देश भर के फार्मासिस्टों में आक्रोश तीन राज्यों में आंदोलन का बजा बिगुल

 

जयपुर में विशाल कैंडल मार्च ८ को

जयपुर में विशाल कैंडल मार्च 8 को

 

6 फरवरी : दिल्ली / जयपुर / रायपुर /भोपाल

फार्मा जगत में मानो आंदोलन का महीना चल रहा है फ़रवरी. देश भर के फार्मासिस्टों ने संग्राम छेड़ दिया हो. आने वाले हफ़्तों मे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों में फार्मासिस्ट संगठनों के उग्र प्रदर्शन होने वाले है.

 

राजस्थान में विशाल कैंडल मार्च

राजस्थान में निशुल्क दवा वितरण केंद्रों पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति, ड्रग कण्ट्रोल डिपार्टमेंट में डीसीओ की नियुक्ति समेंत शाशकीय फार्मासिस्टों की वेतन विसंगती प्रमोशन समेंत ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और फार्मेसी एक्ट के सख्ती से अनुपालन को लेकर दिनांक 8 फरवरी को जयपुर में विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया है. इस विशाल कैंडल मार्च को सफल बनाने को लेकर राजस्थान के कोने कोने के फार्मासिस्ट जयपुर आ रहे हैं. शाशकीय फार्मासिस्ट संगठनों के साथ  फार्मासिस्ट युथ वेलफेयर संस्थान राजस्थान, अभिनव फार्मेसी अभियान समेत कई संगठन एक मंच पर आ गए हैं. आंदोलन को जुगल जाखड़ ने समस्त राजस्थान के फार्मासिस्टों को एक मंच पर आने को कहा है.

छत्तीसगढ़ में एफडीए ऑफिस का घेराव

रायपुर में दस फ़रवरी को छत्तीसगढ़ युथ वेलफेयर एसोसिएशन ने फ़ूड एंड  ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस का घेराव करने की घोषणा की है. ड्रग इंस्पेक्टरों द्वारा अनियमितता भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे छत्तीसगढ़ एफडीए के खिलाफ प्रदेश भर के फार्मासिस्ट लामबंद हो गए हैं. रायपुर में होनेवाले इस आंदोलन इसलिए भी खास है क्योंकि इसका नेतृव्त करने दिल्ली से जाने माने एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती रायपुर आ रहे हैं. छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कहा है कि सारी तैयारियां हो चुकी है. इस बार आर पार की लड़ाई है.

 

मध्य प्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल का घेराव

भोपाल में दिनांक 13 फ़रवरी को स्टेट फार्मेसी काउंसिल का घेराव है. शाशन द्वारा केमिस्टों को काउंसिल में नामित किए जाने को लेकर मध्य प्रदेश के फार्मासिस्ट  आक्रोशित हैं. मध्य प्रदेश में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विवेक मौर्य ने बताया कि बीते कई सालों से मध्य प्रदेश में इलेक्शन नही हुवा है. जब सरकार को इलेक्शन की सुध नही तो फिर किसी भी गैर फार्मासिस्ट को नामीत किस आधार पर किया जा रहा है. वहीँ अध्यक्ष अम्बर चौहान ने कहा कि अगर फार्मेसी काउंसिल अपने कार्यप्रणाली में सुधार नही करेगी तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे.

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ एफडीए के खिलाफ फार्मासिस्टों की हल्ला बोल रैल्ली दस को

दस फरवरी हल्ला बोल रैली का आयोजन को लेकर तैयार छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्ट

दस फरवरी हल्ला बोल रैली का आयोजन को लेकर तैयार छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्ट

4 फरवरी 2017/ रायपुर : छत्तीसगढ़ एफडीए में फैले भ्रष्टाचार को लेकर छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्ट काफी आक्रोशित है. पुरे प्रदेश में नियमों की धज्जियाँ उड़ा कर दवा दुकानों का सञ्चालन किया जा रहा है. ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट, फार्मेसी प्रेक्टिस रेगुलेशन को सख्ती से लागु करने जैसे तमाम मुद्दे के साथ अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने आगामी दस फ़रवरी को नया रायपुर स्थित एफडीए मुख्यालय का घेराव व धरना प्रदर्शन की घोषणा की है.

