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पिछले सात घंटों से दिल्ली के अपोलो अस्पताल में ईलाज के लिए तरस रहा है फुजैल…

10 साल का एक गरीब अपोलो अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने एक न सुनी। मरीज को कभी ओपीडी में भेजा गया तो कभी इमरजेंसी में। ओपीडी के डॉक्टर इसे इमरजेंसी का केश बता रहे थे तो इमरजेंसी वाले ओपीडी का। इस लुका-छुपी के खेल में 4 घंटे तक मरीज को कोई डॉक्टर अटेंड तक नहीं किया।

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