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स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर

आंख नहीं, दुनिया देखती हैं कलगी रावल
• स्वस्थ भारत ने बनाया कलगी को स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर
• गोधरा के सरस्वती विद्या मंदिर एवं बापूनगर अहमदाबाद के वाणिज्य महाविद्यालय का यात्रा दल ने किया दौरा, बालिकाओं को दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश
• शहीद ऋषिकेश रामाणी को दी श्रंद्धांजली

अहमदाबाद 8.2.17

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कहते हैं कि बालक-बालिकाओं में हुनर की कमी नहीं होती, जरूरत होती है उसे तराशने की, सही मार्गदर्शन की। एक बार उन्हें सही मार्गदर्शन मिल जाए तो वो अपनी मंजिल खुद ही बना लेती हैं। ऐसी ही एक नेत्रहीन बालिका हैं कलगी रावल। कलगी जन्मजात नेत्रहीन हैं। बावजूद इसके उन्होंने अपनी जिंदगी में अंधेरे अपने पास फटकने नहीं दिया। 10 वीं परीक्षा डायरेक्ट दीं और 76 फीसद अंकों से उतीर्ण हुईं। इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिका जाकर 10000 ऑडियंस के बीच अपनी बात को रखा। रेडियो जॉकी के रूप में काम किया। सुगम्य भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपने जैसी बालिकाओं की सेवा करने की ठानी है और कल्गी फाउंडेशन के जरीए यह काम कर रही हैं। गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली कलगी के इसी आत्मविश्वास ने उन्हें स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर बनाया है। भारत भ्रमण पर निकली स्वस्थ भारत यात्रा दल ने अपने अभियान के लिए कलगी को चुना है। इस बावत कलगी ने कहा कि उन्हें स्वस्थ भारत के इस अभियान के बारे में जानकर बहुत खुश हूं, साथ ही इसका हिस्सा बनना मेरे लिए आनंद का विषय है।

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बापुनगर के बालिकाओं ने लिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज के संदेश को घर-घर पहुंचाने का संकल्प
गुजरात के अहमदाबाद स्थित बापूनगर में स्वस्थ भारत यात्रा दल ने वाणिज्य महिला महाविद्यालय की छात्राओं को संबोधित किया। इस अवसर पर स्वस्थ भारत न्यास के चेयरमैन आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि बालिका स्वास्थ्य की स्थिति बहुत दयनीय है. जबतक हम बालिकाओं में प्राथमिक स्तर से ही स्वास्थ्य चिंतन का बीच नहीं बो देंगे तब तक सही मायने में स्वास्थ्य धारा का प्रवाह नहीं हो पायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य हमारा मौलिक अधिकार है। ऐसे हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना, अपने परिवार को रखना ही सही मायने में न्याय है। प्लेटो के न्याय के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी स्वास्थ्य को नहीं बचायेंगे तो हम अपने, अपने परिवार एवं राष्ट्र के प्रति न्याय नहीं कर पायेंगे। भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुरू की गई इस यात्रा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हम पूरे देश में जाकर बालिकाओं से संवाद करने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर वाणिज्य महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने सुंदर गीत-संगीत प्रस्तुत किया। कलगी रावल को इस मंच से स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का गुडविल एंबेसडर मनोनित किया गया। कॉलेज की प्रधानाचार्य किंजलबेन कथिरिया, अल्काबेन सिरोया, हिम्मतभाई, प्रफुल्ल भाई सावलिया, सामाजिक कार्यकर्ता संजय भाई बेंगानी, भूषणभाई कुलकर्णी, सत्यनारायम वैष्णव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
शहीद वीर मेजर ऋषिकेश रामाणी को यात्रा दल ने दी श्रद्धांजलि