मीडिया से बात करते हुवे सीजीवाईपीए के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पूरी तरह भ्रष्टाचार की चपेट में है. पुरे प्रदेश ने खुलेआम ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट , फार्मेसी एक्ट की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है और इसे रेगुलेट करने वाली संस्था एफडीए मूकदर्शक बनी हुई है. वही संगठन के प्रवक्ता वैभव शास्त्री ने ड्रग अफसरों पर आरोप लगते हुवे कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर से लेकर ड्रग कंट्रोलर तक के अधिकारी दवा कारोबारियों के साथ सांठ गाँठ कर रैकेट चला रहे हैं.  वैभव ने कहा कि हर दुकानों से वसूली होती है इसके एवज़ में ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल दुकानों की जांच में कोताही करते है. कई बार शिकायतें देने के बाद भी कोई करवाई नही की जाती है.

छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ड्रग अफसरों द्वारा उनके सदस्यों डराने धमकाने का आरोप भी लगाए हैं. बहरहाल प्रदेश के फार्मासिस्टों का आक्रोश उफान पर है. 10 फ़रवरी को होनेवाले हल्लाबोल रैली को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही है. इधर प्रशाशन ने घेराव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किये जाने की बात सामने आ रही है. 

PCI के वाइस प्रेसिडेंट शैलेन्द्र सराफ ने संभाली अभियान की कमान

छात्रों के साथ छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल वर्मा

छात्रों के साथ छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल वर्मा

3 फरवरी2017/ रायपुर:

रिटेल की तर्ज़ पर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर देश के कोने कोने से फार्मासिस्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को समर्थन पत्र भेज रहे हैं. इसी क्रम में आज देश के बड़े फार्मासिस्ट संस्थानों में एक पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी में आज छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने अभियान चला कर हज़ारों की संख्या में पत्र एकत्रित किया. अभियान का नेतृत्व कर रहे सीजीवाईपीए के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि दवा सिर्फ कारोबार नही है, यह आमलोगों के जीवन से जुड़ा मसला है. जबकि सरकार ने दवाई के देखरेख व वितरण के लिए ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट और फार्मेसी प्रेक्टिक्स रेगुलेशन बनाया है. एक्ट में यह स्पस्ट प्रावधान है कि दवा वितरण फार्मासिस्ट के हाथों ही किया जाना है. राहुल ने बताया कि पुरे छत्तीसगढ़ में दसवीं फेल दवा कारोबारी दवा वितरण का कार्य कर रहे हैं . उन्होंने के ड्राफ्ट का स्वागत करते हुवे कहा की होलसेल में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. 

 

पीसीआई चेयरमैन के साथ के सदस्य और फार्मेसी के स्टूडेंट्स

पीसीआई चेयरमैन के साथ के सदस्य और फार्मेसी के स्टूडेंट्स

फार्मासिस्ट के हक़ की लड़ाई में साथ मिलकर लड़ेंगे – शैलेन्द्र सराफ

पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर और फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया के वाईस चेयरमैन शैलेन्द्र सराफ ने छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों का उत्साह बढ़ाते हुवे कहा कि हम सब पहले एक प्रोफेशनल फार्मासिस्ट है फिर पदाधिकारी. शैलेन्द्र सराफ ने कहा यह लड़ाई हम सबकी लड़ाई है और हम साथ मिलकर लड़ेंगे. शैलेन्द्र ने प्रथम दृष्ट्या ड्रग टेक्निकल एडवाइज़री बोर्ड के ड्राफ्ट का स्वागत तो किया पर उन्होंने अबतक बने ड्रग लाइसेंस पर भी नए एमेंडमेंट प्रभावी करने की बात कही. स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र में सभी छात्रों और फैकल्टी ने सहमती के साथ आप्पति जताते हुवे पुराने बने लाइसेंस में भी फार्मासिस्ट अनिवार्यता के लिए लिखा है.

मंत्रालय को लिखे पत्र दिखाते कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्र

मंत्रालय को लिखे पत्र दिखाते कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्र

रायपुर के अन्य फार्मेसी कॉलेजों ने भी दिया समर्थन  

इधर जहाँ एक तरफ  राहुल वर्मा के नेतृत्व में CGYPA के कार्यकर्ता पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी में अभियान चला रहे थे, वही वैभव शास्त्री व अन्य कार्यकर्ताओं ने कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, रावतपुरा कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, रॉयल कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, आईओपी समेत कई कॉलेज में कैम्पैन कर हज़ारों की संख्या में सुझाव व आपत्ती पत्र कलेक्ट कर मंत्रालय को भेजा.

