SBA विशेष काम की बातें

सोशल एटॉप्सी की मदद से कम हो सकती हैं असामयिक मौतें

सामाजिक जागरूकता नहीं होने के कारण अक्सर लोग पीलिया, लकवा, सांप काटने जैसी समस्याओं में चिकित्सकीय इलाज को छोड़कर घरेलू उपचार या झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं। इस मामले में बुजुर्गों और महिलाओं की आमतौर पर उपेक्षा की जाती है और उनके इलाज में लापरवाही बरती जाती है। परिवार में युवाओं की प्रवृत्तियों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाने से भी समस्या को बढ़ावा मिलता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, समाज में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की परिवारों तक पहुंच, बीमारियों की पहचान तथा निदान और नशे की लत के बारे में जागरूकता का प्रसार जरूरी है। इसके लिए सोशल एटॉप्सी जैसे टूल की मदद से देश के अन्य क्षेत्रों में भी मृत्यु के सामाजिक कारणों की पहचान की जा सकती है और असामयिक मौतों को रोका जा सकता है। 

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