अहमदाबाद का नाम रौशन करने वाले शहीद ऋषिकेश रामाणी की प्रतिमा पर जाकर यात्रा दल ने उन्हें सलामी दी। साथ ही उनके नाम से चलाए जा रहे नगर निगम स्कूल का दौरा भी किया। शहीद वीर मेजर ऋषिकेश रमाणी स्कूल को वल्लभभाई ने गोद लिया है। वल्लभभाई के प्रति वहां के छात्रों में अपार स्नेह देखने को मिला। स्वस्थ भारत के आशुतोष कुमार सिंह ने उन्हें अपनी पत्रिका भेंट की और यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर शहीद के पिता वल्लभभाई रमाणी एवं शहीद के नाम से चलाए जा रहे नगर निगम स्कूल के प्राचार्य, रवि पटेल सहित शहर के कई लोग उपस्थित थे।

गोधरा ने भी किया स्वागत

देश के लोगों के मन में गोधरा को लेकर एक संशय की स्थिति आज भी बनी हुई है। लेकिन जिस अंदाज में गोधरा ने स्वस्थ भारत यात्रा का स्वागत किया व अतुलनीय है। गोधरा के स्थानीय पत्रकार रामजानी ए रहीम ने यात्रा दल को पंचमहल के जिला निगम अधिकारी एम.एस गडवी से मिलवाया। उनके सहयोग से यात्रा दल गोधरा के सरस्वती विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में जाकर स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश दिया। इस स्कूल की बालिकाओं की परवरिश स्वस्थ तरीके से होते देख स्कूल प्रबंधन को स्वस्थ भारत की ओर से आशुतोष कुमार सिंह ने साधुवाद दिया। यात्रा दल में वरिष्ठ गांधीवादी लेखक एवं पत्रकार कुमार कृष्णनन एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार रोहिल्ला भी श्री आशुतोष के साथ हैं।

गौरतलब है कि भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वस्थ भारत की टीम स्वस्थ भारत यात्रा पर निकली है। स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश देने निकली इस टीम को गांधी स्मृति दर्शन समित, स्पंदन, नेस्टिवा, राजकमल प्रकाशन समूह, संवाद मीडिया, नेस्टिवा अस्पताल, मेडिकेयर, हेल्प एंड होप, जलधारा, वर्ल्ड टीवी न्यूज, आर्यावर्त लाईव सहित कई समाजसेवी संस्थाओं एवं मीडिया मित्रो सहयोग एवं समर्थन प्राप्त है।
#SwasthBalikaSwasthSamaj
#KnowYourMedicine
#SwasthBharatAbhiyan
नोटः यात्रा अहमदाबाद के बाद सूरत की ओर कूच कर गयी है। उसके बाद यात्रा मुंबई पहुंचेगी। संपर्क-9891228151, 9811288151

Soft Drink

अपनी मौत तो नहीं पी रहे हैं!

Ashutosh Kumar Singh for SBA

Soft Drink

सॉफ्ट ड्रिंक किसी भी सूरत में सेहत के लिए लाभप्रद नहीं है

जिस तरह से बाजार ने हमें अपना गुलाम बनाया है, हम भूल गए हैं कि हम जो खा रहे हैं, जो पी रहे हैं वह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानीकारक है की नहीं। हम खुद को एक विशेष वर्ग का बताने के लिए अपनी जीवन-शैली को नकारात्मक तरीके से बदलने के लिए मजबूर होते जा रहे हैं। हमें संभलने की जरूरत है। आज लोकसभा में इस बावत एक प्रश्न का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने यह माना है कि भारतीय मानक ब्‍यूरो द्वारा कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के लिए जारी आईएस 2346:1992 के अनुसार जो भारतीय मानक निर्धारित किए हैं, उनका पालन करने में बहुत से उत्पाद असफल रहे हैं। 2013-14 में जांच के लिए 257 नमूने लिए गए थे, जिनमें 11 नमूने मानक मापदंडों को पूर्ण करने में असफल रहे हैं। वर्तमान में इस बावत आठ मामले कोर्ट में चल रहे हैं।

