SBA विडियो स्वस्थ भारत अभियान

जानिए कैसे आशुतोष के गुस्से ने नींव रखी ‘स्वस्थ भारत अभियान’ की

पिछले पांच वर्षों से स्वस्थ भारत अभियान लगातार चलाया जा रहा है। कंट्रोल मेडिसिन मैक्सिमम रिटेल प्राइस, जेनरिक लाइए पैसा बचाइए, नो योर मेडिसिन, स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज जैसे कैंपेन के माध्यम से देश को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने वाले आशुतोष कुमार सिंह से इस साक्षात्कार में प्रभांशु ओझा ने उनके जीवन एवं इस अभियान की कहानी को जानने का प्रयास किया है। इसे जरूर देखें। इसे देखकर आपको अंदाजा हो जायेगा कि अगर एक आदमी ठान ले तो बहुत कुछ बदल सकता है।

SBA विशेष काम की बातें चिंतन

साहब! एड्स नहीं आंकड़ों का खेल कहिए…

आज चारों ओर बाजार का दबदबा है। उसने हमारे मनोभाव को इस कदर गुलाम बना लिया है कि हम उसके कहे को नकार नहीं पाते। वह जो कहता है, वही जीवन-आधार और सुख का मानक हो जाता है! इसी बाजार ने एक बीमारी दी, जिसको वर्तमान में एड्स के नाम से जाना जाता है। इसके लिए बाजार ने बहुत ही शातिर तरीके से सुख-खोजी प्रवृत्ति को सुख-भोगी बना दिया है! भोग-बाजार के विस्तार ने पारिवारिक ढांचे को तहस-नहस कर दिया, संबंध और रिश्तों के अनुशासन को बाजार के हवाले कर दिया और जरूरतों को वस्तुवादी बना दिया। फिर हम खुद भी बाजार के लिए एक वस्तु बन गए! वर्तमान में बीमारियों में सबसे बड़े ब्रांड के रूप में एड्स की पहचान है! पहले भोगी बना कर बाजार ने कमाई की और अब उसके दुष्परिणाम को बेच कर बाजार अपना विस्तार पा रहा है। बाजार-विस्तार को सूक्ष्मता से निरीक्षण करने पर मालूम चलता है कि बाजार ने हमें बीमारू किस तरह से बना दिया है।