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फार्मासिस्टों ने किया स्वास्थ्य भवन का घेराव

लखनऊ/ 09/08/2009 : वेतन विसंगति को लेकर आज तड़के हज़ारों की संख्या में सडकों पर उतरे शासकीय फार्मासिस्ट व स्वास्थ्य कर्मचारियों समेंत फार्मासिस्टों ने स्वास्थ् भवन लखनऊ को घेर लिया है ! लखनऊ स्वस्थ भवन का घेराव करने विभिन्न जनपदों से आए फार्मासिस्टों ने एकता का परिचय देते हुवे जम कर नारेबाजी कर रहे हैं […]

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बिहार में फार्मेसी छात्रों का प्रदर्शन ! पीसीआई हुई रेस

पीसीआई की सचिव अर्चना मुग्दल ने पटना में छात्रों को एक रूपये स्टाइपेन दिए जाने पर हैरानी जताई है ! पीसीआई सचिव ने कहा है की इस मामले को लेकर बिहार सरकार को पत्र लिखा जाएगा !

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थोक दवा दुकान में भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता जरूरीः अतुल कुमार नासा

सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे आईपीजी ए बिहार के अध्यक्ष बिनोद कुमार ने फार्मासिस्ट को राजपत्रित अधिकारी का दर्ज़ा देने की मांग की .धन्यवाद नन्द किशोर प्रसाद ने दिया. इस अवसर पर हज़ारों की संख्या में फार्मेसी स्टूडेंट मौजूद थे ।

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प्रकाशनार्थ एवरेस्टर डॉ नरिंदर सिंह होंगे सम्मानित इंडिया स्पोर्ट्स संघ कर रहा है सम्मानित ………..

नई दिल्ली इंडिया स्पोर्ट्स संघ द्वारा आयोजित खिलाड़ी सम्मान समारोह में स्वस्थ भारत के ब्रांड अम्बेसडर एवरेस्ट विजेता डॉ नरिंदर सिंह सम्मानित होंगे. गौरतलब है की डॉ नरिंदर सिंह की अगुवाई में स्वस्थ भारत की 8 सदस्यीय टीम ने समुद्र में साईकिल चलाया था. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, व नो योर मेडिसिन का […]

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प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की निगरानी में हो यूपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल का चुनाव – जयदीप गुप्ता

उ.प्र.फार्मेसी कौंसिल में डी.पी.ए. के सदस्य वर्षों से नामित सदस्य के रूप में काबिज है कौंसिल में उ.प्र.के बेरोजगार फार्मासिस्ट, स्नातक फार्मासिस्ट,दवा व्यापारियों से कोई भी प्रतिनिधित्व नहीं है न ही कौंसिल में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन (डी.पी.ए.) सरकारी फार्मासिस्टों का संगठन अन्य किसी को नामित होने देता है पिछले दिनों माननीय उच्च न्यालय की लखनऊ बेंच ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कौंसिल के निर्वाचित सदस्यों को अयोग्य घोषित करते हुये कौंसिल को भंग कर दिया था जिसके बाद उ.प्र.शासन के निर्देश पर कौंसिल में नये चुनाव की अधिसूचना जारी की गई जो कि आधी अधूरी व उ.प्र फार्मेसी रूल्स 1955 के अनुरूप नहीं है उक्त की सूचना मात्र लखनऊ के आस-पास के समाचार पत्रों में प्रकाशित कर इतिश्री कर दी गयी साथ ही उ.प्र.फार्मेसी रूल्स 1955 के नियम-1 में दिये गये प्रारूप-E के 12 बिन्दुओं को शामिल न करते हुये अपनी स्वयं की तैयार वोटर लिस्ट आधी-अधूरी कौंसिल के वेवसाइट पर अपलोड कर फार्मासिस्टों को अपने नाम देखने व आपत्ति दर्ज करने को कहा गया जिसमे से भारी संख्या में वैध फार्मासिस्टों के नाम उक्त लिस्ट हटा दिये गये,कई फार्मासिस्टों के एक से अधिक जगह नाम दर्शाये गये ताकि उन्हें मताधिकार व चुनाव लड़ने से रोका जा सके अनेक ऐसे सरकारी फार्मासिस्टों का नाम शामिल कर दिया गया क्योंकि वह डी.पी.ए.के सदस्य हैं वहीं उ.प्र.से स्थान्तरित हो गये हजारों उतराखंड व अन्य राज्यों के फार्मासिस्टों को शामिल कर लिया गया ताकि उनकी फर्जी वोटिंग करायी जा सके कौंसिल में उक्त सूचि की हार्ड कॉपी मांगी गई तो उसे देने से इंकार कर दिया गया इस पर पंजीकृत फार्मासिस्टों द्वारा जो अपने प्र्त्यावेदना पत्र दिये गये उनका कोई निश्तारण अभी तक नहीं किया गया कौंसिल में हजारों की संख्या में फर्जी फार्मासिस्टों के पंजीयन किये गये हैं इस पर समय समय पर माननीय उच्च न्यालय द्वारा टिप्पणी की हैं व माननीय उच्च न्यायलय द्वारा जाँच के आदेश भी दिये गये जिस पर जाँच भी चल रही है जो कि उ.प्र.का सतर्कता विभाग कर रहा है, इससे पूर्व उ.प्र.शासन द्वारा उ.प्र.फार्मेसी कौंसिल जाँच आयोग माननीय उच्च न्यालय इलाहाबाद के पूर्व न्यायधीश जस्टिस के.एल.शर्मा की अध्यक्षता में गठित किया गया था जिसने अपनी पहली संस्तुति में उक्त कौंसिल के किर्याकलापों पर गंभीर टिपण्णी की थी लेकिन कौंसिल ने