बतातें चलें कि छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन लंबे समय से ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के उलंघन को लेकर अभियान चला रहा हैं .

 

 

कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा पत्र

स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र दिखाते कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मसी के छात्र

स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र दिखाते कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मसी के छात्र

3 फ़रवरी/रायपुर :

कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में संसोधन के समर्थन में पत्र लिखा है . विगत कई दिनों से लगातार देश भर के फार्मासिस्ट लगातार मंत्रालय को पत्र लिखकर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लागु करने के लिए अपना समर्थन दे रहे हैं. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुवे रायपुर के फार्मासिस्ट छात्रों ने भी बड़ी संख्या में पत्र लिखा है. छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि वे ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के संसोशन के समर्थन में है. उन्होंने यह नियम अबतक बने होलसेल लाइसेंस पर भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता हेतु आपत्ति दर्ज कराई है. वहीँ वैभव शास्त्री ने कहा कि होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता से दवा के रख रखाव में सावधानी बरतना एक महत्वपूर्ण काम है वैभव ने आगे बताया कि फार्मासिस्ट पाठ्यक्रम के दौरान दवा के रख रखाव संबंधी पढाई भी करते हैं. फार्मा एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती ने कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है.

रोजाना हज़ारों की संख्या में पहुँच रहे फार्मासिस्टों के पत्र से मंत्रालय परेशान, कहा कर सकते हैं ईमेल

 मंत्रालय को पत्र लिखते फार्मेसी स्टूडेंट्स


मंत्रालय को पत्र लिखते फार्मेसी स्टूडेंट्स

दिल्ली : 2 फरवरी 2017

पिछले महीने ही सेन्ट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कण्ट्रोल आर्गेनाईजेशन की इकाई “ड्रग टेक्निकल अडवाइज़री बोर्ड” ने होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर ड्राफ्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को सौप दिए थे इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 12 फ़रवरी तक आम जन से आपत्ती और सुझाव मांगे थे. शुरुवाती दौर में आपत्ती दर्ज करने हेतु मंत्रालय ने निर्माण भवन स्थित अपने कार्यालय का पता उपलब्ध कराया था. महज़ दस से पंद्रह दिनों में ही लाखों की संख्या में पहुचे सुझाव से मंत्रालय के होश उड़ गए. रोजाना हज़ारों की संख्या में खत पहुचने से जहाँ डाक सँभालने में कर्मचारी परेशान दिखे उधर लगातार पत्रों का पहुचना अब भी जारी है. मंत्रालय ने फार्मासिस्टों से कहा है कि है वे अपने सुझाव व आपत्ती उन्हें rg.singh72@nic.in पर ईमेल कर सकते हैं.

दरअसल बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट और संगठन सोशल मीडिया के जरिये ट्रेंड कर अपने सभी फार्मासिस्ट साथियों और रिस्तेदारों से सुझाव भेजने की अपील कर रहे हैं. इसी क्रम में देश भर से बड़ी संख्या में फार्मेसी कॉलेज जुड़ गए साथ ही एक बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने भी मंत्रालय को पत्र लिखना शुरू कर दिया. इधर दिल्ली के फार्मा एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती ने मंत्रालय को भेजे जाने वाला सुझाव व आपत्ती पत्र अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों ही वर्जन में इंडियन फार्मसिस्ट सोसाइटी की वेबसाइट www.indianpharamcistsociety.org पर अपलोड कर दिया. जिससे देश भर के तमाम फार्मासिस्ट आसानी से डाउनलोड कर रहे है. महाराष्ट्र रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश तांदळे ने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ईमेल आईडी जारी किये जाने पर आभार जताया है. 

