समाचार स्वस्थ भारत अभियान

देश की सभी दवा दुकानों पर मिलेंगी उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां, सरकार कानून लाने की तैयारी में

देश के लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सके इसके लिए सरकार हर वह कदम उठाने के लिए तैयार दिख रही है, जो वह उठा सकती है। इसी दिशा में सरकार अब सभी दवा दुकानों पर  जेनरिक दवा उपलब्ध करवाने के लिए कानून बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित अखबार अमर ऊजाला में प्रकाशित खबर में बताया गया है कि डीसीजीआई ने राज्यों को इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है। अगले 2 महीने में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।

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पोलियो उन्मूलन के लिए भारत को मिली वैश्विक सराहना,2011 के बाद भारत में पोलियों का एक भी मामला सामने नहीं आया है

विशेषज्ञों के समूह ने-पिलाने और सूई द्वारा दिए जाने वाले पोलियो टीकों- दोनों का उपयोग करने के लिए भारत की सराहना की और तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने इस दिशा में जिस तरह से कार्य किया उससे भारत में आने वाले समय में भी कोई बच्चा पोलियो का शिकार न हो पायेगा, यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। सामुदायिक भागीदारी देश में पोलियो टीकाकरण प्रयासों का एक अभिन्न अंग रहा है। विशेषज्ञों के समूह ने देखा कि 23 लाख से अधिक टीकाकरणकर्ताओं को हर पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए एकत्रित किया गया है, जिसके दौरान 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की बूंद पिलायी गयी

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समाचार

46 प्रतिशत महिलाएं माहवारी में लेती हैं दफ्तर से छुट्टी:सर्वे

 भारत में 60 फीसद कामकाजी महिलाएं मासिक धर्म के दौरान तैराकी, योग, नृत्य, जिम इत्यादि में भाग नहीं ले पाती हैं।  फेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स ब्रांड एवेरटीन के तीसरे माहवारी स्वच्छता सर्वे यह बात सामने आई है। इस सर्वे में भारत के 85 शहरों से 2000 से ज्यादा महिलाओं में भाग लिया. इस सर्वे में के परिणामों पर गौर किया जाए तो कुल प्रतिभागियों में से 49 फीसद महिलाओं ने माना कि वे माहवारी के दौरान काम पर ध्यान नहीं दे पाती, 58 फीसद महिलाओं ने कहा कि माहवारी उनकी कार्यक्षमता पर असर डालता है।

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मन की बात समाचार

सफलता एवं समृद्धि का आधार स्वास्थ्य हैः प्रधानमंत्री

भारत सरकार स्वास्थ्य के मुद्दे पर बहुत ही गंभीर होती जा रही है। आज स्वास्थ्य के मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को तकरीबन 47 मिनट तक संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सफलता एवं समृद्धि का आधार स्वास्थ्य ही है। उन्होंने कहा कि बीमारी सिर्फ शारीरिक कष्ट नहीं देती बल्कि इसके सामाजिक एवं आर्थिक पक्ष भी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मध्यम वर्ग परिवार का सदस्य बीमार हो जाए तो उस परिवार की आर्थिकी खराब हो जाती है, कई बार तो मध्यम वर्ग का आदमी निम्न वर्ग में और निम्न वर्ग का आदमी गरीबी रेखा के नीचे चला जाता है।

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समाचार

स्कूली बच्चों को पर्यावरण रक्षक बनना चाहिए: डॉक्टर हर्षवर्द्धन

किसी भी सामाजिक उद्यम में स्कूली बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉक्टर हर्षवर्द्धन ने स्कूली बच्चों से पर्यावरण रक्षक बनने एवं प्लास्टिक प्रदूषण के संकट से पार पाने में सरकार एवं समाज की सहायता करने का अनुरोध किया । दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लगभग 200 स्कूलों के 10,000 से भी अधिक बच्चे—जो यहां 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस की तैयारी के लिये आयोजित मिनी मैराथन ‘इन्वीथॉन’में सम्मिलित होने के लिये एकत्रित हुए थे—को संबोधित करते हुए डॉक्टर हर्षवर्द्धन ने कहा कि बच्चों में, जिस भी कार्य में वह संलग्न हों, उसमें शक्ति एवं उत्साह भर देने एवं अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करने की अगाध क्षमता होती है ।

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मन की बात विविध

साक्षात्कारः पीरियड का मुद्दा सिर्फ ‘दाग़’ और ‘दर्द’ तक सीमित नहीं है: स्वाती सिंह

