फार्मा सेक्टर

यूपी में एक बार फिर केमिस्ट और फार्मासिस्ट आमने सामने

यूपी में एक बार फिर केमिस्ट और फार्मासिस्ट आमने सामने हो गए है। मामला यूपी में बरसों से चल रहे गैर क़ानूनी दवा दुकानो और अवैध ड्रग लाइसेंस प्रकरण से जुड़ा है। हाल में ही यूपी सरकार ने ड्रग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी। जिससे पचास हज़ार से भी ज्यादा गैर क़ानूनी दवा दुकानो पर बंद होने का संकट मंडरा गया। इसे लेकर दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन सिस्टम का विरोध करने के साथ ही फार्मासिस्ट की अनिवार्यता ख़त्म करने की मांग कर दी। केमिस्ट संगठनों की इस मांग को लेकर सोशल मीडिया में खूब बबाल मचा और फार्मासिस्टों ने केमिस्ट संगठनो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अलग अलग संगठन चला रहे फार्मासिस्ट एकजुट हो गए। वहीँ फार्मासिस्टों द्वारा की जा रही इस घेराबंदी से ड्रग डिपार्टमेंट के हाथ पाँव फूल गए है। डिपार्टमेंट हालात से निपटने की तैयारी कर रहा है।

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