रायपुर : छत्तीसगढ़ एफडीए में फैले भ्रष्टाचार को लेकर छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्ट काफी आक्रोशित है. पुरे प्रदेश में नियमों की धज्जियाँ उड़ा कर दवा दुकानों का सञ्चालन किया जा रहा है. ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट, फार्मेसी प्रेक्टिस रेगुलेशन को सख्ती से लागु करने जैसे तमाम मुद्दे के साथ अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने आगामी दस फ़रवरी को नया रायपुर स्थित एफडीए मुख्यालय का घेराव व धरना प्रदर्शन की घोषणा की है.