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स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर

आंख नहीं, दुनिया देखती हैं कलगी रावल
• स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर
• गोधरा के सरस्वती विद्या मंदिर एवं बापूनगर अहमदाबाद के वाणिज्य महाविद्यालय का यात्रा दल ने किया दौरा, बालिकाओं को दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश
• शहीद ऋषिकेश रामाणी को दी श्रंद्धांजली

अहमदाबाद 8.2.17

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कहते हैं कि बालक-बालिकाओं में हुनर की कमी नहीं होती, जरूरत होती है उसे तराशने की, सही मार्गदर्शन की। एक बार उन्हें सही मार्गदर्शन मिल जाए तो वो अपनी मंजिल खुद ही बना लेती हैं। ऐसी ही एक नेत्रहीन बालिका हैं कलगी रावल। कलगी जन्मजात नेत्रहीन हैं। बावजूद इसके उन्होंने अपनी जिंदगी में अंधेरे अपने पास फटकने नहीं दिया। 10 वीं परीक्षा डायरेक्ट दीं और 76 फीसद अंकों से उतीर्ण हुईं। इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिका जाकर 10000 ऑडियंस के बीच अपनी बात को रखा। रेडियो जॉकी के रूप में काम किया। सुगम्य भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपने जैसी बालिकाओं की सेवा करने की ठानी है और कल्गी फाउंडेशन के जरीए यह काम कर रही हैं। गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली कलगी के इसी आत्मविश्वास ने उन्हें स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर बनाया है। भारत भ्रमण पर निकली स्वस्थ भारत यात्रा दल ने अपने अभियान के लिए कलगी को चुना है। इस बावत कलगी ने कहा कि उन्हें स्वस्थ भारत के इस अभियान के बारे में जानकर बहुत खुश हूं, साथ ही इसका हिस्सा बनना मेरे लिए आनंद का विषय है।

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बापुनगर के बालिकाओं ने लिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज के संदेश को घर-घर पहुंचाने का संकल्प
गुजरात के अहमदाबाद स्थित बापूनगर में स्वस्थ भारत यात्रा दल ने वाणिज्य महिला महाविद्यालय की छात्राओं को संबोधित किया। इस अवसर पर स्वस्थ भारत न्यास के चेयरमैन आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि बालिका स्वास्थ्य की स्थिति बहुत दयनीय है. जबतक हम बालिकाओं में प्राथमिक स्तर से ही स्वास्थ्य चिंतन का बीच नहीं बो देंगे तब तक सही मायने में स्वास्थ्य धारा का प्रवाह नहीं हो पायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य हमारा मौलिक अधिकार है। ऐसे हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना, अपने परिवार को रखना ही सही मायने में न्याय है। प्लेटो के न्याय के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी स्वास्थ्य को नहीं बचायेंगे तो हम अपने, अपने परिवार एवं राष्ट्र के प्रति न्याय नहीं कर पायेंगे। भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुरू की गई इस यात्रा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हम पूरे देश में जाकर बालिकाओं से संवाद करने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर वाणिज्य महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने सुंदर गीत-संगीत प्रस्तुत किया। कलगी रावल को इस मंच से स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर मनोनित किया गया। कॉलेज की प्रधानाचार्य किंजलबेन कथिरिया, अल्काबेन सिरोया, हिम्मतभाई, प्रफुल्ल भाई सावलिया, सामाजिक कार्यकर्ता संजय भाई बेंगानी, भूषणभाई कुलकर्णी, सत्यनारायम वैष्णव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
शहीद वीर मेजर ऋषिकेश रामाणी को यात्रा दल ने दी श्रद्धांजलि

अहमदाबाद का नाम रौशन करने वाले शहीद ऋषिकेश रामाणी की प्रतिमा पर जाकर यात्रा दल ने उन्हें सलामी दी। साथ ही उनके नाम से चलाए जा रहे नगर निगम स्कूल का दौरा भी किया। शहीद वीर मेजर ऋषिकेश रमाणी स्कूल को वल्लभभाई ने गोद लिया है। वल्लभभाई के प्रति वहां के छात्रों में अपार स्नेह देखने को मिला। स्वस्थ भारत के आशुतोष कुमार सिंह ने उन्हें अपनी पत्रिका भेंट की और यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर शहीद के पिता वल्लभभाई रमाणी एवं शहीद के नाम से चलाए जा रहे नगर निगम स्कूल के प्राचार्य, रवि पटेल सहित शहर के कई लोग उपस्थित थे।

