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बीपीएल परिवार की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन दिए जाने की घोषणा ऐतिहासिक : प्रधान

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमानों के अनुसार भारत में अस्वच्छ रसोई ईंधन के कारण पांच लाख महिलाएं मर जाती हैं। अधिकतर मृत्यु हृदय की बीमारी, पक्षाघात क्रोनिक ऑप्‍सट्रक्‍टिव,पलमोनरी बीमारी तथा फेफरे के कैंसर जैसी गैर संक्रमणकारी बीमारियों से होती है।

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गरीब महिलाओं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की 1.5 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्‍शन देने के लिए केंद्रीय बजट 2016 में 2000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। एलपीजी कनेक्‍शन गरीब घर की महिला सदस्‍य के नाम पर दिए जाएंगे। यह योजना कम से कम दो वर्ष और जारी रहेगी ताकि कुल पांच करोड़ बीपीएल परिवारों को कवर किया जा सके। इस बजट घोषणा को एतिहासिक बताते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने कहा कि महिलाओं को स्‍व्‍च्‍छ रसोई ईंधन उपलब्‍ध कराने से उन्‍हें अनेक स्‍वास्‍थ्‍य लाभ मिलेंगे। इसके अतिरिक्‍त हमें पारिस्थितिक लाभ भी मिलेगा। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुमानों के अनुसार भारत में अस्‍वच्‍छ रसोई ईंधन के कारण पांच लाख महिलाएं मर जाती हैं। अधिकतर मृत्‍यु हृदय की बीमारी, पक्षाघात क्रोनिक ऑप्‍सट्रक्‍टिव,पलमोनरी बीमारी तथा फेफरे के कैंसर जैसी गैर संक्रमणकारी बीमारियों से होती है।
 
इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री और वित्‍तमंत्री को आभार व्‍यक्‍त करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि यह बजट महिलाओं खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को प्रधानमंत्री की ओर से उपहार है। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय करोड़ों ग्रामीण महिलाओं को लाभ देने के लिए कल्‍याण योजना लगू करेगा।
 
उज्‍जवला योजना प्रत्‍येक बीपीएल परिवार को एक एलपीजी कनेक्‍शन देने के लिए 1600 रुपये का वित्‍तीय समर्थन देती है। पात्र बीपीएल परिवारों की पहचान राज्‍य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों की सलाह से किया जाएगा। बीपीएल परिवारों को नया कनेक्‍शन देते समय उन राज्‍यों और इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कवर नहीं किए गए हैं। विशेषकर देश के पूर्वी क्षेत्र में। इसे प्रधानमंत्री के पूर्वी भारत के विकास विजन के अनुरूप लागू किया जाएगा।
 
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी सेवा देने में पहले ही ख्‍या‍ति प्राप्‍त है। पहल में 15.2 करोड़ उपभोक्‍ताओं को शामिल किया गया। यह विश्‍व का सबसे बड़ा नकद अंतरण कार्यक्रम है। 75 लाख परिवारों से अधिक ने स्‍वेच्‍छा से सब्सिडी छोड़ी है। 2015 में 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नए एलपीजी कनेक्‍शन दिए गए। यह भारत के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है।
 

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