केवल फार्मासिस्ट को ही मिले ड्रग लाइसेंस – KPPA

 

स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र दिखाते केरल के फार्मासिस्ट

स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र दिखाते केरल के फार्मासिस्ट

कोज़्हिक्कोड (केरल )/2 फरवरी 2017:

रिटेल की तरह होलसेल ड्रग लाइसेंस में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता करने को लेकर ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट को प्रभावी बनाने को लेकर देश भर के फार्मासिस्ट और फार्मासिस्ट संगठन पत्र लिख रहे हैं.  इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुवे केरल प्राइवेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन (KPPA) के तत्वाधान में कोज़्हिक्कोड में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्ट प्रतिभागियों ने स्वास्थ मंत्रालय को सैकड़ों की संख्या में पत्र लिख कर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को पुराने बने  लाइसेंस में भी प्रभावी बनाने हेतु अपनी आप्पति पत्र भेजे हैं. KPPA के पदाधिकारी ज्यान करोथ ने कहा की उनकी संगठन केरल प्राइवेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन फार्मासिस्टों के हित में हमेशा से ही काम करती रही है. देश भर के फार्मासिस्टों को एक साथ जुड़कर काम करने की जरुरत है. बतातें चलें कि “Drug licence to pharmacist only”  इसे लेकर केरल के फार्मासिस्ट लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. पिछले साल केरल से फार्मासिस्टों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया था. ज्यान ने ड्रग लाइसेंस केवल फार्मासिस्ट को ही दिए जाने की बात दुहराई है. 

देश में फार्मासिस्टों की कोई कमी नही है – केंद्र सरकार

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नई दिल्ली/2 फ़रवरी 2.17 : सर्राफा कारोबारियों के बाद अब मोदी सरकार ने दवा कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है. केमिस्टों की सर्वोच्च संगठन आल इंडिया आर्गेनाईजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) फार्मासिस्टों की कमी का हवाला देकर 5 साल से अधिक समय तक दवा कारोबार करने वाले केमिस्ट को 6 माह का रिफ्रेसर कोर्स करवा कर फार्मासिस्ट का दर्ज़ा देने की मांग कर रहे थे.  इसे लेकर  संसद में यूपी के कई सांसद सवाल उठा रहे थे . फार्मासिस्ट की कमी को लेकर उठे सवालों को लेकर संसद में सरकार के तरफ से राज्य मंत्री फगन सिंह ने साफ़ किया कि देश में फार्मासिस्ट की कहीं कोई कमी नही है. मंत्री ने बताया कि देश भर में साढ़े सात लाख से कहीं ज्यादा ही फार्मासिस्ट है. उन्होंने  यह भी बताया कि देश की विभिन्न कॉलेजों से हर साल एक लाख छत्तीस हज़ार फार्मासिस्ट पास होकर निकलते हैं. स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत ट्रैंड किए जाने वाले फार्मेसी अस्सिटेंट सीधे तौर पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के अधीन होंगे और उनके निर्देशों का पालन करेंगे. 

फार्मासिस्ट की कमी को लेकर लोक सभा में सरकार द्वारा दिए गए जबाब पर देश भर के फार्मासिस्टों ने ख़ुशी जताई है. फार्मा एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती ने अपने फ़ेसबुक पर सबसे पहले “सत्यमेव जयते” लिखकर इस बाबत सूचना दी. विनय ने स्वस्थ्य मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है. मध्य प्रदेश महाकौशल फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी ने इसे सच्चाई की जीत बताया है. अविनव फार्मेसी अभियान, राजस्थान के प्रवक्ता ने विनोद नेरिया ने इसे अबतक की सबसे शानदार जीत बताते हुवे कहा की इसके साथ ही केमिस्टों के नापाक मनसूबे वेनकाब हुवे हैं. 

 फार्मेसी अस्सिस्टेंट को लेकर विवाद जारी

केमिस्ट संगठन भारत सरकार के स्किल डेवलपमेंट के जरिये फार्मेसी अस्सिस्टेंट को फार्मासिस्ट का विकल्प समझ बैठे थे. पर लोक सभा में उन्हें एकबार फिर मुह की खानी पड़ी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पस्ट किया कि ऐसे कार्यक्रम को चलाए जाने की योजना तो है ,पर यह केवल फार्मेसी में दवा के रख रखाव भर ही सिमित है. फार्मेसी अस्सिस्टेंट को रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के निर्देशों पर ही कार्य करना होगा.  फार्मेसी अस्सिस्टेंट मरीज़ को दवा नही दे सकते.

