SBA विशेष आयुष काम की बातें

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष: योग करते समय इन बातों का ध्यान रखें…

भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का अपना प्राचीन इतिहास रहा है। भारत हमेशा से चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। बीच के कुछ कालखंड को छोड़ दे तो भारत की प्राचीन चिकित्सकीय परंपरा हमेशा से सर्वोपरी रही है। वर्तमान समय में भी देश-दुनिया के लोग इस बात को मानने लगे हैं कि स्वस्थ रहना है तो भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों को अपना ही होगा। आयुर्वेद,यूनानी,होमियोपैथी, सिद्धा, प्राकृतिक चिकित्सा, योगा एवं सोवा-रिग्पा जैसी चिकित्सा पद्धतियों को संवर्धित करने एवं इनकी पहुंच आम-जन तक पहुंचाने के लिए ही भारत सरकार ने अलग से आयुष मंत्रालय बनाया है। इस कड़ी में आगे बढ़ते हुए भारत सरकार की पहल के कारण योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान जून 2015 में मिला। और पूरी दुनिया ने एक स्वर में 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने पर अपनी सहमति प्रदान की। तब से योग का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

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आयुष

संतुलित भोजन जरूरी

हमारे जीवन में भोजन का महत्वपूर्ण स्थान है। और स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित भोजन जरूरी है। भोजन हमारे शरीर को शक्ति प्रदान करता है, लेकिन यदि हम संतुलित व पौष्टिक भोजन नहीं खाएंगे तो पूर्णत: स्वस्थ रहना असंभव है। वैसे स्वास्थ्य में पूर्णता हासिल करना असंभव है क्योंकि पूर्णता हमें कभी भी और किसी में भी नहीं दिखाई पड़ती, कहीं न कहीं कुछ कमी रह ही जाती है। यही वजह है कि विज्ञान की इतनी उन्नति के बावजूद हमारा जीवन रोगों से घिरा हुआ है। यहां तक कि नए-नए रोग पैदा हो रहे हैं। रोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन रोगों के कई कारण हैं, परंतु उनमें से एक महत्वपूर्ण कारण है- हमारे भोजन का संतुलित और उचित न होना। अगर हम अपने भोजन पर ध्यान दें तो बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है।

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