जंतर-मंतर पर जुटे हजारों फार्मासिस्ट, अरुण जेटली व जे.पी. नड्डा के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

  • 7 वे वेतन आयोग के खिलाफ फार्मासिस्टों का फूटा गुस्सा

जंतर मंतर पर प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट

जंतर मंतर पर प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट

नई दिल्ली/ 29.12.15

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से असंतुष्ठ दिल्ली समेत देश भर के विभिन्न प्रदेशों से आए हुए हजारों फार्मासिस्टों ने फेडरेशन ऑफ इंडियन फार्मासिस्ट ऑर्गानाइजेशन के आह्वान पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और संसद तक मार्च किया। देश भर से एकजुट हुए फार्मासिस्टों ने अपनी मांगो के लिए वेतन आयोग व केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही अनदेखी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फार्मासिस्टों ने फिपो की अगुवाई में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली व केन्द्रीय वित्त सचिव को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में फार्मासिस्टों को अन्य सामान तकनीकि धारकों के समान प्रारंभिक वेतनमान व सेवाकाल में न्याय-संगत प्रमोशन है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देते फिपो के अध्यक्ष उमर फारूक

प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देते फिपो के अध्यक्ष उमर फारूक

फेडरेशन के उपाध्यक्ष साधु राम ने बताया कि देश भर के फार्मासिस्ट पिछले काफी अर्से अपने मांगो को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं लेकिन सरकार मांगों को अनसुना करती आ रही हैं। अगर सरकार हमारी न्यायोचित मांगों पर उचित फैसला नहीं करती हैं तो मजबूरन देशव्यापी आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रदर्शन कर रहे फार्मासस्टों को इंदर सिंह चौहान, के.के.सचान, सुनील यादव, संदीप चौरसिया, संदीप बडोला, हेमंत चौधरी व अजय कुमार शर्मा ने संबोधित किया। फेडरेशन के सचित उमर फारूख ने सरकार को चेताते हुए कहा कि अब देश के फार्मासिस्ट शोषण बर्दास्त नहीं करेंगे। हम संघर्ष के लिए तैयार हैं।

प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे फार्मा एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती ने कहा कि फार्मासिस्टों की समस्याओं पर सरकारें हमेशा से मौन रही हैं। सच्चाई यह है कि फार्मासिस्टों के साथ अन्याय का दुष्परिणाम देश के स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ रहा है। यदि सरकार चाहती हैं कि देश का स्वास्थ्य तंदरूस्त हो तो उसे फार्मासिस्टों के साथ न्याय करना ही पड़ेगा। नई सरकार से हमें बहुत उम्मीदे हैं।

प्रदर्शन में शामिल होने वालों में इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन, CGHS, PEA- Delhi Govt, PGWA, IHPA,  UP  डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, इंडियन रेलवे फार्मासिस्ट एसोसिएशन, उत्तराखंड डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, हरियाणा स्टेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन, सिंहभूम फार्मासिस्ट एसोसिएशन, झारखंड, छत्तीसगढ़ फार्मा एसोसिएशन, राजस्थान स्टेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन, तमिल फार्मासिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन, महाराष्ट्रा रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट एसोसिएशन, फार्मासिस्ट फाउंडेशन, उत्तरप्रदेश,  आरएमएल हॉस्पिटल, सफदरगंज हॉस्पिटल, लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल, एम्स समेत कई अस्पतालों के हज़ारों फार्मासिस्ट मौजूद थे!
स्वस्थ भारत अभियान का समर्थन

स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने फार्मासिस्टों की एकता को प्रणाम करते हुए कहा कि अब फार्मा जगत के शेर जाग गए हैं, इसका सकारात्मक असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ेगा। श्री आशुतोष ने फार्मासिस्टों के किसी भी जायज मांग को 100 फीसद समर्थन देने व सहयोग करने का आश्वासन देते हुए कहा कि फार्मासिस्ट देश के स्वास्थ्य व्यवस्था के रीढ़ हैं इनके बिना दवाइयों का सही वितरण, भंडारण व मैन्यूफैक्चरिंग की कल्पना नहीं की जा सकती हैं।

 

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