छत्तीसगढ़ के बरिष्ठ फार्मासिस्ट रामसजीवन साहू ने कहा कि जैसा की डॉक्टर का असिस्सटेंट जूनियर डॉक्टर होता है. उसी तर्ज़ पर फार्मासिस्ट को असिस्ट करने के लिए भी जूनियर फार्मासिस्ट ही होना चाहिए. वहीँ रामपुर के फार्मासिस्ट मोहम्मद अली ने कहा कि ऐसे किसी भी अनपढ़ या कम पढ़े  लिखे इंसान जिसे दवा की बिलकुल जानकारी ना हो थोड़ी ट्रेनिंग दे देने भर से दवा के रख रखाव की तकनीक नही समझ सकता. अली ने आगे बताया कि फार्मासिस्ट को पाठ्यक्रम के दौरान कौन सी दवा को कितने टेम्प्रेचर में रखना है बतौर पढाई कराइ जाती है. अली ने एतराज जताया है कि दवा मार्किट में मिलने वाली अन्य खाद्य बस्तु नही है जो कोई भी मरीज़ को दे दे. गलत दवा दिए जाने से मरीज़ की मौत हो सकती है. राजस्थान के बरिष्ठ फार्मासिस्ट रामावतार गुप्ता ने कहा कि जहाँ दवा वहां फार्मासिस्ट के तर्ज़ पर व्यवस्था होना चाहिए.

झारखण्ड के फार्मासिस्ट मनोज झा ने कहा है कि केमिस्टों का भरोषा नही किया जा सकता. उन्होंने आशंका जताई है कि भले ही प्रशिक्षण पाकर अबतक दवा बाँट रहे दवा कारोबारी अस्सिस्टेंट का काम कर लेंगे. पर पुनः यही अनुभव के आधार पर फार्मासिस्ट होने का दावा करने लगेंगे. सरकार को चाहिए की फार्मेसी असिस्टेंट का काम के जूनियर फार्मासिस्ट से करायें जायें. मनोज ने साफ़ किया कि देश के फार्मासिस्टों को असिस्ट करने के लिए किसी अयोग्य व्यक्ति की जरुरत नही.

 

 

होलसेल में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता एक क्रन्तिकारी पहल – डॉ. अमित वर्मा

कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित अथिति

कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित अथिति

बरेली /28 नवम्बर:

फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया अपने लक्ष्यों से भटक गई है. देश भर में फार्मेसी एक्ट 1948 कि धारा 42 का खुलेआम उलंघन किया जा रहा है और शाशन मुकदर्शक बना हुवा है.  ऐसे में फार्मासिस्टों को चाहिए कि एकजुटता दिखाते हुवे फार्मेसी विरोधी ताकतों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें. उक्त बातें रुहेलखंड यूनिवर्सिटी प्रोफ़ेसर डॉ. अमित वर्मा ने रोटरी क्लब बरेली में ग्रेट वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम ने कही .

रोटरी क्लब के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मेसी जगत के कई दिग्गज एक मंच पर दिखे . पुरे कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के तमाम मेडिकल दुकानों द्वारा ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940, फार्मेसी एक्ट 1948 का उलंघन किए जाने पर आक्रोश दिखाई दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राजाराम गंगवार ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है बगैर फार्मासिस्ट दवा की परिकल्पना नही की जा सकती.

रोटरी क्लब में उपस्थित फार्मासिस्ट

रोटरी क्लब में उपस्थित फार्मासिस्ट

 

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अरुण कुमार रस्तोगी ने होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता का स्वागत करते हुवे इसे एक क्रन्तिकारी कदम बताया. रस्तोगी ने कहा निश्चित तौर पर यह अच्छे दिनों की शुरवात है. वही प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द कुमार गौतम ने कहा की फार्मासिस्ट किराये पर अपने लाइसेंस हरगिज़ ना दें बेहतर हो की हर फार्मासिस्ट अपनी खुद की फार्मेसी व फार्मा क्लिनिक खोले.

रोटरी क्लब में उपस्थित सैकड़ों की संख्या में फार्मासिस्टों ने होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता हेतु स्वास्थ्य मंत्रालय को अपना समर्थन पत्र लिखा साथ ही आपत्ति भी दर्ज कराइ ताकि अबतक बने ड्रग लाइसेंस में भी नए नियम प्रभावी हो सके.

कार्यक्रम में प्रदीप गौतम , प्रदीप गंगवार , अवधेश गंगवार , शुभम गंगवार, नितिन सक्सेना , योगेंद्र पटेल समेत सैकड़ों फार्मासिस्ट मौजूद थे.