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स्वास्थ्य आंदोलन की ओर अग्रसर फार्मासिस्टों के स्वागत में…

स्वस्थ भारत अभियान चाहता है कि आप स्वास्थ्य- मित्र बनें। देश की जनता के सेवक बनें। आप मेडिकल-फिल्ड की सही जानकारी लोगों को दें। हम तो यह भी चाहते हैं कि यदि आप तैयार हों तो आपका संपर्क-सूत्र आपके नाम व क्षेत्र के साथ इस वेबसाइट स्वस्थ भारत डॉट इन पर डाल दें। ताकि यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी कुछ पूछना हो तो आप उन्हें बता सकें। आप चाहे तों अपने ज्ञान से सरकार की तमाम योजनाओं के बारे में आम लोगों को जागरूक कर सकते हैं, जिनकी जानकारी के अभाव में सरकारी पैसा बाबुओं व दलालों की जेब में जा रहा है। सच्चाई तो यह है कि आपलोगों को देखकर ऐसा लग रहा है कि वह दिन दूर नहीं जब ‘स्वस्थ भारत’ का हम सब का सपना साकार होगा!

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IPGA का सेमिनार 25 जून को पटना में

आईपीजीए सेंट्रल कमिटी के वाईस चेयरमैन श्रीपति सिंह ने बताया की 25 जून की सुबह दिल्ली व अन्य शहरों से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पटना पहुंच रहे हैं श्रीपति सिंह ने बताया की ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया डॉ. जी. एन. सिंह के आने की प्रबल सम्भावना है । इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री समेत कई मंत्रियों को भी न्योता दिया है।

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केमिस्ट ने मंत्री जी को खिलाई गलत दवा औषधि नियंत्रण प्रशाशन रेस

आल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रिस्ट्रीब्यूशन फ़ेडरेशन के महासचिव गितेश्वर चंद्राकर ने बताया, ”दवा दुकान को बंद कर दिया गया और फिर नगरीय प्रशासन विभाग का अमला पुलिस के साथ दुकान तोड़ने के लिए आ पहुंचा. हमारे विरोध के बाद कहीं जाकर कार्रवाई रोकी गई। चंद्राकर का कहना था कि इस घटना के बाद राज्य भर के मेडिकल और केमिस्ट का व्यवसाय करने वालों में भय का वातावरण है।

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बगैर फार्मासिस्ट की सलाह के दवा लेना खतरनाक – क्षितिज

अक्सर देखा गया है की रोज की व्यस्त दिनचर्या में हम अनेकों प्रकार की मानसिक तनाव , शारीरिक, काम के बोझ , आजीविका की चिंता आदि और शारीरिक कष्टों यथा वातावरणीय प्रभाव से गुजरते रहते हैं ! इन सभी प्रतिकूल परिस्थितियों का असर कहीं न कहीं हमारे स्वस्थ्य पर पड़ता है ! अधिकतर व्यक्ति इनके द्वारा उत्पन्न विकारों जैसे डिप्रेशन, नींद न आना सिरर्दद, बवासीर, बुखार नजला खांसी पेट दर्द अपच इत्यादि से ग्रस्त हो जाते हैं ! अधिकतर समय इन विकारों से तुरंत लाभ पाने के लिए किसी के द्वारा सुझाई गयी या टीवी में अख़बार में दिखाई गयी विभिन्न औषधियों का सेवन करने लगते हैं ! फार्मासिस्ट डॉक्टर या किसी की सलाह न लेकर खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं, यह गलत ही नहीं खतरनाक भी है ! हर दवा

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6 दिनों से भूखे अनशनकारियों को पीटा, जेल में डाला और बिना मेडिकल के छोड़ दिया है मरने के लिए

सबसे अमानवीय पक्ष यह है कि विनय कुमार भारती जो की पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं पहले तो उन्हें पुलिस ने मारा फिल जेल में बंद कर दिया वह भी बिना किसी मेडिकल चेकअप के…और अब उनसे मिलने भी नहीं दिया जा रहा है…
एक शांति के साथ आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों पर यूपी सरकार की पुलिस ने जिस बर्बरता के साथ पेश आई है वह ‪#‎मानवाअधिकार‬ का मामला बनता है…एक भूखे आदमी को पहले डंडा मारना फिर जेल में बंद करना वह भी बिना डॉक्टरी चेकअप के..