समाचार स्वस्थ भारत अभियान

स्वस्थ भारत अभियान के त्रिपुरा समन्वयक देबाशीष मजूमदर दिल्ली में हुए सम्मानित, मिला नेशनल इटिगरेशन सदभावना यूथ अवार्ड

नई दिल्ली/9.02.18 समाज की बेहतरी के लिए काम करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वस्थ भारत अभियान के त्रिपुरा समन्वयक देबाशीष मजूमदर को दिल्ली में सम्मानित किया गया है। एनवाईपी, जीपीएफ एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक कार्यक्रम में श्री मजूमदर को ‘नेशनल इंटीगरेशन सदभावना यूथ अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। […]

SBA विशेष काम की बातें

उपभोक्ता जागरुकता से ही बदलेगी स्वास्थ्य सेवा की तस्वीर

आयुर्वेद की जननी भारत भूमि का इतिहास बताता है कि यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राचीन काल में परोपकार के नजरिए देखा जाता था। जब तक वैद्य परंपरा रही तब तक मरीज एवं वैद्य के बीच सामाजिक उत्तरदायित्व का बंधन रहा। लेकिन आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के उदय के बाद चिकित्सा एवं इससे जुड़ी हुई सेवाओं को क्रय-विक्रय के सूत्र में बांध दिया गया। चिकित्सकीय सेवा देने वाले एवं मरीज के बीच में उपभोगीय समझौते होने लगे। जैसे अगर आपको हर्निया का ऑपरेशन कराना है तो इतना हजार रुपये लगेगा, डिलेवरी कराना है तो इतना हजार रुपये। मरीज से कॉन्ट्रैक्ट फार्म पर हस्ताक्षर कराए जाने लगे। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाजार आधारित हो गईं। यहां पर लाभ-हानी की कहानी गढ़ी जाने लगीं। ऐसे में यह जरूरी हो गया कि इन सेवाओं को कानून के दायरे में लाया जाए ताकि खरीदार को कोई बेवकूफ न बना सके, उनसे ओवरचार्ज न कर सके। गलत ईलाज न कर सके। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय न्यायालय ने समय –समय पर दिए अपने आदेशों में यह स्पष्ट कर दिया है कि चिकित्सा संबंधी जितनी भी सेवाएं हैं उसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986 के सेक्शन 2(1) के तहत अनुबंधित सेवा माना जायेगा। इस तरह स्वास्थ्य संबंधित सेवाएं कानून के दायरे में आ गईं।

SBA विशेष अस्पताल दस्तावेज

जानिए किस तरह लूटते हैं दिल्ली के बड़े अस्पताल…

दिल्ली के मैक्स, गुरुग्राम एवं बसंतकुंज के फोर्टिज अस्पताल, सरिता बिहार के अपोलो अस्पताल सहित देश की राजधानी के कई नामचीन अस्पतालों की सच्चाई लोगों के पास आनी शुरू हो गई है। जनता जागी तो सरकारों के कान भी बजने लगे हैं। सरकार भी इन अस्पतालों के खिलाफ कमर कस चुकी है। इसी कड़ी में बीते दिसंबर को दिल्ली सरकार ने मेडिकल निग्लीजेंस के मामले में दिल्ली के शालिमारबाग स्थित मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया।  इस फैसले ने पूरी मेडिकल क्षेत्र में हो रही लापरवाही एवं लूट के मामले को देश की मुख्यधारा मीडिया में ला दिया है। हालांकि बाद में अस्पताल का लाइसेंस बहाल कर दिया गया। यह बहाली भी कटघरे में ही है।

Frontpage Article

अगर मगर के डगर में स्वस्थ भारत की तस्वीर

किसी भी राष्ट्र-राज्य के नागरिक-स्वास्थ्य को समझे बिना वहां के विकास को नहीं समझा जा सकता है। दुनिया के तमाम विकसित देश अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर हमेशा से चिंतनशील व बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रयत्नशील रहे हैं। नागरिकों का बेहतर स्वास्थ्य राष्ट्र की प्रगति को तीव्रता प्रदान करता है। इतिहास गवाह रहा है कि जिस देश के लोग ज्यादा स्वस्थ रहे हैं, वहां की उत्पादन शक्ति बेहतर रही है। और किसी भी विकासशील देश के लिए अपना उत्पदान शक्ति का सकारात्मक बनाए रखना ही उसकी विकसित देश की ओर बढ़ने की पहली शर्त है। ऐसे में भारत को पूरी तरह कैसे स्वस्थ बनाए जाए यह एक अहम् प्रश्न है। अथवा दूसरे शब्दों में कहें तो भारतीय नागरिकों को पूर्ण रूपेण स्वास्थ्य-सुरक्षा कैसे दी जाए आज भी एक यक्ष प्रश्न है। ऐसे में एक स्वास्थ्य चिंतक होने के नाते कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर मैं चिंतन-मनन करता रहा हूं। हमें लगता है कि सरकार इन सुझाओं पर ध्यान दें तो इस दिशा में और बेहतर परिणाम आ सकते हैं।

