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ड्रग कंट्रोलर के दफ्तर में लगी आग हादसा नहीं – विवेक मौर्य

भोपाल:

भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर दफ्तर में लगी आग हादसा नहीं है। दफ्तर के रिकाॅर्ड रूम में आग साजिशन लगाई गई थी। आग लगाने की साजिश किसने रची थी, यह अब तक पता नहीं चल सका है। यह खुलासा ज्वाइंट कमिश्नर फूड सेफ्टी प्रमोद शुक्ला ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में किया है। यह रिपोर्ट शुक्ला ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अफसरों के बयानों के आधार पर बनाई है।

जांच करने वाले अफसरों ने संदेह व्यक्त किया है कि रिकाॅर्ड शाखा में दो दिन लगातार देर रात शाॅर्ट सर्किट से आगजनी नहीं हो सकती। शाॅर्ट सर्किट से हुई आगजनी में आग के एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के निशान मिलते हैं, जो नहीं मिले हैं। हादसा बताने वाले चौकीदार और दूसरे अफसरों के बयानों पर सवाल उठ रहे हैं।

मध्यप्रदेश के एफडीए दफ्तर में आग के बाद की तस्वीर...फोटो क्रेडिटःन्यूज 18 डॉट कॉम
मध्यप्रदेश के एफडीए दफ्तर में आग के बाद की तस्वीर…फोटो क्रेडिटःन्यूज 18 डॉट कॉम

चौकीदार हादसे वाले दिन से चाबी फेंककर गायब : खाद्य सुरक्षा दफ्तर के चौकीदार राजेंद्र चौबे ने बताया कि हादसे वाले दिन चौकीदार जीवनलाल ड्यूटी पर था। दिन में ड्यूटी करने वाले सुरक्षा गार्ड अमर सिंह ने रात साढ़े 10 बजे उसे चार्ज सौंपा था, लेकिन आग लगने के बाद जीवनलाल दबे पांव अमर सिंह के कमरे में चाबी फेंककर गायब हो गया। वह उसी दिन से ड्यूटी पर नहीं अा रहा है। बकौल चौबे चौकीदार जीवनलाल के बयान होने के बाद ही हादसे की तस्वीर साफ होगी।
इनका रिकाॅर्ड जला :
– डिप्टी ड्रग कंट्रोलर शोभित कोष्ठा की जाति हलवा कोष्टा होने के मामले की जांच राज्य सरकार की दस्तावेज छानबीन समिति कर रही है। हादसे में शोभित की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों की फाइल भी जल गई। अब शोभित की नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की नई फाइल बनाई जा रही है।
– शिवराज पावक , होशंगाबाद : लोकायुक्त में चार मामले जांच में हैं, जिनमें से तीन शिकायतों की फाइल जल गई।
– श्रीमती देवकी सोनवानी, अमरीश दुबे जबलपुर और राजेश राय, नीलेश शर्मा सागर और वर्षा व्यास उज्जैन: इन सभी की विभागीय जांच : खाद्य पदार्थों के सेंपल तय प्रक्रिया के तहत नहीं लिए। मिलावटी नमूनों के चालान पेश नहीं किए।
दफ्तर में एक साथ ड्रग लाइसेंसिंग शाखा, रिकॉर्ड सेक्शन, लोकायुक्त और विभागीय जांच शाखा में एक साथ आग लगना हादसा नहीं है। शुरुआती जांच में आग साजिशन लगाए जाने के प्रमाण मिले हैं। मामला जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया है।
– प्रमोद शुक्ला, ज्वाइंट कमिश्नर, फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन
ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार चरम पर है पीपीए लगातार डिपार्टमेंट की कारगुजारियों को बेनक़ाब कर रहा था परिणामस्वरूप साजिश के तहत आग लगाई गई है – विवेक मौर्य, प्रवक्ता प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन
स्रोत: दैनिक भास्कर 
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