गोधरा ने भी किया स्वागत

देश के लोगों के मन में गोधरा को लेकर एक संशय की स्थिति आज भी बनी हुई है। लेकिन जिस अंदाज में गोधरा ने स्वस्थ भारत यात्रा का स्वागत किया व अतुलनीय है। गोधरा के स्थानीय पत्रकार रामजानी ए रहीम ने यात्रा दल को पंचमहल के जिला निगम अधिकारी एम.एस गडवी से मिलवाया। उनके सहयोग से यात्रा दल गोधरा के सरस्वती विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में जाकर स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश दिया। इस स्कूल की बालिकाओं की परवरिश स्वस्थ तरीके से होते देख स्कूल प्रबंधन को स्वस्थ भारत की ओर से आशुतोष कुमार सिंह ने साधुवाद दिया। यात्रा दल में वरिष्ठ गांधीवादी लेखक एवं पत्रकार कुमार कृष्णनन एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार रोहिल्ला भी श्री आशुतोष के साथ हैं।

गौरतलब है कि भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वस्थ भारत की टीम स्वस्थ भारत यात्रा पर निकली है। स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश देने निकली इस टीम को गांधी स्मृति दर्शन समित, स्पंदन, नेस्टिवा, राजकमल प्रकाशन समूह, संवाद मीडिया, नेस्टिवा अस्पताल, मेडिकेयर, हेल्प एंड होप, जलधारा, वर्ल्ड टीवी न्यूज, आर्यावर्त लाईव सहित कई समाजसेवी संस्थाओं एवं मीडिया मित्रो सहयोग एवं समर्थन प्राप्त है।
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नोटः यात्रा अहमदाबाद के बाद सूरत की ओर कूच कर गयी है। उसके बाद यात्रा मुंबई पहुंचेगी। संपर्क-9891228151, 9811288151

6 छात्राओं को बनाया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर

झाबुआ की 6 बालिकाएं बनी स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज की गुडविल एम्बेसडर

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भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गंधिस्मृति एवं दर्शन समिति के मार्गदर्शन में निकली स्वस्थ भारत यात्रा टीम ने आज माँ त्रिपुरा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की बालिकाओं को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का सन्देश दिया.
छात्राओं को संबोधित करते हुए स्वस्थ भारत न्यास के चेयरमैन आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि आपलोग नर्सिंग की छात्रा हैं, आप के ऊपर देश के स्वास्थ्य की बड़ी जिम्मेदारी हैं. सही मायने में स्वस्थ भारत की सिपाही आप ही लोग हैं. छात्राओं को उन्होंने antibaiotic के दुरूपयोग को लेकर भी जागरुक किया. साथ ही उनसे शुभ लाभ की अवधारणा पर इलाज करने का संकल्प कराया. इस अवसर पर गांधीवादी चिंतक कुमार कृष्णन ने भी अपनी बात रखी.
स्वस्थ भारत यात्री दल ने कॉलेज की तीन छात्राओं को स्वस्थ भारत की ओर से स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गूडविल अम्बेसडर मनोनीत किया.
गौरतलब है की झाबुआ प्रवास के प्रथम दिन भी उत्कृष्ट विद्यालय से तीन बालिकाओं को यात्री दल ने इस अभियान का गुड विल अम्बेसडर बनाया था. साथ ही यहां के पुलिस अधीक्षक महेश चंद जैन से मुलाकात कर यात्रा की जानकारी दी थी. उन्होंने यात्री दल को कम उम्र में बालिकाओं की हो रही शादी के प्रति भी लोगों को जागरूक करने का सुझाव दिया.

स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज की गुडविल अम्बेसडर

  1. मनीषा गाडडिया
  2. साक्षी सोलंकी
  3. ऋतू निनामा
    सभी उत्कृष्ट विद्यालय, झाबुआ

4 पूजा डोहरिया
5 नेहा डावर
6 इंदूबाला खेतेडीया

कार्यक्रम की शुरुवात दीपप्रज्वलन के साथ हुआ. कार्यक्रम का सञ्चालन श्री ओम शर्मा जी ने की. इस अवसर पर यात्री दल के विनोद कुमार रोहिला, कॉलेज के प्रधानाचार्य अल्पित गांधी सहित बड़ी संख्या में बीएससी नर्सिंग की छात्राएं उपस्थित थी.

16000 हजार किमी की यह यात्रा झाबुआ से अहमदाबाद, मुम्बई होते हुए कन्याकुमारी, फिर नार्थ इष्ट होते हुए दिल्ली तक जायेगी. इस यात्रा में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, राजकमल प्रकाशन समूह, नॅस्टिवा अस्पताल, संवाद मीडिया सहित कई समाजसेवी संस्थाएं सहयोग कर रही हैं.