सॉफ्ट ड्रिंक बनाते समय ध्यान देने वाली बात

 भारतीय मानक ब्‍यूरो ने कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के लिए आईएस 2346:1992 के अनुसार भारतीय मानक निर्धारित किए हैं। इन नियमों में इन पदार्थों के नमूनों और परीक्षण के संबंध में  बताया गया है। यह निम्नलिखित हैं-

  1. कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के प्रकार
  2. इन पेय पदार्थों को तैयार करने के लिए निर्धारित स्‍वीकृत तत्वों की सूची
  3. स्वास्थ्यकर परिस्थितियां
  4. उत्पाद का विवरण
  5. रासायनिक और माइक्रोबायोलोजिकल आवश्यकताएं
  6. पैकिंग संबंधी जरूरतें
  7. ब्रांड/लेबल संबंधी आवश्यकताएं
  8. सैम्पलिंग

खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमन (खा़द्य सुरक्षा मानक और खाद्ययोग्‍य पदार्थ) 2011 में कार्बोनेटेड पेय पदार्थों को तैयार करने के लिए स्‍वीकृत/गैर-स्‍वीकृत सामग्री की सूची दी गई है।

राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा और मानक कानून 2006 के अंतर्गत सॉफ्ट ड्रिंक के उठाये गये नमूनों, मानकों के उल्‍लंघन और इसके तहत अदालत में चल रहे मामलों की संख्‍या नीचे दी गई है:

 

वर्ष विश्‍लेषित नमूनों की संख्‍या मानकों का उल्‍लंघन अदालत में चल रहे मामले
2011-12 201 9 9
2012-13 272 27 27
2013-14 257 11 8
2014-15 47 0 0

डाटा सोर्सः पीआईबी/स्वास्थ्य मंत्रालय/19.12.14

इस बावत स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने संसद में बताया कि राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा और मानक कानून 2006 के तहत खाद्य उत्‍पादों की नियमित तौर पर निगरानी की जाती है और खाद्य पदार्थों के नमूनों का  एक‍त्रीकरण निर्धारित नियमों और विनियमों के अनुसार किया जाता है।

राज्‍य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य उत्‍पादों के नमूने लेकर उन्‍हें परीक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत परीक्षण शालाओं में विश्‍लेषण के लिए भेजा जाता है। खाद्य उत्‍पादों के लिए निर्धारित नियमों और विनियमों का उल्‍लंघन पाये जाने पर चूककर्ताओं के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है।

नोटःजरूर पढ़ेंः One soft drink a day raises ‘heart attack danger’ by 20% according to U.S study

राष्ट्रीय वृद्धाआश्रम

2 राष्ट्रीय वृद्धाश्रम होंगे स्थापितःसरकार

नई दिल्ली/ 19.12.14/SBA DESK 
राष्ट्रीय वृद्धाआश्रम

जे.पी. नड्डा, स्वास्थ्य मंत्री, भारत सरकार

वृद्धजनों की  स्थिति को सुधारने के लिए केन्द्र सरकार 12वीं पंचवर्षीय योजना में दो राष्ट्रीय विद्धाआश्रम स्थापित करेगी। इसकी जानकारी केन्द्रीय स्वास्थय मंत्री जे.पी.नड्डा ने आज (19.12.14) लोकसभा में दी। इस बावत स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के शेष बचे हुए समय के दौरान मौजूदा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्‍स), नई दिल्‍ली और मद्रास मेडिकल का‍लेज, चेन्‍नई में दो राष्‍ट्रीय वृद्धावस्‍था केन्‍द्र स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव किया गया है।

इसके  मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि नर्सिंग सेवाओं को सुदृढ़/ उन्‍नत करने के लिए केन्‍द्रीकृत योजना के तहत तमिलनाडु के तमबरम में एक भारतीय उन्‍नत नर्सिंग संस्‍थान (आईआईएएन) स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव किया गया है।
भारतीय चिकित्‍सा शोध परिषद (आईसीएमआर) ने 2006-11 तक पीजीआईएमईआर, चण्‍डीगढ़ में कुल 1.78 करोड़ की धन राशि के साथ कवक विज्ञान में एक केन्‍द्र को विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता दी है।

आईसीएमआर ने पीजीआईएमईआर में रोगजनक कवक के राष्‍ट्रीय संवर्धन संग्रह के विकास में भी 2009-14 तक 2.11 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है।

गुरदासपुर मामलाः डॉक्टरों ने छिनी 16 मरीजों की  ऑखों की रौशनी!

