Posts

देश में कुल 525 हैं आयुष महाविद्याल!

ayushहाल ही में भारतीय चिकित्सा पद्धति को विस्तारित करने के लिए आयुष मंत्रालय बनाया गया है। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आयुर्वेद, योग-प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी चिकित्सा पद्धति, सिद्ध चिकित्सा व होमियोपैथ चिकित्सा पद्धति आती है। इन छह पद्धतियों को विस्तारित करने के लिए भारत में कुल 525 महाविद्यालय हैं। आयुर्वेद के 281, यूनानी के 44, सिद्ध के 09 और होमियोपैथ के 191 महाविध्यालय हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि इस देश में भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए क्या किया गया है! संपादक

क्या कहते हैं आयुष राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नाइक…

sripad yesso naikस्‍वाथ्‍य सेवाएं राज्‍य सूची का विषय हैं अत: हर राज्‍य में आयुष चिकित्‍सकों के लिए विनियामक संस्‍थाएं हैं। लेकिन भारत सरकार ने इन चिकित्‍सकों के लिए दो विनियामक संस्‍थाएं स्‍थापित की हैं। भारतीय चिकित्‍सा परिषद (सीसीआईएम) भारतीय केन्‍द्रीय चिकित्‍सा परिषद अधिनियम 1970 के अंतर्गत शिक्षण संस्‍थानों का विनियमन करती है और आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्‍सा पद्धतियों तथा केन्‍द्रीय होमियोपैथी परिषद ( होमियोपैथी केन्‍द्रीय परिषद अधिनियम 1973 के अंतर्गत काम कर रही) ये दोनों संस्‍थाएं शिक्षण संस्‍थानों और चिकित्‍सकों के मामले में विनियामक का काम करती हैं। फिलहाल, योग और प्राकृतिक चिकित्‍सा औषधिरहित चिकित्‍सा पद्धतियां हैं, अत: इनका विनियमन नहीं किया जाता।  यह जानकारी आज राज्‍यसभा में आयुष राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्रीपद येस्‍सो नायक ने एक लिखित उत्‍तर में दी।

 

आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होमियोपैथी महाविद्यालयों का 2014-15 शिक्षण वर्ष के दौरान राज्‍य/ संघ शासित प्रदेशवार विवरण

 

क्रमसंख्‍या राज्‍य/संघ शासित प्रदेश आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की संख्‍या यूनानी महाविद्यलयों की संख्‍या सिद्ध महाविद्यालयों की संख्‍या होमियोपैथी महाविद्यालयों की संख्‍या कुल आयुष महा विद्यालय
आंध्र प्रदेश 02 01 00 06 9
अरुणाचल प्रदेश 00 00 00 01 1
असम 01 00 00 03 4
बिहार 08 04 00 15 27
चंडीगढ़ 01 00 00 01 2
छत्‍तीसगढ़ 04 01 00 03 8
दिल्‍ली 02 02 00 02 6
गोवा 01 00 00 01 2
गुजरात 13 00 00 17 30
हरियाणा 08 00 00 01 9
हिमाचल प्रदेश 02 00 00 01 3
जम्‍मू/कश्‍मीर 01 02 00 00 3
झारखंड 01 00 00 04 5
कर्नाटक 59 05 00 11 75
केरल 17 00 01 05 23
मध्‍य प्रदेश 18 04 00 19 41
महाराष्‍ट्र 68 06 00 49 123
ओडीशा 06 00 00 06 12
पांडीचेरी 01 00 00 00 1
पंजाब 13 00 00 04 17
राजस्‍थान 11 02 00 08 21
तमिलनाडु 05 01 08 10 24
तेलंगाना 05 02 00 00 7
उत्‍तर प्रदेश 24 13 00 10 47
उत्‍तराखंड 06 00 00 02 8
पश्चिम बंगाल 04 01 00 12 17
जोड़ : 281 44 09 191 525

 

 

 

संदर्भ-पीआईबी/9 दिसंबर/2014