समाचार स्वस्थ भारत अभियान

देश की सभी दवा दुकानों पर मिलेंगी उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां, सरकार कानून लाने की तैयारी में

देश के लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सके इसके लिए सरकार हर वह कदम उठाने के लिए तैयार दिख रही है, जो वह उठा सकती है। इसी दिशा में सरकार अब सभी दवा दुकानों पर  जेनरिक दवा उपलब्ध करवाने के लिए कानून बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित अखबार अमर ऊजाला में प्रकाशित खबर में बताया गया है कि डीसीजीआई ने राज्यों को इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है। अगले 2 महीने में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।

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फार्मा सेक्टर मन की बात विविध

फार्मासिस्ट भटक गए हैं! ऐसा मैंने क्यों कहा?

जहां तक मेरी समझ है वह यह है कि बाजार में जितने फार्मासिस्ट हैं उसमें ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने पैसे के बल पर डिग्री तो ले ली है लेकिन फार्मा की पढ़ाई ठीक से नहीं की है। उनके अंदर इतनी काबीलियत नहीं है कि वे प्रतियोगिता फेस करें और दवा कंपनियों से लेकर तमाम जगहों पर अपनी उपयोगिता को सिद्ध कर पाएं। यहीं कारण है कि ये सिर्फ और सिर्फ दवा दुकानों तक खुद को समेटकर रखना चाहते हैं। दरअसल ये वही फार्मासिस्ट हैं जिनको अपने प्रोफेशन की इज्जत से कोई लेना-देना नहीं है। ये सिर्फ किसी तरह पैसा कमाना चाहते हैं। इसके लिए इन्होंने अपने जमीर को बेच दिया है। अपनी डिग्री-डिप्लोमा को किराए पर दे दिया है। ये खुद निकम्मे और निठल्ले हैं और किराए के पैसे से रोजी-रोटी चलाना चाहते हैं। दवा खऱीदने वाले उपभोक्ताओं को अच्छी दवा मिले या न मिले इससे इनको कोई सरोकार नहीं है। इनके कारण मेहनत से पढ़े-लिखे फार्मासिस्टों की नाक कटती रहती है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि किरायेबाज फार्मासिस्टों को बेनकाब किया जाए। और ऐसा करने में तमाम फार्मासिस्ट संगठन लगभग विफल रहे हैं।

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पीएमबीजेपी के अन्तर्गत खुलने वाली जनऔषधि केन्द्रों की संख्या 5000 तक बढाई जायेगीः नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार जल्द जनऔषधि केन्द्रों की संख्या 5000 तक बढ़ायेगी। देशवासियों से सेहत की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, महंगी दवाइयों के कारण मध्यम वर्ग के लोग निम्न वर्ग एवं निम्न वर्ग के लोग गरीबी रेखा से नीचे चले जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सके इसलिए सरकार ने पूरे देश में 3600 से ज्यादा जनऔषधि केन्द्र खोला है। उन्होंने आगे कहा कि इन केन्द्रों को और तेजी से खोलते हुए हम इसे 5000 तक ले जायेंगे।

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जनऔषधि केन्द्र खोलने पर ढाई लाख रुपये का इंसेंटिव

जो युवा, उद्यमी, फार्मासिस्ट जनऔषधि केन्द्र खोलना चाहते हैं उनके लिए खुशखबरी है। उनको सरकार ढाई लाख रुपये का इंसेंटिव देगी। यह इंसेंटिव उन्हें 10000 रुपये प्रति माह के हिसाब से 25 महीने तक दी जायेगी। उक्त बाते रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया ने पीआईबी सेंटर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि जो उद्यमी, फार्मासिस्ट, युवा जनऔषधि केन्द्र खोलकर लोगों को सस्ती दवाइयां पहुंचाना चाहते हैं उनके संस्टनेबिलिटी के लिए यह जरूरी है कि उनको कुछ समय तक सहयोग किया जाए ताकि वे बाजार में खुद को स्थापित कर सके। 

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