समाचार स्वस्थ भारत अभियान

देश की सभी दवा दुकानों पर मिलेंगी उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां, सरकार कानून लाने की तैयारी में

देश के लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सके इसके लिए सरकार हर वह कदम उठाने के लिए तैयार दिख रही है, जो वह उठा सकती है। इसी दिशा में सरकार अब सभी दवा दुकानों पर  जेनरिक दवा उपलब्ध करवाने के लिए कानून बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित अखबार अमर ऊजाला में प्रकाशित खबर में बताया गया है कि डीसीजीआई ने राज्यों को इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है। अगले 2 महीने में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।

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फार्मा सेक्टर समाचार

झारखंड के फार्मासिस्ट अंजन प्रकाश से पीएम ने की लंबी बातचीत

सेहत की  बात पीएम के साथ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने झारखंड के फार्मासिस्ट श्री अंजन प्रकाश से  लंबी बातचती की। अंजन प्रकाश ने  बताया कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर लोगों की सेवा करने के लिए प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र खोला है। उन्होंने बताया कि उनका केन्द्र झारखंड के रामगढ़ में है। वहां पर सूदूर गांव से लोग सस्ती दवाइयां लेने के लिए आते है। गरीब लोगों की दुवाएं मिलती हैं। हमें इस बात का संतोष मिलता है कि हमारे कारण लोगों को सस्ती दवाइयां मिल पा रही है।

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मन की बात समाचार

सफलता एवं समृद्धि का आधार स्वास्थ्य हैः प्रधानमंत्री

भारत सरकार स्वास्थ्य के मुद्दे पर बहुत ही गंभीर होती जा रही है। आज स्वास्थ्य के मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को तकरीबन 47 मिनट तक संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सफलता एवं समृद्धि का आधार स्वास्थ्य ही है। उन्होंने कहा कि बीमारी सिर्फ शारीरिक कष्ट नहीं देती बल्कि इसके सामाजिक एवं आर्थिक पक्ष भी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मध्यम वर्ग परिवार का सदस्य बीमार हो जाए तो उस परिवार की आर्थिकी खराब हो जाती है, कई बार तो मध्यम वर्ग का आदमी निम्न वर्ग में और निम्न वर्ग का आदमी गरीबी रेखा के नीचे चला जाता है।

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SBA विशेष फार्मा सेक्टर स्वस्थ भारत अभियान

स्वस्थ भारत ने मनाया अपना तीसरा स्थापना दिवस, गांधी का स्वास्थ्य चिंतन व जनऔषधि की अवधारणा विषय पर हुआ राष्ट्रीय परिसंवाद

अंतरराष्ट्रीय मानक के हिसाब से पेटेंट फ्री मेडिसिन को जेनरिक दवा कहा जाता है। लेकिन भारत में साल्ट के नाम से बिकने वाली दवा को सामान्यतया जेनरिक माना जाता रहा है। वैसे बाजार में जेनरिक दवाइयों को ‘ऐज अ ब्रांड’ बेचने का भी चलन है, जिसे आम बोलचाल में जेनरिक ब्रांडेड कहा जाता है। लेकिन ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’ के अंतर्गत खुलने वाली सभी दवा दुकानों पर हम लोग विशुद्ध जेनरिक दवा रखते हैं। यहां पर स्ट्रीप पर साल्ट अर्थात रसायन का ही नाम लिखा होता है’ अपने लक्ष्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि,’बीपीपीआई का गठन 2008 में हुआ था। तब से लेकर 2014 तक उतनी सफलता नहीं मिली जितनी मिलनी चाहिए थी। लेकिन 2014 से सरकार ने इस दिशा में तेजी से काम किया है और आज हम 3350 से ज्यादा जनऔषधि केन्द्र खोलने में सफल रहे हैं। 2018-19 में जनऔषधि केन्द्रों की संख्या 4000 तक ले जाने का हमारा लक्ष्य है।

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