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ओंकार की पुकार !

प्रियंका सिंह

11144433_10202893778223833_2154639979202913542_nओंकार सेना में जाना चाहता था। अभी हाल ही में उसने एनडीए की परीक्षा भी दी थी।  लेकिन उसका यह सपना अब पूर्ण नहीं हो सकेगा।   बहरे प्रशासन और लापरवाह डॉक्टर के चलते एक साधारण एक्सीडेंट के बाद ओंकार ने अपना पैर खो दिया. घटना बस्तर की है जहां एक साधारण एक्सीडेंट के बाद ओंकार को प्राथमिक चिकित्सा दे कर तुरंत बीएचयू वाराणसी जाने के लिए रेफर्ड किया गया. ओंकार अपने भाई के साथ एम्बुलेंस में तुरंत रवाना होता है लेकिन रास्ते में ही एम्बुलेंस ड्राईवर बिना अग्रीम सूचना दिए एम्बुलेंस वाराणसी के मैक्सवेल हॉस्पिटल पर रोक लेता है. आनन-फानन में ओंकार को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया जाता है.  भयंकर ब्लीडिंग के कारण ओंकार के पैर को  जोर से बाँध कर रात1 बजे से सुबह 10 बजे तक रखा जाता है, जिसके कारण पैर नीला और सुन्न हो जाता है. ओंकार का भाई डॉक्टर से तुरंत इलाज के लिए कहता है लेकिन डॉक्टर ध्यान नहीं देता। दोपहर 2 बजे डॉक्टर विजिट पर आता है और ओंकार के पैर को देख कर उसे काटने के लिए कहता है क्योंकि पैर काला हो चूका था और डॉ के मुताबिक ये इन्फेक्शन था।ओंकार के भाई ने डॉ को किसी और डॉ. से सलाह लेने के लिए भी कहा पर डॉ किसी भी बात को अनसुना कर ओंकार के पैर को काटने के लिए कहता है. डॉ के जाने के बाद कंपाउंडर ओंकार का पैर घुटने से काट देता है। ओंकार की हालत अब नाज़ुक है. उसकी क्रिएटिनिन 6 से ऊपर है और यूरिया भी अनियंत्रित है. उसके पूरे शरीर में सूजन है और वह अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है. ये लापरवाही और क्षमताओं का दुरप्रयोग है. इस घटना पर फिलहाल प्रशासन आंख, कान और अपने लम्बे हाथों को विराम दिए बैठा है और ओंकार लगातार मौत के करीब जा रहा है।
अस्पताल ने तो मेडिकल हिस्ट्री तक नहीं दी
मेडिकल हिस्ट्री किसी भी मरीज का अधिकार है। लेकिन मैक्सवेल अस्पताल ने मेडिकल हिस्ट्री देने से मना कर दिया। ओंकार के भाई ने बताया कि डिस्चार्ज स्लीप के पीछे डॉ.पांडेय ने लिख दिया कि वे कोई ट्रिटमेंट चार्ट व रिपोर्ट्स नहीं देंगे। नीचे दिए गए इमेज फाइल को आप देख सकते हैं।
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तो क्या न्याय मिलेगा
अब तो सबसे बड़ा प्रश्न यहीं है कि ओंकारनाथ तिवारी को न्याय मिल सकेगा। उसके सपने का क्या होगा। कब तक हम इस व्यवस्था में पीसते  रहेंगे। अब तो न्याय की आस ही कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में घटित इस मामले में अब सबकी नज़र ओंकार के जल्द स्वस्थ होने पर है।

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