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रतलाम में छापा, घरेलु बर्तन में बना रहे थे दवाई ।

पतीले में बना रहे थे हेल्थ टॉनिक, प्रशासन ने पकड़ा ।
जनता के जान से हो रहा खिलवाड़।
सो रहा है औषधी नियंत्रण विभाग ।
इस बर्तन में बनाई जाती थी टॉनिक
इस बर्तन में बनाई जाती थी टॉनिक
रतलाम/
अगर आपको पता चले की भारत में कैसे कैसे दवा बनती है तो एक बार आप भी चौंक जायेगे। बिगत दिनों रतलाम में एक बड़ी छापेमारी हुई है जिसमे बड़े बर्तन में हेल्थ टॉनिक बनाया जा रहा था। हालाँकि कंपनी की संचालक ने कहा कि उसके पास फ़ूड का लाइसेंस है, पर छापेमारी में जिस तरह भरी मात्र में टेबलेट और सिरप मिले उससे स्पस्ट है की फ़ूड लाइसेंस कि आड़ में गैर क़ानूनी रूप से दवा उत्पादन किया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक चोरी छिपे दवा बनाने का काम बर्षों से चल रहा था पर ड्रग डिपार्टमेंट को इसकी भनक तक नहीं थी स्थानीय लोगों ने ड्रग डिपार्टमेंट पर मिली भगत के आरोप जड़े हैं ।
इस छोटे से कमरे में चल रही थी फैक्ट्री
इस छोटे से कमरे में चल रही थी फैक्ट्री
फूड इंस्पेक्टर आर.आर.सोलंकी ने बताया रूपसिंह चौहान के पास फूड प्रोडक्ट बनाने का लाइसेंस है। ग्लूकोज पावडर और मल्टी विटामिन सिरप (माल्ट) के सेंपल लिए हैं। जांच के लिए राज्य लैब भेजे जाएंगे। ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल ने बताया फैक्टरी से कैप्सूल के खोखे, दवाएं और खाली कार्टून मिले हैं। एक मशीन मिली है जिससे गोलियां पैकिंग करने की शंका है। फैक्टरी संचालक ने सप्लायर और फूड प्रोडक्ट मैन्युफेक्चरिंग लाइसेंस होने की जानकारी दी है। मंगलवार को पूछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। फैक्टरी को सील कर दिया है।
अप्रैल 2014 से चल रहा था काम-
फैक्टरी रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल 2014 के पहले से दवाइयों की पैकिंग व हेल्थ टॉनिक बनाया जा रहा है। रोज 1300 से 2500 बॉक्स सप्लाई होते हैं। 8 श्रमिक व एक सुपरवाइजर है। कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगा है।
बोतल पैकिंग करने की मशीन सील करती ड्रग इंस्पेक्टर
बोतल पैकिंग करने की मशीन सील करती ड्रग इंस्पेक्टर
पड़ोसी से विवाद हुआ तब पुलिस को पता चला
फैक्टरी संचालक रूपसिंह का शनिवार को पड़ोसी से विवाद हो गया था। पड़ोसी ने दीनदयाल नगर थाने में सूचना दी कि धीरजशाह नगर स्थित एक मकान में दवाइयां बनाने का काम चल रहा है। जांच के बाद सोमवार को दीनदयाल नगर थाना प्रभारी एम.एल.पुरोहित मौके पर पहुंचे। एसपी अविनाश शर्मा ने एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे के साथ खाद्य सुरक्षा निरीक्षक और ड्रग इंस्पेक्टर को कार्रवाई के लिए मौके पर भेजा। मौके पर पहुंच कर ड्रग इंस्पेक्टर और फ़ूड इंस्पेक्टर के मुआयना किया और सारी मशीनों को शील कर दिया
ऐसे नहीं बनाते टॉनिक
जिला अस्पताल के डॉक्टर जीवन चौहान ने बताया हेल्थ टॉनिक ड्रग नहीं हैं परंतु इन्हें बनाने के मानक भी दवा बनाने जैसे ही हैं। किसी कमरे में तपेले में उन्हें नहीं बनाया जा सकता। निर्धारित मानक का पालन नहीं हुआ तो गुणवत्ता पर असर होगा। उपयोगी होने के बजाय शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
सबकुछ नियमानुसार ही है
फैक्टरी संचालक रूपसिंह चौहान ने बताया लाइसेंस कागज नहीं मिलने से गलतफहमी हुई। फैक्टरी में मल्टी विटामिन प्रोडक्ट बनता है। इसमें विटामिन व फ्लेवर का उपयोग होता है। ड्रग होलसेल व न्यूट्रासिटिकल फूड सप्लीमेंट मेन्युफैक्चरिंग लाइसेंस है। दवा की मार्केटिंग करते हैं और ऑर्डर पर दवा बनाते हैं। ऑर्डर पर फैक्टरी को पैकिंग के लिए दवाओं के रैपर और खोखे देना पड़ते हैं। फैक्टरी में वही रैपर और खोखे मिले हैं।
छापेमारी में बरामद पैकेट
छापेमारी में बरामद पैकेट 

प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विवेक मौर्य ने कहा है कि प्रदेश में औषधि नियंत्रण  प्रशाशन की स्थिति लचर है इसलिए दवा का अवैध कारोबार फल फूल रहा है । प्रदेश में हज़ारो दवा दुकानें है जो बगैर किसी लाइसेंस के चल रही है वही गावों में हज़ारों झोला छाप डॉक्टर इन कारोबारियों का बाजार बढ़ा रहे है । वही अध्यक्ष अम्बर सिंह चौहान ने कहा की सरकारी संस्थानों में भी अमानक दवाएं सप्लाई की जा रही है ।  प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने जिला स्तर पर ड्रग टेस्टिंग लैब खोलने की मांग की है ताकि अमानक और घटिया दवा की तुरंत जांच हो सके । अम्बर चौहान ने समस्त फार्मासिस्टों को अमानक दवा नहीं बांटने की अपील की है ।

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