SBA विशेष विविध स्वास्थ्य स्कैन

मोदी सरकार के चार वर्षः ग्रामीण स्वास्थ्य की बदलती तस्वीर

आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत अभियान, पोषण अभियान, इंद्रधनुष अभियान, नल-जल योजना, उज्ज्वला योजना सहित तमाम ऐसी योजनाएं बीते चार वर्षों में लागू हुई हैं। इसका सकारात्मक असर देश के शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण एक क्रांतिकारी सामाजिक बदलाव की तरह दिख रहा है। प्रत्येक गांव में आशा कार्यकर्ताओं की उपलब्धता ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को मजबूति प्रदान की है। बावजूद इसके भारत जैसे बड़े भूभाग एवं जनसंख्या वाले देश के लिए अपने नागरिकों की स्वास्थ्य को सेहतमंद बनाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती है। और इस चुनौती को इस सरकार ने बीते चार वर्षों में सफलतापूर्वक स्वीकार किया भी है।

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फार्मा सेक्टर मन की बात विविध

फार्मासिस्ट भटक गए हैं! ऐसा मैंने क्यों कहा?

जहां तक मेरी समझ है वह यह है कि बाजार में जितने फार्मासिस्ट हैं उसमें ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने पैसे के बल पर डिग्री तो ले ली है लेकिन फार्मा की पढ़ाई ठीक से नहीं की है। उनके अंदर इतनी काबीलियत नहीं है कि वे प्रतियोगिता फेस करें और दवा कंपनियों से लेकर तमाम जगहों पर अपनी उपयोगिता को सिद्ध कर पाएं। यहीं कारण है कि ये सिर्फ और सिर्फ दवा दुकानों तक खुद को समेटकर रखना चाहते हैं। दरअसल ये वही फार्मासिस्ट हैं जिनको अपने प्रोफेशन की इज्जत से कोई लेना-देना नहीं है। ये सिर्फ किसी तरह पैसा कमाना चाहते हैं। इसके लिए इन्होंने अपने जमीर को बेच दिया है। अपनी डिग्री-डिप्लोमा को किराए पर दे दिया है। ये खुद निकम्मे और निठल्ले हैं और किराए के पैसे से रोजी-रोटी चलाना चाहते हैं। दवा खऱीदने वाले उपभोक्ताओं को अच्छी दवा मिले या न मिले इससे इनको कोई सरोकार नहीं है। इनके कारण मेहनत से पढ़े-लिखे फार्मासिस्टों की नाक कटती रहती है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि किरायेबाज फार्मासिस्टों को बेनकाब किया जाए। और ऐसा करने में तमाम फार्मासिस्ट संगठन लगभग विफल रहे हैं।

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फार्मा सेक्टर समाचार

झारखंड के फार्मासिस्ट अंजन प्रकाश से पीएम ने की लंबी बातचीत

सेहत की  बात पीएम के साथ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने झारखंड के फार्मासिस्ट श्री अंजन प्रकाश से  लंबी बातचती की। अंजन प्रकाश ने  बताया कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर लोगों की सेवा करने के लिए प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र खोला है। उन्होंने बताया कि उनका केन्द्र झारखंड के रामगढ़ में है। वहां पर सूदूर गांव से लोग सस्ती दवाइयां लेने के लिए आते है। गरीब लोगों की दुवाएं मिलती हैं। हमें इस बात का संतोष मिलता है कि हमारे कारण लोगों को सस्ती दवाइयां मिल पा रही है।

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विविध समाचार

बेगुसराय में खुला प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र

स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत 2012 से चलाए जा रहे जेनरिक लाइए पैसा बचाइए कैंपेन के तहत बिहार के बेगुसराय में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र का उद्घाटन पर्यावर्ण दिवस के अवसर पर किया गया।  जनऔषधि परियोजना के नोडल अधिकारी कुणाल किशोर, स्वस्थ भारत अभियान के बेगुसराय संयोजक डॉ. एन.के. आनंद ने इस केन्द्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जनऔषधि परियोजना, बिहार के नोडल अधिकारी कुणाल किशोर ने कहा कि, जनऔषधि का प्रचार प्रसार बहुत जरूरी है। बाजार मूल्य से यहां पर 50 फीसद तक सस्ती दवाइयां मिलती है। सरकार चाहती है कि लोगों को सस्ती दवाइयां मिले। उन्होंने कहा कि महंगी दवाइयों के कारण 55 हजार परिवार गरीबी रेखा से नहीं ऊबर पाते हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना एक क्रांतिकारी कदम है।

