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बिहार में जनऔषधि केन्द्र खोलना हुआ आसान, बिहार सरकार देगी सरकारी अस्पतालों में स्थान

जेनरिक दवा को लोगों तक पहुंचाने के लिए बिहार सरकार इन दिनों कमर कस चुकी है।  एक नए आदेश में बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जनऔषधि केन्द्र खोलने  के लिए मुफ्त में स्थान देने  की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले को बहुत सराहा जा रहा है। सरकार के इस फैसले से जहां जनऔषधि केन्द्र खोलने में सहुलियत होगी वहीं फार्मासिस्टों के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर है खुद को स्वरोजगार से जोड़ने का।

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SBA विशेष मन की बात विमर्श

जेनरिक दवाइयां अनिवार्य रूप से देश के सभी दवा दुकानों पर उपलब्ध होनी चाहिए

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत भारत सरकार निश्चित रूप से लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने में जुटी है। जाने-अनजाने में सरकार ने एक समानान्तर दवा बाजार बनाने की कोशिश की है। एक बाजार जिस दवा को 100 रुपये में बेच रहा है, उसी दवा को जनऔषधि केन्द्र में 10 रुपये में बेचा जा रहा है। मुनाफे के खेल को खत्म करने की एक सार्थक कदम भारत सरकार ने उठाया है। लेकिन सही अर्थों में 3600 जनऔषधि केन्द्रों से देश की सवा अरब जनता को सस्ती दवाइयां नहीं उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके लिए सरकार को दवा बाजार के अर्थतंत्र को ठीक से समझना होगा। बाजार के खेल को समझना होगा। बिना इसे समझे सरकार आम लोगों तक सस्ती दवाइयों की खुराक नहीं पहुंचा सकती है।

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