फार्मा सेक्टर

देश भर के फार्मासिस्टों में आक्रोश तीन राज्यों में आंदोलन का बजा बिगुल

 

जयपुर में विशाल कैंडल मार्च ८ को
जयपुर में विशाल कैंडल मार्च 8 को

 
6 फरवरी : दिल्ली / जयपुर / रायपुर /भोपाल
फार्मा जगत में मानो आंदोलन का महीना चल रहा है फ़रवरी. देश भर के फार्मासिस्टों ने संग्राम छेड़ दिया हो. आने वाले हफ़्तों मे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों में फार्मासिस्ट संगठनों के उग्र प्रदर्शन होने वाले है.
 
राजस्थान में विशाल कैंडल मार्च
राजस्थान में निशुल्क दवा वितरण केंद्रों पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति, ड्रग कण्ट्रोल डिपार्टमेंट में डीसीओ की नियुक्ति समेंत शाशकीय फार्मासिस्टों की वेतन विसंगती प्रमोशन समेंत ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और फार्मेसी एक्ट के सख्ती से अनुपालन को लेकर दिनांक 8 फरवरी को जयपुर में विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया है. इस विशाल कैंडल मार्च को सफल बनाने को लेकर राजस्थान के कोने कोने के फार्मासिस्ट जयपुर आ रहे हैं. शाशकीय फार्मासिस्ट संगठनों के साथ  फार्मासिस्ट युथ वेलफेयर संस्थान राजस्थान, अभिनव फार्मेसी अभियान समेत कई संगठन एक मंच पर आ गए हैं. आंदोलन को जुगल जाखड़ ने समस्त राजस्थान के फार्मासिस्टों को एक मंच पर आने को कहा है.
छत्तीसगढ़ में एफडीए ऑफिस का घेराव
रायपुर में दस फ़रवरी को छत्तीसगढ़ युथ वेलफेयर एसोसिएशन ने फ़ूड एंड  ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस का घेराव करने की घोषणा की है. ड्रग इंस्पेक्टरों द्वारा अनियमितता भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे छत्तीसगढ़ एफडीए के खिलाफ प्रदेश भर के फार्मासिस्ट लामबंद हो गए हैं. रायपुर में होनेवाले इस आंदोलन इसलिए भी खास है क्योंकि इसका नेतृव्त करने दिल्ली से जाने माने एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती रायपुर आ रहे हैं. छत्तीसगढ़ युथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कहा है कि सारी तैयारियां हो चुकी है. इस बार आर पार की लड़ाई है.
 
मध्य प्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल का घेराव
भोपाल में दिनांक 13 फ़रवरी को स्टेट फार्मेसी काउंसिल का घेराव है. शाशन द्वारा केमिस्टों को काउंसिल में नामित किए जाने को लेकर मध्य प्रदेश के फार्मासिस्ट  आक्रोशित हैं. मध्य प्रदेश में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विवेक मौर्य ने बताया कि बीते कई सालों से मध्य प्रदेश में इलेक्शन नही हुवा है. जब सरकार को इलेक्शन की सुध नही तो फिर किसी भी गैर फार्मासिस्ट को नामीत किस आधार पर किया जा रहा है. वहीँ अध्यक्ष अम्बर चौहान ने कहा कि अगर फार्मेसी काउंसिल अपने कार्यप्रणाली में सुधार नही करेगी तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे.
 
 
 
 

Related posts

अगले दो महीने में आपूर्ति की समस्या का निदान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : सचिन कुमार सिंह, सीइओ  पीएमबीजेपी

बगैर फार्मासिस्ट की सलाह के दवा लेना खतरनाक – क्षितिज

swasthadmin

फार्मासिस्टों के पे ग्रेड 3600 से बढाकर 4200 करने को लेकर फैसला ले सकती है सरकार …

Vinay Kumar Bharti

1 comment

yogesh saini February 6, 2017 at 8:33 pm

Pharmacist

Reply

Leave a Comment