SBA विशेष विविध समाचार स्वस्थ भारत अभियान स्वस्थ भारत यात्रा

भविष्‍य से जुड़ा हैं बालिका स्वास्‍थ्‍य का चिंतन ”स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज”

बालिका के स्वास्‍थ्‍य का चिंतन समाज के विकास एवं देश के भविष्य से जुड़ा हुआ हैं। मौजूदा समय में हम इससे नजर अंदाज नहीं कर सकते हैं। भविष्‍य से जुड़ा हैं बालिका स्वास्‍थ्‍य का चिंतन ”स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज”

फार्मा सेक्टर

PCI के वाइस प्रेसिडेंट शैलेन्द्र सराफ ने संभाली अभियान की कमान

3 फरवरी2017/ रायपुर:

रिटेल की तर्ज़ पर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर देश के कोने कोने से फार्मासिस्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को समर्थन पत्र भेज रहे हैं ! इसी क्रम में आज देश के बड़े फार्मासिस्ट संस्थानों में एक रायपुर स्थिति पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी में आज छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने अभियान चला कर हज़ारों की संख्या में पत्र एकत्रित गया ! अभियान का नेतृत्व कर रहे सीजीवाईपीए के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि दवा सिर्फ कारोबार नही है यह आमलोगों के जीवन से जुड़ा मसला है ! जबकि सरकार ने दवाई के देखरेख व वितरण के लिए ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, फार्मेसी एक्ट और फार्मेसी प्रेक्टिक्स रेगुलेशन बनाया है ! एक्ट में यह स्पस्ट प्रावधान है कि दवा वितरण फार्मासिस्ट के हाथों की किया जाना है ! राहुल ने बताया कि पुरे छत्तीसगढ़ में दसवीं फेल दवा कारोबारी दवा वितरण का कार्य कर रहे हैं ! बतातें चलें कि छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसो

फार्मा सेक्टर

कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा पत्र

3 फ़रवरी/रायपुर :
कोलंबिया कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में संसोधन के समर्थन में पत्र लिखा है . विगत कई दिनों से लगातार देश भर के फार्मासिस्ट लगातार मंत्रालय को पत्र लिखकर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लागु करने के लिए अपना समर्थन दे रहे हैं. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुवे रायपुर के फार्मासिस्ट छात्रों ने भी बड़ी संख्या में पत्र लिखा है. छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने बताया कि वे ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के संसोशन के समर्थन में है. उन्होंने यह नियम अबतक बने होलसेल लाइसेंस पर भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता हेतु आपत्ति दर्ज कराई है.

फार्मा सेक्टर

रोजाना हज़ारों की संख्या में पहुँच रहे फार्मासिस्टों के पत्र से मंत्रालय परेशान, कहा कर सकते हैं ईमेल

दिल्ली : 2 फरवरी 2017

पिछले महीने ही सेन्ट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कण्ट्रोल आर्गेनाईजेशन की इकाई “ड्रग टेक्निकल अडवाइज़री बोर्ड” ने होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को लेकर ड्राफ्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को सौप दिए थे इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 12 फ़रवरी तक आम जन से आपत्ती और सुझाव मांगे थे. शुरुवाती दौर में आपत्ती दर्ज करने हेतु मंत्रालय ने निर्माण भवन स्थित अपने कार्यालय का पता उपलब्ध कराया था. महज़ दस से पंद्रह दिनों में ही लाखों की संख्या में पहुचे सुझाव से मंत्रालय के होश उड़ गए. रोजाना हज़ारों की संख्या में खत पहुचने से जहाँ डाक सँभालने में कर्मचारी परेशान दिखे उधर लगातार पत्रों का पहुचना अब भी जारी है. मंत्रालय से फार्मासिस्टों से अपील की है वे अपने सुझाव व आपत्ती उन्हें rg.singh72@nic.in पर ईमेल कर सकते हैं.

फार्मा सेक्टर

केवल फार्मासिस्ट को ही मिले ड्रग लाइसेंस – KPPA

कोज़्हिक्कोड (केरल )/2 फरवरी 2017:

रिटेल की तरह होलसेल ड्रग लाइसेंस में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता करने को लेकर ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट को प्रभावी बनाने को लेकर देश भर के फार्मासिस्ट और फार्मासिस्ट संगठन पत्र लिख रहे हैं. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुवे केरल प्राइवेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन (KPPA) के तत्वाधान में कोज़्हिक्कोड में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्ट प्रतिभागियों ने स्वास्थ मंत्रालय को सैकड़ों की संख्या में पत्र लिख कर होलसेल में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को पुराने बने लाइसेंस में भी प्रभावी बनाने हेतु अपनी आप्पति पत्र भेजे हैं.