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इंदौर की पांच वालिकाएं बनीं ‘स्वस्थ वालिका स्वस्थ समाज’ की गुडविल एम्बेसडर

#YatraRapat #SwasthBharatYatra
इंदौर की पांच वालिकाएं बनीं ‘स्वस्थ वालिका स्वस्थ समाज’ की गुडविल एम्बेसडर
ईवा वेलफेयर ऑरगाइनेशन ने स्वस्थ भारत यात्रा का किया स्वागत
प्रेस क्लब इंदौर में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश

बीमार नहीं बीमारी को दूर करने की है जरूरत : आशुतोष कुमार सिंह
16000 किमी की स्वस्थ भारत यात्रा अप्रैल में होगी पूरी
गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के मार्गदर्शन में भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने पर चल रही है यह यात्रा
इंदौर। 5.02.17

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स्वस्थ भारत यात्रा के इंदौर पहुंचने पर इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित समारोह में ईवा ऑर्गनाइजेशन की ओर से स्वागत किया गया। आयोजित समारोह में स्वस्थ भारत यात्रा के प्रकल्पक आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि बालिकाओं के सेहत के सवाल की लगातार अनदेखी हो रही है। लोगों की संवेदना को झकझोरने और सामाजिक नजरिया बदलने के मकसद से यह यात्रा भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंग्रेजों को भगाने के लिए भारत छोड़ों आंदोलन की शुरूआत की थी उसी तरह हमारे साथियों ने देश से बीमारी को भगाने के लिए एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज की परिकल्पना की है। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य के सवाल पर लोगों का जागरूक होना जरूरी है। इस परिप्रेक्ष्य में ‘अपनी दवा को जाने’ और जेनरिक मेडिसिन को लेकर चलाये जा रहे मुहिम की विस्तार से जानकारी दी। मौजूदा समय में स्वास्थ्य नीति का ताना—वाना बीमारों को ठीक करने के ईदगिर्द घूम रही है। जबकि बीमारी खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने जीवन शैली को बदलने की चर्चा करते हुए कहा कि तुलसी, नीम जैसे हर्वल का इस्तेमाल कर हम स्वस्थ् रह सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि नीम और तुलसी के पौधे व्यापक स्तर पर लगाएं। इंदौर शहर के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ मनोहर भंडारी ने कहा कि स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज की अवधारणा ‘स्वस्थ समाज’ की दिशा में एक सार्थक पहल है। यह समाज में बालिकाओं के प्रति बढ़ी नकारात्मकता को कम करने की दिशा में उठाया गया एक बेहतर अनुष्ठान है। इस मौके पर इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने स्वस्थ भारत यात्रा की इस मुहिम को भ्ररपूर समर्थन दिया, साथ ही इंदौर की होनहार बालिकाओं को ‘स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज’ का गुडविल एम्बेसडर बनाए जाने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मीडिया के पास नकारात्मक खबरों को स्थान देने की जगह तो होती है लेकिन सकारात्मक खबरों को कम जगह मिल पाती है। ऐसे में जरूरत है आशुतोष एवं इनकी टीम के जैसे किए जा रहे सार्थक कार्यों को मीडिया में भरपूर जगह मिले। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार कुमार कृष्णन ने कहा कि गांधी का चिंतन लोगों तक ले जाना और बालिकाओं के प्रति उनके स्वास्थ्य के नजरिये को प्रसारित करना गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
ईवा वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन की ओर से आशुतोष कुमार सिंह, कुमार कृष्ण्न् और विनोद रोहिल्ला को सम्मानित किया गया। ईवा वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन की संस्थापक अध्यक्ष भारती मांडोले ने कहा कि बालिका किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने इस यात्रा के मुहिम की सराहना की और कहा यह गर्व का विषय है कि हमें इंदौर में स्वागत करने का अवसर मिला।

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शहर की पांच बालिकाएं बनी गुडविल एंबेसडर, वृसाली टिकलकर बनीं उनकी संरक्षक
प्रेस क्लब इंदौर में आयोजित इस समारोह में इंदौर शहर की पांच बालिकाओं को वृसाली टिकलकर साहू के संरक्षण में गुडविल एम्बेसडर बनाया गया। सात सालों से आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर पांच हजार वालिकाओं को प्रशिक्षित करनेवाली दलजीत कौर, नेत्रहीन एवं मूक वधिर को आत्म रक्षा का गुड़ सिखाने वाली रानी हनोतिया, सेवाभावी वैदेही व्यास, थ्रो वॉल में राष्ट्रीय स्तर नाम कमा चुकी सपना कुलकर्णी एवं गीत संगीत के साथ— साथ स्वास्थ की दुनिया में नाम कमाने वाली डॉ अश्विनी राठौर को स्वस्थ भारत (न्यास) की ओर से गुडविल एम्बेसडर मनोनित किया गया।
खुशी के आंसू

