एक डॉक्टर जिसने दी 7 साल के रोहित को दी नई रौशनी

स्वस्थ भारत अभियान के एक सार्थक पहल का नतीजा यह हुआ कि 7 वर्षीय बालक को नई रौशनी मिल गयी। ब्रेन ट्यूमर के कारण रोहित की रौशनी धीरे-धीरे खत्म हो रही थी।

ब्रेन ट्यूमर। एक ऐसी बीमारी जिसने 7 साल के रोहित को अपने गिरफ्त में कर लिया था। गोरखपुर से होते हुए रोहित के परिजन दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में पहुंचे थे। यहां पर उन्हें तारीख मिली, वह भी 9 महीने बाद की। ऑपरेशन जल्द न कराने पर रोहित की जिंदगी से रौशनी चले जाने का डर था। उसके पिता राकेश पूरी तरह से डर गए थे। अब क्या होगा। दिल्ली के निजी अस्पतालों ने तीन लाख रूपये तक का खर्च बताया। एक गरीब परिवार के लिए इतनी राशि जुटा पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था। फिर अवतरित हुआ एक सच्चा डॉक्टर। स्वस्थ भारत अभियान की पहल से रोहित के पिता की मुलाकात  डॉ. मनीष कुमार से हुई, जो इनदिनों सोनीपत के फिम्स अस्पताल में न्यूरों सर्जन हैं। उन्होंने रोहित के अॉपरेशन के लिए हामी भरा।

रोहित के साथ डॉ. मनीष कुमार

रोहित के साथ डॉ. मनीष कुमार

एक सप्ताह के अंदर रोहित का सफल ऑपरेशन हुआ और वह इन दिनों अपने पिता के साथ दिल्ली में रह रहा है। गौरतलब है कि डॉ. मनीष चेन्नई के अपोलो अस्पताल में कई वर्षों तक न्यूरों सर्जन के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। लेकिन अब उनका मन टू टायर सिटी के लोगों के स्वास्थ्य पर ध्यान केन्द्रित करने का है। यहीं कारण है कि सोनीपत जैसे ग्रामीण इलाके में आकर वे अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस बावत स्वस्थ भारत अभियान के धीप्रज्ञ द्विवेदी ने कहा कि, डॉ मनीष मानवता के सच्चे रक्षक हैं। ऐसे डॉकटरों की आज मानवीय समाज को बहुत जरूरत है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को धन्यवाद दिया है।

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