60 लोगों की आंखों की रौशनी जाने की आशंका…,10 दिन पहले हुआ था ऑपरेशन

एसबीए डेस्क

एनबीटी फोटो

एनबीटी फोटो

बिलासपुर नसबंदी मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि भारत में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। डॉक्टरी लापरवारी से अबतक 16 मरीजों ने अपनी रौशनी गवां दी है, 60 की रौशनी जाने की आशंका है।

पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक एनजीओ द्वारा आयोजित नेत्र शिविर में ऑपरेशन के बाद कम से कम 60 लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि 16 लोग अमृतसर के गांवों के रहने वाले हैं जबकि शेष अन्य गुरदासपुर जिले के रहने वाले हैं। इन सबको अमृतसर और गुरदारसपुर के ईएनटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

घटना की पुष्टि करते हुए अमृतसर के उपायुक्त रवि भगत ने गुरुवार को यहां कहा कि 16 प्रभावित मरीजों को सहायक प्रफेसर करमजीत सिंह की निगरानी में शहर के ईएनटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंह ने कहा कि उन सबने स्थायी तौर पर अपनी दृष्टि खो दी है। भगत ने कहा कि उन डॉक्टरों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं जिन्होंने शिविर में ऑपरेशन किया।
घटना का ब्योरा देते हुए अमृतसर के सिविल सर्जन राजीव भल्ला ने कहा कि सभी मरीजों का ऑपरेशन तकरीबन 10 दिन पहले गुरदासपुर जिले के घुमन गांव के एक नेत्र शिविर में किया गया था। यह घटना तब सामने आई जब सभी 16 मरीजों ने उपायुक्त भगत से एनजीओ और संबद्ध चिकित्सकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए संपर्क किया। भल्ला ने कहा, ‘यह पाया गया था कि कुल 60 मरीज थे जिसमें से 16 अमृतसर के थे।’  शेष गुरदासपुर जिले के थे।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘स्वस्थ भारत अभियान’ सरकार से मांग करता है कि वह दोषियों को सख्त सजा दे व आँख की रौशनी खोने वालों के एक परिजन को सरकारी नौकरी दे।

केईएम अस्पताल के एक और डॉक्टर को हुआ डेंगू

जब डॉक्टर डेंगी से खुद को नहीं बचा पा रहे हैं, तो आम लोगों का क्या होगा...

जब डॉक्टर डेंगी से खुद को नहीं बचा पा रहे हैं, तो आम लोगों का क्या होगा…

– डॉक्टर की गंभीर हालत के चलते किया हिंदूजा अस्पताल में ऐडमिट
– बीएमसी ने केईएम अस्पताल और हॉस्टल को दिया डेंगू की ब्रीडिंग साइट के चलते नोटिस