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समारोह में सम्मान पाकर दलजीर कौर और रानी हनोतिया इतनी भावुक हो गयी कि उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। इनके संबोधन के एक एक शब्द इतने भावपूर्ण थे कि सभी की आंखे गिली हुए बिना नहीं रह सकी। इस अवसर पर डॉ. अश्विनी राठौर से संगीत के माध्यम से बुलंद हौसले के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
देवास के झुग्गी बस्ती में पहुंची स्वस्थ भारत यात्रा
यात्रा टीम 5 फरवरी की सुबह भोपाल से चलकर इंदौर पहुंची। इस दौरान रास्ते में देवास के झुग्गी झोपड़ी के बच्चों के बीच समय बिताया। टीम को स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वच्छता के नाम पर सरकारी पैसे तो खूब आएं हैं लेकिन शौचालय के नाम पर इन्हें आज भी चार सौ मीटर दूर जाकर सार्वजनिक शौचालय की अस्वच्छ व्यवस्था में मल त्याग करना पड़ता है। इस स्थिति पर यात्री दल ने हैरानी जतायी और स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी बात सरकार तक पहुंचायी जाएगी। हालांकि इस बीच एक महिला के वक्तव्य ने सबका ध्यान आकृष्ट किया जिसमें उसने कहा कि झुग्गी में गंदगी नहीं मिलेगी तो और क्या मिलेगी?
कल यात्रा पहुंचेगी झाबुआ
गौरतलब है कि स्वस्थ भारत यात्रा भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वें वर्षगांठ पर आरंभ किया गया है। नंई दिल्ली में मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस यात्रा को गांधी स्मृति एंव दर्शन समिति, संवाद मीडिया, राजकमल प्रकाशन समूह, नेस्टिवा अस्पताल, मेडिकेयर अस्पताल, स्पंदन, जलधारा, हेल्प एंड होप सहित अन्य कई गैरसरकारी संस्थाओं का समर्थन है। 6 फरवरी को यह झाबुआ में रहेगी। 16000 किमी की जनसंदेशात्मक यह यात्रा अप्रैल में समाप्त होगी।
#SwasthBharatYatra #SwasthBalikaSwasthSamaj #KnowYourMedicine#SwasthBharatAbhiyan #GSDS

यात्री दल से संपर्क
9891228151, 9811288151

भविष्‍य से जुड़ा हैं बालिका स्वास्‍थ्‍य का चिंतन ”स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज”

                              अटल बिहारी वाजेपयी वि‍वि भोपाल मप्र
                                 पत्रकारिता विभाग
                            भविष्‍य से जुड़ा हैं बालिका स्वास्‍थ्‍य का चिंतन
                                  ”स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज”
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भोपाल, 03/02/2017। बालिका के स्वास्‍थ्‍य का चिंतन समाज के विकास एवं देश के भविष्य से जुड़ा हुआ हैं। मौजूदा समय में हम इससे नजर अंदाज नहीं कर सकते हैं। यह मानना है स्वस्थ भारत न्यास के अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह का। वह अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे। स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज विषय पर यह कार्यक्रम स्पंदन व विवि के गर्भ तपोवन संस्कांर केंद्र के सहयोग से किया गया था। समारोह का शुभारंभ मॉ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर किया गया। इस अवसर पर डॉ अभय चौधरी, डॉ यशवंत मिश्रा, कुमार कृष्णन और विनोद कुमार मौजूद थे।  यहां बता दें, आशुतोष कुमार सिंह अपने सहयोगियों के साथ बालिकाओं के स्वस्थ  जागरूकता के मुद्दे को लेकर स्वस्थ भारत यात्रा पर हैं।

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श्री सिंह ने बालिका स्वस्थ पर जहां चिंता जाहिर की वहीं स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज की अवधारणा पर विचार भी व्यंक्तय किया। उनका कहना था, सशक्त् देश की कल्पना बालिका स्वस्थ  को सुधारे बिना नहीं की जा सकती है। ध्यान देने की इसलिए भी जरूरत है, क्योंकि यह जहां देश का भविष्य है वहीं भाग्य विधाता भी है। सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही तमाम सुविधाओं के बाद भी स्थित जस की तस बनी रहने के पीछे शासन की उस व्यवस्था को जिंम्मे्दार ठहराया, जिसके तहत जैनेरिक दवाईयों को लगातार नजर अंदाज किया गया। खामियाजा यह रहा कि, जनता के स्वस्थ के नाम पर आवंटित बजट की अधिकतम राशि दबाईयों के नाम पर बड़ी वैश्विक कंपनियों की आय का जरिया बन रही है। इससे पूर्व विवि में पत्रकारिता विभाग के प्रभारी डॉ अनिल सौमित्र ने कहा कि, स्वस्थ का मुद़दा व्याक्ति और समाज के वि‍कास से जुड़ा है। जब तक हम सेहत मंद नहीं होंगे, तब तक हम किसी क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सकते हैं। बालिकाओं के स्वस्थ का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। लेकिन अफसोस है, कि लगातार अनदेखी हो रही है।  डॉ अभय चौधरी ने समाज में स्थित महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता को लेकर महिलाओं को मानसिक और शारीरि‍क रुप से शसक्त होने की बात पर जोर दिया हैं। इस कार्यक्रम में  हिंदी विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्रगण उपस्थित थे।