फार्मा सेक्टर

देश में फार्मासिस्टों की कोई कमी नही है – केंद्र सरकार

नई दिल्ली/2 फ़रवरी 2.17 : सर्राफा कारोबारियों के बाद अब मोदी सरकार ने दवा कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है. केमिस्टों की सर्वोच्च संगठन आल इंडिया आर्गेनाईजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) फार्मासिस्टों की कमी का हवाला देकर 5 साल से अधिक समय तक दवा कारोबार करने वाले केमिस्ट को 6 माह का रिफ्रेसर कोर्स करवा कर फार्मासिस्ट का दर्ज़ा देने की मांग कर रहे थे. इसे लेकर संसद में यूपी के कई सांसद सवाल उठा रहे थे . फार्मासिस्ट की कमी को लेकर उठे सवालों को लेकर संसद में सरकार के तरफ से राज्य मंत्री फगन सिंह ने साफ़ किया कि देश में फार्मासिस्ट की कहीं कोई कमी नही है. मंत्री ने बताया कि देश भर में साढ़े सात लाख से कहीं ज्यादा

फार्मा सेक्टर

होलसेल में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता एक क्रन्तिकारी पहल – डॉ. अमित वर्मा

बरेली /28 नवम्बर:
फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया अपने लक्ष्यों से भटक गई है. देश भर में फार्मेसी एक्ट 1948 कि धारा 42 का खुलेआम उलंघन किया जा रहा है और शाशन मुकदर्शक बना हुवा है. ऐसे में फार्मासिस्टों को चाहिए कि एकजुटता दिखाते हुवे फार्मेसी विरोधी ताकतों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें. उक्त बातें रुहेलखंड यूनिवर्सिटी प्रोफ़ेसर डॉ. अमित वर्मा ने रोटरी क्लब बरेली में ग्रेट वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम ने कही .

फार्मा सेक्टर

फार्मासिस्टों के पे ग्रेड 3600 से बढाकर 4200 करने को लेकर फैसला ले सकती है सरकार …

जयपुर:२7 जनवरी

वेतन में बढ़ोतरी को लेकर राजस्थान के फार्मासिस्टों में एक बार फिर आस बढ़ी है. सूत्रों के अनुसार बजट सत्र के दौरान फार्मासिस्टों के पे ग्रेड को नर्सिंग और लेब टेक्नीसियन के समतुल्य करने को लेकर चर्चायें गर्म है. राजस्थान के फार्मासिस्ट फारूक अली ने बताया कि बसुंधरा सरकार से उन्हें कई उम्मीदें है. फारूक ने आगे बताया कि राजस्थान में नर्सिंग कर्मचारियों और लेब टेक्निशन को 4200 का पे स्केल दिया जाता है, जबकि फार्मासिस्ट को अबतक 3600 रुपए ही मिल रहे है. बतातें चले की पंजाब और उत्तराखंड सरकार में फार्मासिस्ट कैडर का वेतन 4200 रुपए दिए जाते हैं.

फार्मा सेक्टर

गोधरा के 21 वर्षीय फार्मेसी स्टूडेंट सोहेल खान को पीसीआई ने कहा दिल्ली आओ फिर करंगे बात

नई दिल्ली/ 27जनवरी 2017

फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया दिनों दिन विवादों में फंसती नज़र आ रही है. चाहे रिफ्रेसर कोर्स को लेकर सोशल मीडिया में देश भर में विरोध प्रदर्शन हो या फिर आल इंडिया आर्गेनाईजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के प्रेसिडेंट के साथ करीबी रिस्ते. हमेशा विवादों की वजह से सोशल मीडिया के सुर्ख़ियों में रहने वाली पीसीआई को इस बार गोधरा के आरटीआई एक्टिविस्ट सोहेल खान ने घेरा है. सोहेल ने आरटीआई के जरिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया से पूछा था कि आखिरी बार पीसीआई इलेक्शन कैसे और कब हुवे था ? इसके जबाब में पीसीआई सचिव अर्चना मुग्दल ने आवेदक सोहेल खान को व्यक्तिगत तौर पर ऑफिस आने का न्योता दे दिया.

फार्मा सेक्टर

अखिलेश सरकार की वेबपोर्टल जनसुनवाई पर अवैध दवा दुकानों के मामले सबसे अधिक

लखनऊ /27 जनवरी :

एक तरफ जहाँ यूपी में चुनाव सर पर है दूसरी तरफ अखिलेश सरकार के अफसरों पर काम का दबाब बढ़ गया है. अखिलेश सरकार के वेबपोर्टल jansunwai.up.nic.in इन पर इनदिनों फ़र्ज़ी व बगैर फार्मासिस्ट चल रहे मेडिकल दुकानों की खूब शिकायत आ रही है. इसे लेकर ड्रग डिपार्टमेंट के अफसरों में अफरातरफरी मची हुई है. यूपी एफडीए ऑनलाइन होते ही करीब 30 हज़ार से ज्यादा ही अवैध व फ़र्ज़ी तरीके से बने ड्रग लाइसेंस का पर्दाफाश हो गया. अखिलेश सरकार ने औषधी प्रशाशन को फ़र्ज़ी रूप से मेडिकल चला रहे दवा कारोबारियों पर एफआईआर करने सख्त आदेश दे रखें है.