Deepika Sharma For SBA

मुंबई/ केईएम अस्पताल में एक रेजिडेंट डॉक्टर की डेंगी से मौत हुए, एक हफ्ता भी नहीं हुआ है, इसी अस्पताल के तीन और रेजिडेंट डॉक्टर डेंगी से जूझ रहे हैं। केईएम के मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर वृज दुर्गे को बेहद गंभीर हालत के चलते सोमवार सुबह हिंदूजा अस्पताल में ऐडमिट कराया गया है। वहीं दूसरी तरफ मरीजों के लिए डेंगी का इलाज देने वाला यह केईएम अस्पताल खुद डेंगी के मच्छरों का घर बन गया है। बीएमसी ने केईएम अस्पताल और इसी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के हॉस्टल को डेंगी की ब्रीडिंग के चलते नोटिस भेजा है।
तीन डॉक्टर हैं डेंगी के शिकार
मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर वृज दुर्गे के अलावा दो और रेजिडेंट डॉक्टर भी डेंगी के चलते अस्पताल में ऐडमिट हैं। अस्पताल से जुड़े सूत्रों के अनुसार पीडियाट्रिक विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर, शशी यादव केईएम अस्पताल के मेडिसिन इंनटेंसिव केयर युनिट (एमआईसीयू) और कार्डियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर अरविंद सिंह इसी अस्पताल के आईआईसीयू में ऐडमिट हैं। गौरतलब है कि एक हफ्ते पहले केईएम अस्पताल के अनेस्थेसिया विभाग के थर्ड ईयर की स्टूडेंट, डॉ़ श्रुति खोबरगेड़े की डेंगी के चलते ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद केईएम अस्पताल प्रशासन और बीएमसी के पेस्ट कंट्रोल विभाग ने कई कदम उठाए थे। जानकारी के अनुसार पिछले तीन महीनों में इस अस्पताल के लगभग 50 से ज्यादा डॉक्टर डेंगी की चपेट में आ चुके हैं।
अस्पताल खुद बना डेंगी का घर
केईएम अस्पताल के महाराष्ट्र असोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (मार्ड) से मिली जानकारी के अनुसार डॉक्टर वृज को शनिवार को केईएम के एमआईसीयू में ऐडमिट किया गया था। लेकिन धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती चली गई, जिसके चलते परिवार वालों ने उन्हें हिंदूजा अस्पताल में ऐडमिट करने का फैसला किया। डॉ़ दुर्गे हिंदूजा अस्पताल के आईसीयू में ऐडमिट हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मार्ड से मिली जानकारी के अनुसार इस अस्पताल में डेंगू के ब्रीडिंग स्पॉट पाए गए हैं, जिसके बीएमसी ने इन्हें नोटिस भी भेजा हैं।

साभारःनवभारत टाइम्स, मुंबई 

परिचयः दीपिका शर्मा नवभारत टाइम्स, मुंबई से जुड़ी हुई हैं। स्वास्थ्य रिपोर्टिंग में दीपिका शर्मा ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

प्रेस क्लब में हुआ स्वस्थ भारत डॉट इन का लोकार्पण

मुंबई: गांधी जयंती के अवसर पर एक ओर जहां सरकार स्वच्छ भारत की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नागरिक समाज ने पहल करते हुए स्वास्थ्य न्यूज पोर्टल लॉन्च किया है। मुंबई स्थित प्रेस क्लब में  www.swasthbharat.in न्यूज वेब पोर्टल का लोकार्पण दैनिक दबंग दुनिया के संपादक अभिलाष अवस्थी की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि थे गौ भक्त फैज़ खान।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में अभिलाष अवस्थी ने कई मसलों को उठाया। इस वेबसाइट की पूरी टीम को शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि एलोपैथ के साथ-साथ आयुर्वेद में जो धांधली है, उसको भी उजागर करने की जरूरत है। उनका मानना था कि प्राकृतिक औषधियों का दोहन करने वाले लोग आम जनता से ज्यादा पैसा ले रहे हैं। ऐसे लोगों को जेल में होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ गौभक्त फैज़ खान ने स्वास्थ्य के लिए गौ-वंश की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि स्वस्थ रहने के लिए गौ-वंश की रक्षा जरूरी है। दिल्ली से आए एडवोकेट प्रवीण झा ने स्वास्थ्य के कानूनी पक्ष पर अपनी बात रखी। वहीं डॉ. भारती भट्ट ने मैगनेट थेरेपी के बारे में जानकारी देते हुए यह आशा व्यक्त की कि इस वेबसाइट से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई क्रांति आयेगी।

इस वेबसाइट के बारे में बात करते हुए स्वस्थ भारत अभियान के संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि देश में स्वास्थ्य क्रांति लाने की दिशा में यह वेबसाइट मील का पत्थर साबित होगी। इस वेबसाइट के संस्थापक संपादक श्री आशुतोष ने बताया कि देश में स्वास्थ्य चिंतन का घोर अभाव है, जिसे दूर करने में यह वेबसाइट कारगर साबित होगी।