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SBA विशेष मन की बात रोग विविध

Encephalitis means inflammation of Brain

In simple terms, Encephalitis means inflammation of Brain. It can be mainly because of either a direct infection of the Brain by some organism or virus or because of an immune response to some provocation (infection or without infection also) outside the Brain.

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विविध

जैव विविधता को नुकसान पहुंचा रही हैं लघु जल विद्युत परियोजनाएं

वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन सोसायटी ऑफ इंडिया से जुड़े एक अन्य शोधकर्ता शिशिर राव के मुताबिक. “इससे पूर्व किए गए अध्ययनों में भी लघु जलविद्युत परियोजनाओं के दुष्प्रभावों के संकेत मिले हैं। पश्चिमी घाट में परियोजना के निर्माण क्षेत्रों में इन्सानों और हाथियों के टकराव के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आए हैं। बांध के अलावा उससे संबंधित अन्य संरचनाओं के कारण हाथियों का मार्ग अवरुद्ध होने से उन्हें नए रास्तों की तलाश करनी पड़ती है, जिससे टकराव की घटनाएं अधिक होती हैं।”

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काम की बातें विविध

Look beyond protected areas for conservation of endangered Hangul in Kashmir: study

“Hangul needs a multi-pronged strategy. For instance, the upland pastures that are so important for the species during summer have been run over by the nomadic tribe of Bakerwal and these area needs to be reclaimed and made inviolate if Hangul numbers are to grow. In addition, other areas which were once inhabited must also be given a chance. Conservation breeding programme needs to be initiated soon before the numbers become too low,” Dr. Rahul Kaul of Wildlife Trust of India and a member of the research team, explained while speaking to India Science Wire.

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काम की बातें विविध

संयुक्त पत्ती वाले पतझड़ी पेड़ों में प्रदूषण झेलने की क्षमता सबसे अधिक

वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदूषण को झेलने की पेड़ों की क्षमता उनकी कई विशेषताओं पर निर्भर करती है। इन विशेषताओं में कैनोपी अर्थात पेड़ के छत्र का आकार, पत्तियों की बनावट तथा प्रकार और पेड़ों की प्रकृति शामिल है। संयुक्त पत्तियों वाले पतझड़ीपेड़, छोटे एवं मध्यम कैनोपी और गोल-से-अंडाकार पेड़ों में प्रदूषण के दुष्प्रभावों को झेलने की क्षमता अधिक पायी गई है।

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काम की बातें विविध समाचार

New way found to enhance strength and ductility of high entropy alloys

In a study published in a journal, Scientific Reports, the researchers have reported that novel heterogeneous microstructure achieved by a process of cryo-deformation followed by annealing can help overcome the problem of strength-ductility trade-off in multiphase HEAs. The researchers are from Indian Institute of Technology, Hyderabad, Kyoto University, Japan and Chalmers University, Sweden.

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काम की बातें विविध समाचार

वैज्ञानिकों ने बनाया चलता-फिरता सौरकोल्ड स्टोरेज

भारत विश्व में फल और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।लेकिन, पर्याप्त शीत भंडारण सुविधाएं नहीं होने से 30 से 35 प्रतिशत फल और सब्जियां लोगों तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती हैं। किसानों को फलों और सब्जियों को तुरंत बाजार ले जाकर बेचने और गुणवत्ता खराब होने का नियमित दबाव बना रहता है। इस नए कोल्ड-स्टोरेज के उपयोग से किसान उत्तम गुणवत्ता की भंडारण सुविधाओं का लाभ छोटे स्तर पर अपनी आवश्यकतानुसार उठा सकेंगे।

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