स्वास्थ्य ही क्यों हमारी किसान नीति भी कहां कुछ कर पा रही है। जो किसान हमें अनाज उत्पादित कर के देता है। जिसकी मेहनत से हम अपना पेट पालते हैं। उसकी मेहनत का उचित मूल्य आज तक हम नहीं दे पाएं हैं। गर हम सरकारी आंकड़ों को माने जिसके अनुसार देश में 65 फीसद किसान हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि देश के आधे से ज्यादा लोग किसानी पर निर्भर हैं। 35 फीसद लोग नौकरी, उद्योग धंधे आदि पर निर्भर हैं। 35 फीसद लोग जो उत्पाद बनाते हैं उसका ग्राहक भी उनके साथ-साथ किसान भी है। लेकिन यहां पर भी गजब की धोखाधड़ी है। किसान के उत्पाद का मूल्य सरकार तय करती है और उसके उत्पाद से उत्पादित वस्तु का मूल्य साहूकार यानी उद्योगपति तय करता है। बाजार में आज 20 रुपये में 4 किलो आलू उपलब्ध है। लेकिन आलू से बने 40 ग्राम चिप्स की कीमत आज भी 10 रुपये है। मेहनत किसान करे और डीपीएस स्कूल में पढने उद्योगपति का लड़का जाए!

गजब का यह विकास मॉडल है! इन विषयों पर बात की जाए तो लंबी बात की जा सकती हैं। मूल बात यह है कि विकास के मौजूदा मॉडल को भारतीय संदर्भ में परिभाषित किए जाने की सख्त जरूरत है। नहीं तो सोने की चिड़िया कहा जाने वाला भारत सिर्फ चिड़िया बन कर रह जायेगा, वह भी बिना हाड़ मांस के! गर 2018 में इन विषयों पर हम थोड़ा भी संजीदा गो गए तो निश्चित ही स्वस्थ भारत की दिशा में एक बेहतर कदम होगा!

SBA विशेष विविध समाचार स्वस्थ भारत अभियान स्वस्थ भारत यात्रा

इंदौर की पांच वालिकाएं बनीं ‘स्वस्थ वालिका स्वस्थ समाज’ की गुडविल एम्बेसडर

इंदौर की पांच वालिकाएं बनीं ‘स्वस्थ वालिका स्वस्थ समाज’ की गुडविल एम्बेसडर
ईवा वेलफेयर ऑरगाइनेशन ने स्वस्थ भारत यात्रा का किया स्वागत
प्रेस क्लब इंदौर में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश

बीमार नहीं बीमारी को दूर करने की है जरूरत : आशुतोष कुमार सिंह
16000 किमी की स्वस्थ भारत यात्रा अप्रैल में होगी पूरी
गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के मार्गदर्शन में भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने पर चल रही है यह यात्रा

SBA विशेष समाचार स्वस्थ भारत अभियान स्वस्थ भारत यात्रा

स्वस्थ समाज की परिकल्पना में बालिकाओं का स्वस्थ होना जरूरीः प्रो. बीके कुठियाला

स्वस्थ समाज की परिकल्पना में बालिकाओं का स्वस्थ होना जरूरीः प्रो. बीके कुठियाला

स्वस्थ भारत के यात्रियों ने दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश

कबीर वाणी के माध्यम से दिया गया स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का संदेश

SBA विशेष विविध समाचार स्वस्थ भारत अभियान स्वस्थ भारत यात्रा

भविष्‍य से जुड़ा हैं बालिका स्वास्‍थ्‍य का चिंतन ”स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज”

बालिका के स्वास्‍थ्‍य का चिंतन समाज के विकास एवं देश के भविष्य से जुड़ा हुआ हैं। मौजूदा समय में हम इससे नजर अंदाज नहीं कर सकते हैं। भविष्‍य से जुड़ा हैं बालिका स्वास्‍थ्‍य का चिंतन ”स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज”

SBA विशेष समाचार स्वस्थ भारत अभियान स्वस्थ भारत यात्रा

जयपुर की दो बालिकाएं बनीं स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज की गुडविल अम्बेसडर

जयपुर स्थित किड्स ओरिजिन पब्लिक स्कूल की दो छात्राओं को स्वस्थ भारत (न्यास) ने स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज कैम्पेन का गुडविल अम्बेसडर मनोनीत किया है. इस कैम्पेन को पूरे देश में फ़ैलाने के मकसद से निकली स्वस्थ भारत यात्रा दल ने अपने 2 दिवसीय जयपुर प्रवास के दौरान दिया गर्ग और नीलम शर्मा को गुडविल अम्बेसडर के लिए चुना. इन दोनों बालिकाओं को यह सम्मान स्कूल के वार्षिक उत्सव में दिया जायेगा.

समाचार

क्षय रोग, मलेरिया और एचआईवी एड्स के सहस्राब्दि विकास लक्ष्य हासिल- कुलस्ते

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्‍यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्‍ते ने कहा है कि राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के तहत सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने निर्धारित स्‍वास्‍थ्‍य लक्ष्‍य को प्राप्‍त कर सकें। श्री कुलस्ते ने हाल ही में राज्‍यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि वैसे तो स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य […]