समाचार स्वस्थ भारत अभियान

देश की सभी दवा दुकानों पर मिलेंगी उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां, सरकार कानून लाने की तैयारी में

देश के लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सके इसके लिए सरकार हर वह कदम उठाने के लिए तैयार दिख रही है, जो वह उठा सकती है। इसी दिशा में सरकार अब सभी दवा दुकानों पर  जेनरिक दवा उपलब्ध करवाने के लिए कानून बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित अखबार अमर ऊजाला में प्रकाशित खबर में बताया गया है कि डीसीजीआई ने राज्यों को इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है। अगले 2 महीने में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।

यदि लेख/समाचार से आप सहमत है तो इसे जरूर साझा करें
फार्मा सेक्टर समाचार

झारखंड के फार्मासिस्ट अंजन प्रकाश से पीएम ने की लंबी बातचीत

सेहत की  बात पीएम के साथ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने झारखंड के फार्मासिस्ट श्री अंजन प्रकाश से  लंबी बातचती की। अंजन प्रकाश ने  बताया कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर लोगों की सेवा करने के लिए प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र खोला है। उन्होंने बताया कि उनका केन्द्र झारखंड के रामगढ़ में है। वहां पर सूदूर गांव से लोग सस्ती दवाइयां लेने के लिए आते है। गरीब लोगों की दुवाएं मिलती हैं। हमें इस बात का संतोष मिलता है कि हमारे कारण लोगों को सस्ती दवाइयां मिल पा रही है।

यदि लेख/समाचार से आप सहमत है तो इसे जरूर साझा करें
विविध समाचार

बेगुसराय में खुला प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र

स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत 2012 से चलाए जा रहे जेनरिक लाइए पैसा बचाइए कैंपेन के तहत बिहार के बेगुसराय में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र का उद्घाटन पर्यावर्ण दिवस के अवसर पर किया गया।  जनऔषधि परियोजना के नोडल अधिकारी कुणाल किशोर, स्वस्थ भारत अभियान के बेगुसराय संयोजक डॉ. एन.के. आनंद ने इस केन्द्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जनऔषधि परियोजना, बिहार के नोडल अधिकारी कुणाल किशोर ने कहा कि, जनऔषधि का प्रचार प्रसार बहुत जरूरी है। बाजार मूल्य से यहां पर 50 फीसद तक सस्ती दवाइयां मिलती है। सरकार चाहती है कि लोगों को सस्ती दवाइयां मिले। उन्होंने कहा कि महंगी दवाइयों के कारण 55 हजार परिवार गरीबी रेखा से नहीं ऊबर पाते हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना एक क्रांतिकारी कदम है।

यदि लेख/समाचार से आप सहमत है तो इसे जरूर साझा करें
SBA विशेष मन की बात विमर्श

जेनरिक दवाइयां अनिवार्य रूप से देश के सभी दवा दुकानों पर उपलब्ध होनी चाहिए

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत भारत सरकार निश्चित रूप से लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने में जुटी है। जाने-अनजाने में सरकार ने एक समानान्तर दवा बाजार बनाने की कोशिश की है। एक बाजार जिस दवा को 100 रुपये में बेच रहा है, उसी दवा को जनऔषधि केन्द्र में 10 रुपये में बेचा जा रहा है। मुनाफे के खेल को खत्म करने की एक सार्थक कदम भारत सरकार ने उठाया है। लेकिन सही अर्थों में 3600 जनऔषधि केन्द्रों से देश की सवा अरब जनता को सस्ती दवाइयां नहीं उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके लिए सरकार को दवा बाजार के अर्थतंत्र को ठीक से समझना होगा। बाजार के खेल को समझना होगा। बिना इसे समझे सरकार आम लोगों तक सस्ती दवाइयों की खुराक नहीं पहुंचा सकती है।

यदि लेख/समाचार से आप सहमत है तो इसे जरूर साझा करें