स्वस्थ समाज की कल्पना हम एक स्वस्थ माहौल के बिना नहीं कर सकते हैं, जिसकी शुरुआत हमें आज से करनी होगी| पीरियड के मुद्दे पर देखा जाए तो आज भी अधिकाँश लड़कियां पहली बार पीरियड आने पर डर जाती है, क्योंकि इसके बारे में उन्हें पहले कुछ भी नहीं बताया जाता| ऐसे में ज़रूरी है कि किशोरियों को पीरियड के बारे पहले से प्रशिक्षित किया जाए, जिससे उनके पहले पीरियड का अनुभव उनके लिए डरावना न हो।

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काम की बातें समाचार

माहवारी गौरव का क्षण है, इसके बारे में खुलकर बात करेंः डॉ. ममता ठाकुर

दिल्ली सरकार  के स्वास्थ्य मंत्री  सत्येंद जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में स्थित सभी १० बेड के प्राइवेट अस्पतालों को भी सरकारी पैनेल में लेने के ऊपर काम कर रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि, स्वच्छता को  मद्देनजर रखते हुए सभी प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों को भी मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। उन्होंने रोगियों और और उनके परिजनों से आह्वान किया कि अस्पताल में शांति बनाये रखें एवं किसी भी परिस्थिति में इलाज करने वाले डॉक्टरों को उत्तेजित होकर आरोप न लगायें । डॉक्टर कभी भी अपने तरफ से जानबूझ कर गलती नहीं करते है ,बल्कि वह भी इंसान ही है भगवान नहीं । स्वास्थ्य मंत्री ने डी एम ए के अध्यक्ष डॉ अश्विनी गोएल, सचिव डॉ जी .एस .ग्रेवाल और डॉ मणिकांत सिंघल सहित  पूरी डी एम ए टीम को कार्यक्रम आयोजन के लिए उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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समाचार

स्वस्थ भारत के लिए जरूरी हैं खेल: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने खत्म हो रहे पारंपरिक खेलों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि, खेलों कभी-कभी चिंता होती है कि कहीं हमारे यह खेल खो न जाएँ और वह सिर्फ खेल ही नहीं खो जाएगा, कहीं बचपन ही खो जाएगा और फिर उस कविताओं को हम सुनते रहेंगे –

यह दौलत भी ले लो

यह शौहरत भी ले लो

भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी

मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन

वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी

 यही गीत हम सुनते रह जाएँगे और इसीलिए यह पारंपरिक खेल, इसको खोना नहीं है। आज आवश्यकता है कि स्कूल, मौहल्ले,युवा-मंडल आगे आकर इन खेलों को बढ़ावा दें। crowd sourcing के द्वारा हम अपने पारंपरिक खेलों का एक बहुत बड़ा archive बना सकते हैं। इन खेलों के videos बनाए जा सकते हैं, जिनमें खेलों के नियम, खेलने के तरीके के बारे में दिखाया जा सकता है। Animation फ़िल्में भी बनाई जा सकती हैं ताकि हमारी जो नई पीढ़ी है, जिनके लिए यह गलियों में खेले जाने वाले खेल कभी-कभी अज़ूबा होता है – वह देखेंगे, खेलेंगे, खिलेंगे।

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SBA विशेष मन की बात

आयुष्मान भारत से होगा भारत स्वस्थ

विगत 22 मार्च 2018 को  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन को मंजूरी दी। इस मिशन में केंद्रीय सरकार का हिस्सा आयुष्मान भारत के तहत उपलब्ध होगा, जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक कार्यक्रम है। इस बावत केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि, एनएचपीएम सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह स्वास्थ्य खर्च की भयावहता से 50 करोड़ लोगों (10 करोड़ परिवारों) को सुरक्षित करेगा। इससे देश के 40 प्रतिशत जनसंख्या को लाभ मिलेगा।

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फार्मा सेक्टर मन की बात स्वस्थ भारत अभियान

देश के हर पंचायत में जरूरी है जनऔषधि केन्द्र

यह हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने का काम इधर के वर्षों में तेजी से हुआ है। विपल्व चटर्जी के मार्गदर्शन में काम को गति मिली। हम आशा करते हैं कि विपल्व जी देश के प्रत्येक पंचायत में एक जनऔषधि केन्द्र खोलने का संकल्प लेंगे। स्वस्थ भारत उनके इस नेक काम में हर संभव मदद करने की कोशिश करेगा।

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