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यात्रा के बारे में
स्वस्थ भारत यात्रा दिल्ली से आरंभ हुई और हरियाणा और राजस्थान का सफर पूरा करते हुए गुरूवार रात भोपाल पहुंची। 16 हजार किमी का सफर तय करने के बाद इस यात्रा का समापन अप्रैल 2017 में दिल्ली पहुंचकर होगा। रविवार यह यात्रा मप्र के औद्योगिक शहर इंदौर में पड़ाव डालेगी। इसके बाद 6 फरवरी को झाबुआ पहुंचेगी। यहां लोगों के साथ संवाद होगा और यात्रा के मकसद से जनसमुदाय को अवगत कराया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

– आशुतोष कुमार सिंह
राष्‍ट्रीय समन्वयक
स्वस्थ भारत यात्रा
09891228151

स्वस्थ भारत का सपना जरूर पूरा होगाः आशुतोष कुमार सिंह

आज स्वस्थ भारत अभियान के संयोजक आशुतोष कुमार सिंह का जन्म दिन है। उनके जन्म दिन के अवसर पर हम आपके लिए लेकर आए हैं विशेष बातचीत। पिछले दिनों विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आशुतोष कुमार सिंह का साक्षात्कार आकाशवाणी के एफएम रेंबो ने आशुतोष कुमार सिंह से स्वास्थ्य  के संबंध में विशेष चर्चा की थी। आप भी सुने और स्वस्थ भारत की उनकी परिकल्पना को साकार करने में उनका साथ दें।

एंटीबायोटिक्स खाने का सीधा असर दिमाग पर

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लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स का सेवन वैसे तो साइड इफेक्ट्स को जन्म देता है लेकिन सबसे गंभीर है कि इन दवाओं को खाने से इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है।

यह सामने आया है हाल ही में जर्नल सेल रिपोट्र्स में प्रकाशित की गई एक रिसर्च में। बर्लिन में मैक्स डेलब्रक सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर मेडिसिन में यह रिसर्च की गई है। इसमें बताया गया है कि दिमाग को तेज रखने के लिए आंत में हैल्दी बैक्टीरिया की आवश्यकता होती है।

एक विशेष प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिका बेक्टीरिया और दिमाग के बीच मध्यस्थता का काम करती है। आंत और ब्रेन से निकलने वाले हार्मोन सीधा तंत्रिका संपर्क के सहारे एक-दूसरे के साथ संवाद कायम करते हैं।

इस स्टडी में रिसर्चर्स ने एंटीबायोटिक के सहारे चूहे की आंत के माइक्रोबायोम (आंतों में मौजूद जीवाणु) को खत्म कर दिया। एंटीबायोटिक इलाज न पाने वाले चूहों की तुलना में इलाज पाने वाले चूहों के मस्तिष्क के हिप्पोकैंपस में बेहद कम संख्या में नई मस्तिष्क कोशिकाओं (मेमोरी के लिए महत्वपूर्ण) का निर्माण हुआ।

कम कोशिकाओं के निर्माण से इन चूहों की मेमोरी डिफेक्ट पाया गया। साथ ही रिसर्चर्स ने इन चूहों में विशेष प्रतिरक्षा कोशिकाओं एलवाई6सी (एचआई) मोनोसाइट की संख्या में भी कमी दर्ज की।

साभार : राजस्थान पत्रिका

 

‘स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ से बुजुर्गों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी : स्वास्थ्य मंत्री

 

