SBA विशेष आयुष

All you want to know about Homoeopathy

You are right in choosing Homoeopathy System of Medicine for treatment of disease or ailment you are suffering from. At present, you have before you a variety of system of medicine. No one system is of lesser importance than any other. However, Homoeopathy has its own special place in the field of treatment of disease. Homoeopathic prescriptions aim at the disease symptoms treating the patient as a whole. Besides removing the disease symptoms they also enhance the existing healing power of the patient, so that these symptoms do not reappear.

 

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SBA विशेष

सबने पूछा…इतनी लूट! मैंने कहा-हाँ!

स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज संकल्पना से जब मैं कॉलेज की बालिकाओं को रूबरू करा रहा था, तब वे बहुत संयमित एवं गंभीरता के साथ पूरी बात को सुन रही थीं। मानो उनके मन की बात कोई कह रहा है। इस दौरान बालिकाओं को नो योर मेडिसन फिल्म, जेनरिक मेडिसिन पर आमिर खान एवं डॉ. समित शर्मा की बातचीत जब मैंने दिखाई तो वहां उपस्थित सभी बालिकाओं के जहन में एक सवाल गुंजा…इतनी लूट

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SBA विशेष

पहले जानिएं फिर खाईए दवाई…

दरअसल किसी चीज को जानना मनुष्य का स्वभाविक गुण है। अमूमन वो अपने-आस पास होने-वाली हलचलों के कारणों को जानना चाहता है। इस जानने की प्रकिया में ही वैश्विक स्तर पर सूचना तंत्र का विशाल जाल बुना जा चुका है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ कई बार हम जानने की प्रक्रिया में क्या जाने और क्या न जाने का फर्क नहीं कर पाते हैं। ऐसा ही एक विषय है दवा व इसकी पर्याप्त सूचना का। पूरा का पूरा दवा उद्योग एक विस्मयकारी संजाल की तरह दिखता है। जिसकी पूर्ण तो छोड़िए अधूरी जानकारी भी बाजार में उपलब्ध नहीं है।

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समाचार स्वस्थ भारत अभियान

Know Your Medicine कैंपेन में फार्मासिस्टों का अहम् योगदानः विनय कुमार भारती

पिछले दिनों दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयेजित नो योर मेडिसिन कैंपेन के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए फार्मा एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती ने देश के फार्मासिस्टों से आह्वान किया कि वे इस कैंपेने से जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी फार्मा मित्रो पर है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगर हमारे किसी फार्मासिस्ट ने गलत किया है तो उसकी ज़िम्मेदारी लेने के लिए हम तैयार हैं। लेकिन उन अस्सी फीसदी गैर फार्मासिस्टों का क्या जो वेखौफ़ होकर सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों समेत देश भर की दवा दुकानों में गैर क़ानूनी रूप से दवा बाँट रहे है? दवा को जन्म देने से लेकर उसे सुरक्षित तरीके से मरीज़ तक पहुँचाने का ज़िम्मा फार्मासिस्ट का है देश भर के फार्मासिस्ट अपनी पूरी निष्ठां से अपने कार्य में लगे हैं। नो योर मेडिसिन (अपनी दवा को जानिए) अभियान से जहाँ एक तरफ आम जन में जागरूकता आएगी वही दवा के दुष्प्रभाव से मरीज़ों को बचाया जा सकेगा!

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