SBA विशेष

संविदा कर्मी भी इन्सान हैं …

अनुज का खुला पत्र 
अनुज दुबे का खुला पत्र
अनुज दुबे का खुला पत्र

मध्यप्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 2 लाख से अधिक कर्मचारियों पर भगवान की ऐसी कृपा है की उन पर महंगाई का कोई असर नहीं होता है। प्रदेश में कार्यरत स्थाई कर्मियों का महंगाई भत्ता दिन पे दिन बढ़ता ही जा रहा है। उन्हें 113 से बढ़कर 119 प्रतिशत DA मिलेगा यह सुन कर सभी स्थाई कर्मियों के खेमे में ख़ुशी की लहर है पर इंसानियत की कमी है।
अगर इंसानियत नाम की कोई चीज प्रदेश देश में होती तो स्थाई कर्मी संविदा और अस्थाई कर्मी के लिए भी आवाज उठाते पर शायद सलमान भाई ने अपनी फिल्म “जय हो” के एक गाने में सही वाक्य का उपयोग किया है वो वाक्य है “अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता” पर मेरे संविदा कर्मीयों का दिल इतना बड़ा है की वो इस से भी खुश हैं। पर क्या सही में एक संविदा कर्मी के घर में माँ, बाप, बीवी, बच्चे, सब पर जादुई असर होता है। उन्हें ना भूख लगती है ना मकान चाहिए ना ही कपड़े। उनके लिए तो उन को अपनी कमरकस मेहनत के बदले मिल रहे 4000, 8000, 10000, 12000 का वेतन ही काफी है और उसमे से भी कुछ तो रिश्वत के नाम पर बली चड़ जाता है। और ना ही कुछ भविष्य के लिए जमा हो रहा है।
संविदा कर्मी मांग करते रहते है और काम चलता रहता है। स्थाई होने के सपने से ही उनका पेट भर जाता है। आजादी के इतने सालो बाद भी हमारे देश में कर्मचारियों के एक वर्ग की ये हालत होगी ये सोच सोच के ही में अक्सर काप जाता हूँ।
मध्यप्रदेश की मामा सरकार को अगर इतनी सी बात समझ आ जाए की हर वर्ग के लिए महगाई एक सामान बड़ रही है तो वेतन भी एक समान नहीं तो कम से कम दो वक्त की रोटी अच्छे से मिल सके इतना तो होना ही चाहिए।
अभी पूरे देश में आरक्षण पर बहुत चर्चा चल रही है। मत घबराओ मेरे सविंदा कर्मियों वो दिन दूर नहीं है। जब संविदा एक जाती बन जायगी और संविदा कर्मी और उनके परिवार को आरक्षण देना होगा। भगवान की कृपा संविदा कर्मी पर बनी रहे और उन पर महंगाई का असर ना हो वरना जिस तरह से किसानो को आत्महत्या करना पड़ रही है उसी प्रकार मेरे भाइयो को भी आत्म हत्या करना पड़े।
ईश्वर से एक प्रार्थना और करता हूँ की हमारी सरकार को और मेरे स्थाई कर्मचारी भाइयो को अहसास हो की संविदा कर्मी भी एक इन्सान है जानवर नहीं।
इसी आशा के साथ
अनुज दुबे
एक शोषित संविदा कर्मी
स्रोत: भोपाल समाचार (ब्लॉग)

Related posts

स्वस्थ भारत यात्रा का तीसरा चरण शुरू

…और बिनोद कुमार की पहल रंग लायी

swasthadmin

16,000 children under 5 years old die each day

swasthadmin

Leave a Comment