Frontpage Article SBA विशेष स्वस्थ भारत यात्रा

विश्व स्वास्थ्य दिवस विशेषः देश के बच्चों के नाम स्वस्थ भारत अभियान के संयोजक आशुतोष कुमार सिंह की पाती

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जब वेलोग थे तो वहां के बच्चों से उन्होंने पूछा था कि वे मुंह कैसे धोते हैं? सबने बताया कि टूथपेस्ट से। उन्होंने उनको नीम के दातुन से मुंह धोने की सलाह दी। क्या आप बच्चों को नीम के पेड़ के बारे में कुछ जानकारी है। नहीं न!  मैं बताता हूं। नीम भी एक औषधीय पेड़ है। इसके तने, छाल, पत्ते एवं बीज सब के सब औषधि के रूप में प्रयोग में लाए जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि अगर हम नीम से दातुन करें तो हमारे दांतों में कोई बीमारी नहीं फैलेगी और इसका फायदा हमारे पेट को भी होगा। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न तो यह उठता है कि नीम से दातुन तो हम तब करेंगे, जब नीम के पेड़ होंगे। तो बच्चों!  क्या आपलोग उनकी एक सलाह मानेंगे। आप सभी लोग भी अपने आस-पास एक-एक नीम का पेड़ लगाइए। केरल के तिरुवनंतपुरम के बच्चों ने यह संकल्प लिया है कि वे नीम का पेड़ एवं तुलसी का पौधा ज्यादा से ज्यादा लगायेंगे। तो आप भी उनकी तरह यह संकल्प लीजिए कि नीम का पेड़ लगाएंगे। बच्चों! आपको मालूम है अभी हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक आंकड़ा जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि दुनिया में 5 वर्ष तक के 17 लाख बच्चे सिर्फ पर्यावरणीय प्रदुषण के कारण प्रत्येक वर्ष मर रहे हैं। ऐसे में बच्चों यह जरूरी हो जाता है कि हम पेड़-पौधे ज्यादा से ज्यादा लगाएं ताकि हम अपनी पर्यावरण की रक्षा कर सकें। क्यों सही कह रहा हूं न। मुझे मालूम है आपलोग बहुत अच्छे बच्चे हो और आप इस बात को मानेंगे भी।