चिकित्सक संवेदनशील बनें

देश के गरीबों को ध्‍यान में रखें चिकित्सकः प्रधानमंत्री

स्‍नातकोत्‍तर चिकित्‍सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्‍थान (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ के 34वें दीक्षांत समरोह में पहुंचे प्रधानमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश भर के 70 मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्‍पेशलियटी ब्‍लॉक बनाए जा रहे हैं, 58 जिला अस्‍पतालों को मेडिकल कॉलेजों में बदला जा रहा है और 20 राज्‍य कैंसर संस्‍थानों और 50 त्रिस्‍तरीय कैंसर सुविधा केंद्रों का गठन किया जा रहा है।

 

चिकित्सक संवेदनशील बनें

चिकित्सकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री

नई दिल्ली/ स्‍नातकोत्‍तर चिकित्‍सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्‍थान (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ के 34वें दीक्षांत समरोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्‍तीर्ण छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यशील जीवन के दौरान देश के गरीबों को ध्‍यान में रखें। उन्‍होंने उत्‍तीर्ण छात्रों को याद दिलाया कि यह दीक्षांत समारोह है न कि शिक्षांत समारोह और यहां उनकी शिक्षा का अंत नहीं होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि यह ऐसा अवसर है कि जहां वे किताबों की दुनिया से निकलकर असली दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सर्वांगीण स्‍वास्‍थ्‍य सेवा संबंधी विश्‍व रुझानों का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने उत्‍तीर्ण छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल बीमारी का इलाज न करें बल्‍कि मरीजों के साथ निकट का संबंध भी रखें। समारोह में निकट के सरकारी स्‍कूलों के बच्‍चों की उपस्‍थिति को देखकर प्रधानमंत्री ने कहा कि ये बच्‍चे ही इस अवसर पर असली विशेष अतिथि हैं। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि यह अवसर बच्‍चों को प्रेरित करेगा।

भारत के स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा उत्तीर्ण छात्रों के संबोधित करते हुए

भारत के स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा उत्तीर्ण छात्रों के संबोधित करते हुए

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री जेपी नड्डा ने इस अवसर उत्‍तीर्ण चिकित्‍सकों से आग्रह किया कि वे गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति सहानुभूति और करुणा का भाव रखें तथा अपने काम में उत्‍कृष्‍टता पैदा करें। उन्‍होंने कहा कि चिकित्‍सकों को जरूरतमंद लोगों के कल्‍याण के लिए अथक कार्य करना चाहिए। दीक्षांत समारोह में 500 से अधिक छात्रों ने स्‍नातकोत्‍तर डिग्री प्राप्‍त की। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ मरीजों की देखभाल, चिकित्‍सा शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को लगातार उन्‍नत कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि देश भर के 70 मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्‍पेशलियटी ब्‍लॉक बनाए जा रहे हैं और इस तरह मौजूदा मेडिकल कॉलेजों का विकास किया जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि 58 जिला अस्‍पतालों को मेडिकल कॉलेजों में बदलकर देश के मेडिकल कॉलेजों के नेटवर्क को विस्‍तार दिया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि 20 राज्‍य कैंसर संस्‍थानों और 50 त्रिस्‍तरीय कैंसर सुविधा केंद्रों का गठन किया जा रहा है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि देश के प्रत्‍येक नागरिक को बेहतरीन त्रिस्‍तरीय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं उपलब्‍ध कराने का सरकार का विजन है।

पीजीआईएमईआर द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि यह संस्‍थान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन को हासिल करने की दिशा में अग्रसर है। उन्‍होंने बताया कि पीजीआईएमईआर ई-अस्‍पताल को क्रियान्‍वित कर रहा है। ऑनलाइन ओपीडी रजिस्‍ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है और संस्‍थान निदान सेवाओं तथा समयबद्ध तरीके से भुगतान सुविधाएं शुरू कर रहा है। इन सुविधाओं के शुरू हो जाने पर मरीजों का समय बचेगा। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने संस्‍थान के प्रशासन से आग्रह किया कि वे अस्‍पताल में स्‍वच्‍छता को प्रोत्‍साहन देने के लिए अभी हाल में शुरू की जाने वाली ‘कायाकल्‍प’ योजना में सक्रिय हिस्‍सा लें।

इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा के माननीय राज्‍यपाल प्रो. कप्‍तान सिंह, चंडीगढ़ से सांसद श्रीमती किरण खेर, स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण सचिव श्री भानु प्रताप शर्मा और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. योगेश चावला भी उपस्‍थित थे। (सोर्सःपीआईबी)

दीक्षांत समारोह की झलकियां…

प्रधानमंत्री व स्वास्थ्यमंत्री साथ-साथ

प्रधानमंत्री व स्वास्थ्यमंत्री साथ-साथ

प्रधानमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री छात्रों को सम्मानित करते हुए...

प्रधानमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री छात्रों को सम्मानित करते हुए…

 

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