 

j p naddaस्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जे.पी.नड्डा ने बजट का स्वागत करते हुए कहा, ‘बजट, 2016-17 एक दूरदर्शी और प्रगतिशील बजट है, जिसमें ग्रामीणों, किसानों, युवाओं सहित समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं का ध्‍यान रखा गया है। बजट से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को भी पूरा फायदा पहुंचेगा। बजट से देश के विकास को गति मिलेगी।’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आम बजट के नौ स्तंभ हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र, सामाजिक क्षेत्र, स्‍वास्‍थ्‍य एवं शिक्षा, वित्‍तीय क्षेत्र और संरचना क्षेत्र में विकास और वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। संरचना के लिए जो प्रावधान किया गया है उससे देश की विभिन्‍न संरचनात्मक गतिविधियों को बल मिलेगा और देश का विकास होगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी लाने का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए कई योजनाओं की घोषणाएं की गई हैं। उन्‍होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से पूरे परिवार को और खासतौर से वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश भर में तीन हजार जन औषधि स्‍टोर खोले जाएंगे, जहां सस्‍ती दरों पर दवाइयां उपलब्‍ध होंगी। यह निश्चित रूप से नागरिकों के अनुकूल प्रावधान किया गया है।

श्री नड्डा ने कहा कि ‘राष्ट्रीय डायलेसिस सेवा कार्यक्रम’ के तहत जिला अस्‍पतालों में डायलेसिस सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिनसे आबादी के बड़े हिस्‍से को बहुत राहत मिलेगी। यह सेवा पीपीपी पद्धति से प्रदान की जाएगी। उन्‍होंने कहा कि इस दिशा में डायलेसिस उपकरणों के कुछ पुर्जों को विभिन्‍न शुल्कों से मुक्त करना सही दिशा में उठाया गया कदम है।

ईलाज के वक्त इन बातों का रखें विशेष ध्यान…

आशुतोष कुमार सिंह

राष्ट्र के स्वास्थ्य को लेकर पिछले कुछ महीनों से सरकारी स्तर पर सक्रियता बढ़ी है। सरकार ने नई दवा नीति-2013 को लागू कर दिया है। सरकार दावा कर रही है कि नई दवा नीति लागू होने से दवाइयों के मूल्यों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। हालांकि कुछ संगठन एवं बुद्धिजीवी सरकार के दावों को सच नहीं मान रहे हैं। खैर, स्वास्थ्य चिंतन का मसला केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। इसमें आम आदमी की भागीदारी जरूरी है। जब तक आप अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंतित नहीं होंगे, सरकार की किसी भी योजना का लाभ आप तक नहीं पहुंच सकता। ऐसे में जरूरी है कि हम और आप स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, अपने अधिकारों को जाने-समझे।

डॉक्टर-मरीज संवाद बहुत जरूरी

डॉक्टर-मरीज संवाद बहुत जरूरी

नई दवा-नीति लागू होने और 400 दवाइयों के नाम एसेन्शीयल मेडिसिन लिस्ट में आने भर से आम उपभोक्ताओं को लाभ मिल ही जायेगा, इसकी गारंटी अभी कोई नहीं दे सकता है, हाँ यह जरूर है कि आप जाग गए तो आपका ईलाज बेहतर हो सकता है। इसके लिए कुछ मुख्य बिन्दुओं पर ध्यान देने की जरूरत है।

दवा दुकानदार से सरकारी रेट लिस्ट मांगे

नेशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग ऑथोरिटी (एनपीपीए) के गाइडलाइंस के अनुसार प्रत्येक दवा दुकानदार के पास एसेंशियल मेडिसिन लिस्ट में शामिल दवाइयों के सरकारी मूल्य की सूची होनी चाहिए। प्रत्येक उपभोक्ता को यह अधिकार है कि वह दवा दुकानदारों से सरकारी रेट लिस्ट माँग सके। अगर आप इतनी-सी पहल कीजियेगा तो सरकार द्वारा तय मूल्य से ज्यादा एम.आर.पी की दवा आपको दुकानदार नहीं दे पायेगा। डॉक्टर भी महंगी दवाइयां लिखने से पहले कई बार सोचेंगे। तो अपने केमिस्ट से सरकारी दवा की मूल्य सूची जरूर माँगे।

साफ-साफ अक्षरों में दवाइयां लिखने के लिए डॉक्टर से कहें

आप यदि किसी डॉक्टर को शुल्क देकर अपना ईलाज करा रहे हैं तो यह आपका अधिकार है कि आप डॉक्टर से कह सके कि वह साफ-साफ अक्षरों में दवाइयों के नाम लिखे। साफ अक्षरों में लिखे दवाइयों के नाम से आपको दवा खरीदने से लेकर उसके बारे जानने-समझने में सुविधा होगी। केमिस्ट भी गलती से दूसरी दवा नहीं दे पायेगा। जिस फार्म्यूलेशन की दवा है, उसे आप एसेंशीयल मेडिसिन लिस्ट से मिला सकते हैं। ज्यादा एम.आर.पी होने पर आप इसकी शिकायत ड्रग इंस्पेक्टर से लेकर एनपीपीए तक को कर सकते हैं।

