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Drug Price Control Order

Drug Price Control Order -2013

ड्रग प्राइस कण्ट्रोल आर्डर २०१३ का पीडीऍफ़ नीचे संलग्न है.

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नहीं बढ़े है कैंसर के दवा के दाम…

नहीं बढ़े है कैंसर के दवा के दाम…8000 की दवा को 108000 बताने वाली रिपोर्ट गलत है…आज swasthbharat.in से बात करते हुए एन.पीपीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह खबर झूठी है। साथ ही 24 सितंबर के पीआईबी के उस रिलिज का हवाला दिया जिसे उर्वरक मंत्रालय ने जारी किया था और दवा के दाम बढ़ने वाली बात को इंकार किया था। इसके बावजूद देश की मीडिया क्यों झूठी खबर फैला रही है समझ से परे है…नीचे वह प्रेस रीलीज दे रहे हैं…ध्यान से पढ़िए…
एनपीपीए के अधिकार वापस नहीं लिए गये हैं

रसायन और उर्वरक मंत्रालय
24-सितम्बर-2014 20:25 IST

प्रेस नोट
कुछ अख़बारों में छपी खबरों से यह संकेत मिलता है कि सरकार ने डीपीसीओ, 2013 के पैरा 19 के तहत कीमतें तय/संशोधित करने संबंधी एनपीपीए के अधिकार वापस ले लिए हैं। इन ख़बरों से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार ने 108 गैर-अनुसूचित दवाओं की कीमतें तय करने के लिए 10.07.2014 को जारी अधिसूचनाओं को वापस लेने का निर्देश एनपीपीए को दिया है।
1. इस संबंध में यह कहा जा सकता है कि सही तथ्यात्मक स्थिति कुछ इस तरह से हैः-
07.12.2012 को राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण नीति-2012 (एनपीपीपी-2012) की अधिसूचना जारी होने और दवा मूल्य नियंत्रण ऑर्डर, 2013 (डीपीसीओ, 2013) की अधिसूचना जारी होने के बाद सरकार के अधिकार 30.05.2013 को एनपीपीए को दे दिये गये थे। एनपीपीए ने 29.05.2014 को डीपीसीओ, 2013 के पैरा 19 के तहत अनुसूचित और गैर-अनुसूचित फॉर्मूलेशन्स की कीमतें तय/संशोधित करने पर आंतरिक दिशा-निर्देश जारी किए थे। उसके बाद एनपीपीए ने डीपीसीओ, 2013 के पैरा 19 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए कीमतें तय करने के संबंध में 10.07.2014 को विभिन्न आदेश जारी किए थे।
2. 29.05.2014 को जारी उपर्युक्त दिशा-निर्देश और 10.07.2014 को जारी आदेशों को मुम्बई और दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। भारत सरकार और एनपीपीए, जिन्हें प्रतिवादी बनाया गया है, ने विधि एवं न्याय मंत्रालय के साथ सलाह-मशविरा करने के बाद माननीय अदालतों को यह सूचित करने का फैसला किया था कि 29.05.2014 को जारी किये गये दिशा-निर्देश वापस लिए जाएंगे।
3. 22.09.2014 को एनपीपीए द्वारा उठाए गए कदम को उपर्युक्त संदर्भ में देखने की जरूरत है। सरकार ने न तो एनपीपीए को 30.05.2013 को मिले अधिकारों को वापस लिया है और न ही 10.07.2014 को जारी किये गये आदेशों को वापस लेने का निर्देश एनपीपीए को दिया है।