SBA विशेष साक्षात्कार

दक्षिण भारत की ज्ञान-परंपरा को उत्तर-भारत में बिखेर रहे हैं न्यूरो सर्जन डॉ.मनीष कुमार

बिहार की गलियो से निकलने वाले डॉ. मनीष कुमार दक्षिण भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद उत्तर-भारत के मरीजों के बीच लोकप्रिय होते जा रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर ने भी उन्हें अपना लिया है। यह सब इसलिए संभव हो पाया है कि वे अपने मरीज के साथ ईमानदार हैं। उसकी जरूरत एवं आर्थिक स्थिति का भरपुर ख्याल रखते हैं। मौजूदा व्यवसायिक चिकित्सा तंत्र में मरीजों को मरीज की तरह महसूस करने वाले चिकित्सको आभाव होता जाता रहा है। इस अभाव को डॉ. मनीष कम करने में और बेहतर तरीके से अपनी भूमिका निभाएं एवं स्वस्थ भारत के सपने  को साकार करने में अपने हिस्से की आहूति प्रदान करें, यहीं कामना करता हूं

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समाचार

बिनोद कुमार को मिला 2015 फेलोशिप अवार्ड

जबतक देश भर में ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया को ऑनलाइन नहीं किया जाएगा तबतक फार्मा जगत की मुश्किलों को ख़त्म नहीं किया जा सकता है । बिनोद कुमार एयर फ़ोर्स ऑडिटोरियम में आईपीजीए द्वारा आयोजित 30 वें राष्ट्रीय सम्मलेन में बोल रहे थे। सभा को सम्बोधित करते हुवे बिनोद कुमार ने ड्रग लाइसेंस से कम्पीटेंट पर्सन की जगह रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट करने के साथ साथ, फार्मेसी रिकॉर्ड और ड्रग लाइसेंस ऑनलाइन करने की मांग दुहराई। बतातें चलें की बिनोद कुमार हमेशा से ही फार्मासिस्ट हितों की बात बड़े मंच पर उठाते रहे है।

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