फार्मा सेक्टर

अखिलेश सरकार की वेबपोर्टल जनसुनवाई पर अवैध दवा दुकानों के मामले सबसे अधिक

लखनऊ /27 जनवरी :

एक तरफ जहाँ यूपी में चुनाव सर पर है दूसरी तरफ अखिलेश सरकार के अफसरों पर काम का दबाब बढ़ गया है. अखिलेश सरकार के वेबपोर्टल jansunwai.up.nic.in इन पर इनदिनों फ़र्ज़ी व बगैर फार्मासिस्ट चल रहे मेडिकल दुकानों की खूब शिकायत आ रही है. इसे लेकर ड्रग डिपार्टमेंट के अफसरों में अफरातरफरी मची हुई है. यूपी एफडीए ऑनलाइन होते ही करीब 30 हज़ार से ज्यादा ही अवैध व फ़र्ज़ी तरीके से बने ड्रग लाइसेंस का पर्दाफाश हो गया. अखिलेश सरकार ने औषधी प्रशाशन को फ़र्ज़ी रूप से मेडिकल चला रहे दवा कारोबारियों पर एफआईआर करने सख्त आदेश दे रखें है.

 

जनसुनवाई वेबपोर्टल पर सरकार सख्त
जनसुनवाई वेबपोर्टल पर सरकार सख्त

 

महराजगंज के फार्मासिस्ट शिवराम उपाध्याय ने सरकार के वेबपोर्टल पर शिकायत की थी, जिसपर शिकायत करते हुवे एफडीए आयुक्त ने सरकार के सचिव को सूचित करते हुवे सभी ड्रग इंस्पेक्टरों व लाइसेंसी ऑथरिटी को लाइसेंस रद्द करने के आदेश जारी कर दिए. महराजगंज के ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया की सरकार के आदेश का का पूरी तरह पालन किए जा रहे हैं. दर्ज़न भर से ज्यादा मेडिकल दुकानों को बंद कराया जा चुके हैं. उधर नेशनल फार्मासिस्ट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के प्रेसिडेंट पियूष सिंह ने ड्रग इंस्पेक्टर  पर लापरवाही का आरोप लगाया है. पियूष ने आरोप जड़े की ड्रग इंस्पेक्टर ड्रग लाइसेंस ससपेंड तो कर रहे हैं पर एफआईआर करने से कतरा रहे हैं. पियूष फर्ज़ीवाड़ा कर मेडिकल चलाने वालों पर एफआईआर करने की मांग पर अड़े हैं.

संगठन के प्रवक्ता शिवराम उपाध्याय ने यूपी के समस्त फार्मासिस्टों से अपील की है की वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा शिकायत दर्ज करें.

 

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Vinay Kumar Bharti
विनय कुमार भारती देश के जाने में आरटीआई एक्टिविस्ट हैं. फार्मा सेक्टर में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ स्वस्थ भारत अभियान के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। फार्मासिस्टों के अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने हेतु इन दिनों वे दिल्ली में प्रवास कर रहे हैं। संपर्कःvinayk@zindagizindabad.com

3 thoughts on “अखिलेश सरकार की वेबपोर्टल जनसुनवाई पर अवैध दवा दुकानों के मामले सबसे अधिक”

  1. जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की जाती है लेकिन अधिकारी केवल रिपोर्ट लगा के फुर्सत में हो जाते है ।इस पोर्टल पर कार्यवाही से मुझे कोई उचित समाधान नहीं मिलता है

  2. Without pharmacist all medical store close hona chiye kunke without pharmacist medical wale patient kaa sath khilwad kr rha haa.phrmacist job less haa.without pharmacist medical chla rhaa haa.naa too pharmacist ko govt. Job diya jaa rhaa.patient ka sath sath pharmacist kaa sath bhi khilwad kiya jaa rhaa haa.

  3. District.shravasti maa without pharmacist ka medical drug inspector kaa through chlaya jaa rhaa .koi action nhi liya jaa rhaa haa.without pharmacist wale without tention ka medical chla rhaa drug inspector ko pta haa phir bhi koi action nhi laa rhaa.monthly pesa leka chlwaya jaa rhaa haa.

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