अपने डॉक्टर से कहें सबसे सस्ती दवा लिखें

जिस फार्म्यूलेशन का दवा आपको डॉक्टर साहब लिख रहे हैं, उसी फार्म्यूलेशन की सबसे सस्ता ब्रान्ड कौन-सा है, यह आप डॉक्टर से पूछे। केमिस्ट से भी आप सेम कम्पोजिशन की सबसे सस्ती दवा देने को कह सकते हैं। दवा लेने के बाद अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं। गौरतलब है कि डॉक्टरों पर सस्ती और जेनरिक नाम की दवाइयां लिखने के लिए सरकार कानून लाने की तैयारी कर रही है।

सेकेंड ओपेनियन जरूर लें

यदि किसी गंभीर बीमारी होने की पुष्टि आपका डॉक्टर करता हैं तो ईलाज शुरू कराने से पहले एक दो और डॉक्टरों से सलाह जरूर लें। कई बार गलत ईलाज हो जाने के कारण मरीज की जान तक चली जाती है।

एंटीबायोटिक दवाइयां बिना डॉक्टरी सलाह के न लें

बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन न करें। पहले आप कौन-कौन सी एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन कर चुके हैं, उसका विवरण डॉक्टर को जरूर दें। बिना जाँच के कि कौन-सी एंटीबायोटिक आपको सूट करेगी, एंटीबायोटिक का इस्तेमाल सेहत के लिए नुक्सानदेह है। अगर आपका डॉक्टर कोई एंटीबायोटिक लिख रहा है तो उससे पूछिए की इसका क्या फंक्शन है। ध्यान रखिए कि डॉक्टर साहब आपके सेवक हैं, जिन्हें आप सेवा शुल्क दे रहे हैं। डॉक्टर और मरीज का संवाद बहुत जरूरी है।

मेडिकल हिस्ट्री जरूर माँगे

आप जहाँ भी ईलाज कराएं, ईलाज की पूरी फाइल संभाल कर रखें। यदि अस्पताल में आप भर्ती हैं तो डिस्चार्ज होते समय मेडिकल हिस्ट्री जरूर माँगे। इसको सम्भाल कर रखे। आपकी मेडिकल हिस्ट्री भविष्य में आपके ईलाज में बहुत सहायक साबित होगी।

 

Soft Drink

अपनी मौत तो नहीं पी रहे हैं!

Ashutosh Kumar Singh for SBA

Soft Drink

सॉफ्ट ड्रिंक किसी भी सूरत में सेहत के लिए लाभप्रद नहीं है

जिस तरह से बाजार ने हमें अपना गुलाम बनाया है, हम भूल गए हैं कि हम जो खा रहे हैं, जो पी रहे हैं वह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानीकारक है की नहीं। हम खुद को एक विशेष वर्ग का बताने के लिए अपनी जीवन-शैली को नकारात्मक तरीके से बदलने के लिए मजबूर होते जा रहे हैं। हमें संभलने की जरूरत है। आज लोकसभा में इस बावत एक प्रश्न का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने यह माना है कि भारतीय मानक ब्‍यूरो द्वारा कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के लिए जारी आईएस 2346:1992 के अनुसार जो भारतीय मानक निर्धारित किए हैं, उनका पालन करने में बहुत से उत्पाद असफल रहे हैं। 2013-14 में जांच के लिए 257 नमूने लिए गए थे, जिनमें 11 नमूने मानक मापदंडों को पूर्ण करने में असफल रहे हैं। वर्तमान में इस बावत आठ मामले कोर्ट में चल रहे हैं।

सॉफ्ट ड्रिंक बनाते समय ध्यान देने वाली बात

 भारतीय मानक ब्‍यूरो ने कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के लिए आईएस 2346:1992 के अनुसार भारतीय मानक निर्धारित किए हैं। इन नियमों में इन पदार्थों के नमूनों और परीक्षण के संबंध में  बताया गया है। यह निम्नलिखित हैं-

  1. कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के प्रकार
  2. इन पेय पदार्थों को तैयार करने के लिए निर्धारित स्‍वीकृत तत्वों की सूची
  3. स्वास्थ्यकर परिस्थितियां
  4. उत्पाद का विवरण
  5. रासायनिक और माइक्रोबायोलोजिकल आवश्यकताएं
  6. पैकिंग संबंधी जरूरतें
  7. ब्रांड/लेबल संबंधी आवश्यकताएं
  8. सैम्पलिंग

खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमन (खा़द्य सुरक्षा मानक और खाद्ययोग्‍य पदार्थ) 2011 में कार्बोनेटेड पेय पदार्थों को तैयार करने के लिए स्‍वीकृत/गैर-स्‍वीकृत सामग्री की सूची दी गई है।

राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा और मानक कानून 2006 के अंतर्गत सॉफ्ट ड्रिंक के उठाये गये नमूनों, मानकों के उल्‍लंघन और इसके तहत अदालत में चल रहे मामलों की संख्‍या नीचे दी गई है:

 

वर्ष विश्‍लेषित नमूनों की संख्‍या मानकों का उल्‍लंघन अदालत में चल रहे मामले
2011-12 201 9 9
2012-13 272 27 27
2013-14 257 11 8
2014-15 47 0 0

डाटा सोर्सः पीआईबी/स्वास्थ्य मंत्रालय/19.12.14

इस बावत स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने संसद में बताया कि राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा और मानक कानून 2006 के तहत खाद्य उत्‍पादों की नियमित तौर पर निगरानी की जाती है और खाद्य पदार्थों के नमूनों का  एक‍त्रीकरण निर्धारित नियमों और विनियमों के अनुसार किया जाता है।

राज्‍य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य उत्‍पादों के नमूने लेकर उन्‍हें परीक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत परीक्षण शालाओं में विश्‍लेषण के लिए भेजा जाता है। खाद्य उत्‍पादों के लिए निर्धारित नियमों और विनियमों का उल्‍लंघन पाये जाने पर चूककर्ताओं के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है।

नोटःजरूर पढ़ेंः One soft drink a day raises ‘heart attack danger’ by 20% according to U.S study

जेपी नड्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला

तो अब देश के नए स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड़्डा हैं...

तो अब देश के नए स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड़्डा हैं…

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के जगत प्रकाश नड्डा केबिनेट मंत्री ने आज निर्माण भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमण्डल में जगत प्रकाश नड्डा को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के साथ ही हिमाचल को भी मोदी सरकार में प्रतिनिधित्व मिल गया।

बताया जा रहा है कि जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भरोसा जीतकर नड्डा कैबिनेट मंत्री बने हैं। गौरतलब है कि पटना में 2 दिसंबर 1960 को जन्मे नड्डा पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश की एक प्रभावी राजनीतिक हस्ती के तौर पर उभरे। वह राज्यसभा में आने से पहले हिमाचल प्रदेश में विधायक थे। छात्र राजनीति में कदम बढ़ाते हुए नड्डा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सक्रिय सदस्य बन गए। वर्ष 1977 में वह पटना में एबीवीपी का चुनाव जीत कर संगठन के सचिव बन गए।

वर्ष 1977 से 1990 के दौरान 13 साल तक उन्होंने विभिन्न पदों पर दायित्वों का निर्वाह करते हुए एबीवीपी में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 1991 में 31 साल की उम्र में नड्डा भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। मई 2010 से वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। युवावस्था से ही भाजपा से जुड़ाव ने नड्डा को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण के महत्व का अहसास कराया।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताआें के लिए व्यक्तित्व विकास और समय प्रबंधन संबंधी कार्यशालाआें की जिम्मेदारी भी ली। नड्डा वर्ष 1993 से 1998 तक, 1998 से 2003 तक और 2007 से 2012 तक हिमाचल विधानसभा के सदस्य रहे। वह वर्ष 1998 से 2003 तक राज्य में स्वास्थ्य मंत्री और 2008 से 2010 तक वन, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रहे। अप्रैल 2012 में नड्डा राज्यसभा के लिए चुने गए और विभिन्न संसदीय समितियों के सदस्य रहे। जयप्रकाश आंदोलन से प्रेरित रहे नड्डा छात्र राजनीति से जुड़ गए। उनके पिता पटना विश्वविद्यालय के कुलपति थे। युवावस्था में नड्डा बिहार में रहे और फिर वह हिमाचल प्रदेश आ गए।

साभारःhttp://www.punjabkesari.in

 Know Your Health Minister

Member Of Parliament ( Rajya Sabha- Himachal) | National General Secretary( Bharatiya Janata Party) | State In Charge – Maharashtra and Rajasthan
Biography

JP Nadda is National General Secretary of Bharatiya Janta Party (BJP) and Member of Parliament of India from Himachal in the Rajya Sabha. Formerly he was Minister in Himachal Legislative Assembly and held different portfolios.

About Me

Member and General Secretary of the Bhartiya Janta Party (BJP) political party. Member of Rajya Sabha from Himanchal.

Education Info
Grad School:

  • Himachal Pradesh University Shimla
  • LL.B
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Social Service

Interests

Reading Books, Teaching, Public awareness programs,Debates, Social Service

Source: https://www.facebook.com/JagatPrakashNadda/info