फार्मासिस्टों के पे ग्रेड 3600 से बढाकर 4200 करने को लेकर फैसला ले सकती है सरकार …

राजस्थान की मुख्यमंत्री बसुंधरा राजे (फ़ाइल फोटो)

राजस्थान की मुख्यमंत्री बसुंधरा राजे (फ़ाइल फोटो)

 

जयपुर:२7 जनवरी

वेतन में बढ़ोतरी को लेकर राजस्थान के फार्मासिस्टों में एक बार फिर आस बढ़ी है.  सूत्रों के अनुसार बजट सत्र के दौरान फार्मासिस्टों के पे ग्रेड को नर्सिंग और लेब टेक्नीसियन के समतुल्य करने को लेकर चर्चायें गर्म है.  राजस्थान के फार्मासिस्ट फारूक अली ने बताया कि बसुंधरा सरकार से उन्हें कई उम्मीदें है. फारूक ने आगे बताया कि राजस्थान में नर्सिंग कर्मचारियों और लेब टेक्निशन को 4200 का पे स्केल दिया जाता है, जबकि फार्मासिस्ट को अबतक 3600 रुपए ही मिल रहे है.  बतातें चले की पंजाब और उत्तराखंड सरकार में फार्मासिस्ट कैडर का वेतन 4200 रुपए दिए जाते हैं.

फार्मासिस्ट कर सकते हैं सरकार से अपील

बजट से ठीक पहले राजस्थान सरकार ने वेबसाइट के माध्यम से सुझाव मंगाए हैं. बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट वेबसाइट  ( http://finance.rajasthan.gov.in/apps/p_apps/bs1718/ ) पर जाकर पे ग्रेड बढ़ाने की गुहार लगा रहे हैं.

गोधरा के 21 वर्षीय फार्मेसी स्टूडेंट सोहेल खान को पीसीआई ने कहा दिल्ली आओ फिर करंगे बात

  

गड़बड़झाला : आरटीआई में पिछले चुनाव तक की जानकारी नही दे पाई पीसीआई

सूचना देने में आनाकानी करती है फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया 

आरटीआई एक्टिविस्ट सोहेल खान और पीसीआई सचिव अर्चना मुग्दल

आरटीआई एक्टिविस्ट सोहेल खान और पीसीआई सचिव अर्चना मुग्दल

 

नई दिल्ली/ 27जनवरी 2017

फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया दिनों दिन विवादों में फंसती नज़र आ रही है. चाहे रिफ्रेसर कोर्स को लेकर सोशल मीडिया में देश भर में विरोध प्रदर्शन हो या फिर आल इंडिया आर्गेनाईजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के प्रेसिडेंट अप्पा जगन्नाथ शिंदे के साथ करीबी रिस्ते.  हमेशा विवादों की वजह से सोशल मीडिया के सुर्ख़ियों में रहने वाली पीसीआई को इस बार गोधरा के आरटीआई एक्टिविस्ट सोहेल खान ने घेरा है. सोहेल ने आरटीआई के जरिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया से पूछा था कि आखिरी बार पीसीआई इलेक्शन कैसे और कब हुवे था ? इसके जबाब में पीसीआई सचिव अर्चना मुग्दल ने आवेदक सोहेल खान को व्यक्तिगत तौर पर ऑफिस आने का न्योता दे दिया.

 

सोहेल ने बताया की इसे पहले भी उन्होंने कई बार पीसीआई से आरटीआई के जरिए जानकारी हासिल करनी चाही. सोहेल कहते हैं हर बार उन्हें गलत और भ्रामक सूचनायें दी जाती है. इसके खिलाफ उन्होंने अबतक 150 से अधिक आरटीआई दाख़िल किया है. अधिकांश जबाब अबतक पेंडिंग पड़े है. पीसीआई के खिलाफ सोहल 3 बार केंद्रीय सुचना आयोग में भी शिकायत कर चुके हैं.

सोशल मीडिया पर चर्चित नाम है सोहेल खान 

पीसीआई के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सोहेल खान सोशल मीडिया में चर्चित चेहरों में सुमार हो गए हैं. पीसीआई के कारनामों को एक्सपोज़ करने वाले सोहेल की उम्र महज़ 21 साल है. सोहेल स्टूडेंट हैं और अभी बैचलर इन फार्मेसी फ़ाइनल ईयर कर रहे हैं. सोहेल खान ने आरटीआई एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती  को अपना आदर्श बताया है.