समाचार

20 राज्यों ने आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (एबी-एनएचपीएम) को लागू करने के लिए सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए  

स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, आप लोग बहुत भाग्यशाली हैं कि आपके कार्यकाल में दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम लागू किया जा रहा हैं। 10 साल बाद आपको खुद कहेंगे कि आप उस टीम के सदस्य रहे जिसने दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज कार्यक्रम को लागू कराने का काम किया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह एक बड़ी योजना है, इसे हम पहली बार इतने बड़े पैमाने पर लागू करने की तैयारी चल रही है, ऐसे में संभव है कि कुछ कमियां निकले। आपलोग उन कमियों को हमसे साझा कीजिए, उसे दूर करने का हम प्रयास करेंगे।

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SBA विशेष मन की बात

आयुष्मान भारत से होगा भारत स्वस्थ

विगत 22 मार्च 2018 को  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन को मंजूरी दी। इस मिशन में केंद्रीय सरकार का हिस्सा आयुष्मान भारत के तहत उपलब्ध होगा, जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक कार्यक्रम है। इस बावत केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि, एनएचपीएम सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह स्वास्थ्य खर्च की भयावहता से 50 करोड़ लोगों (10 करोड़ परिवारों) को सुरक्षित करेगा। इससे देश के 40 प्रतिशत जनसंख्या को लाभ मिलेगा।

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चौपाल समाचार

अच्छा स्वास्थ्य मानव प्रगति  की आधारशिला है: प्रधानमंत्री

देश में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण हमारे राजनीतिक वर्ग में इस अहसास का जोर पकडऩा है कि स्वास्थ्य सेवा सामान्यत: मतदाताओं के लिए कोई प्राथमिकता नहीं है। यह 1978 की अल्मा-अल्टा घोषणा के अनुमोदन से कदम पीछे खींचना था, जिसमें 2000 के अंत तक सबके लिए स्वास्थ्य की शपथ तो ली गई थी, और स्वास्थ्य सेवा के अपने वादों में इसने न तो व्यापक और न ही सबके लिए जोड़ा था। स्वास्थ्य सेवा तक प्रभावी पहुंच में एक बड़ी चूक अब भी यही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों के बाहर कम खर्च वाले चिकित्सीय विकल्प उपलब्ध नहीं हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की संख्या दयनीय रूप से प्रति हजार लोगों पर 0.6 है, जबकि शहरी क्षेत्र में 3.9 है।

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