कार्यक्रम की शुरूआत जानी-मानी गायिका ज्योति मतवांकर की सरस्वती वंदना से हुई। उसके बाद राष्ट्रगान गाकर उपस्थित लोगों ने अपनी राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रेषित किया। प्रख्यात पर्यावरण संरक्षिका नुसरत खत्री ने युवा पत्रकार व इस वेबसाइट के संस्थापक आशुतोष कुमार सिंह का परिचय कराया। उसके बाद कार्यक्रम संचालिका वरिष्ठ पत्रकार अलका अग्रवाल ने श्री आशुतोष को वेबसाइट की जानकारी देने के लिए मंच पर बुलाया। उसके बाद गौभक्त फैज खान ने दमदार तरीके से अपनी बात रखी। माहौल में उस समय और जोश बढ़ गया जब वरिष्ठ कवि शेखर अस्तित्व ने अपनी कविता पढ़ी। तीर थे कमान हो गए…सिर्फ एक पान के लिए लोग पीकदान हो गए…इस कविता को सुनकर उपस्थित सभी लोगों की ऊर्जा दुगुनी हो गयी। युवा लेखक कल्याण गिर ने महात्मा गांधी को याद करते हुए बेहतरीन कविता सुनाई। स्वस्थ भारत अभियान से जुड़े बॉलीवुड के गीतकार डॉ. सागर ने धन्यवाद ज्ञापन किया, साथ ही अपनी भोजपुरी कविता से माहौल को सुगंधित कर दिया। इस मौके पर दैनिक जागरण के मुंबई व्यूरो चीफ ओमप्रकाश तिवारी, पत्रकार सुशील मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्ता अफजल खत्री, टीवी कलाकार अजय यादव, प्रदीप तिवारी, नैना सिंह, गौ भक्त प्रदीप पांडेय, रंभाकर शर्मा सहित कई सामाजिक लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार व लेखिका अलका अग्रवाल ने किया। वहीं दूसरी तरफ भारत की पहली हिन्दी हेल्थ वेबसाइट के लॉन्च होने की चर्चा सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है। पूर्व एफडीए कमिश्नर महेश झगड़े, साहित्यकार सूरज प्रकाश, सुरेश चौधरी, अमिताभ अग्निहोत्री सहित देश के जाने-माने लेखक-चिंतकों ने इस वेबसाइट के शुरू होने पर अपनी शुभकामना संदेश प्रेषित किया है।

एमसीआई और स्वास्थ्य मंत्रालय में तकरार

 

मेडिकल कालेजों में सीटें रद्द करने के लिए डॉ. हर्षवर्धन ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की आलोचना की 

 

आशुतोष कुमार सिंह

 

नई दिल्ली/  नई सरकार बनते ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की मनमानियों पर उंगली उठनी शुरू हो गयी है। इस बार किसी और ने नहीं बल्की खुद देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एमसीआई के काम करने के तरीके की आलोचना की है। स्वास्थ्य मंत्री मेडिकल कॉलेजों में सीटें रद्द करने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की आलोचना की है। एम.सी.आई के इस कृत्य को छात्र विरोधी कदम बताते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के इस कदम के कारण 2014-15 के अकादमिक सत्र में 1,170 सीटों का नुकसान हुआ है और कई प्रतिभावान विद्यार्थियों का सपना टूट गया है।

गौरतलब है कि कि 31 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्रालय की उस याचना को खारिज कर दिया था, जिसमें मंत्रालय ने प्रार्थना की थी कि नये मेडिकल कालेजों को मंजूरी देने और पुराने कालेजों में मौजूदा सीटों की अनुमति के नवीनीकरण के लिए समय सारणी में बदलाव करने की जरूरत है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि, ‘अदालत में हमारे निवेदन को समर्थन देने के बजाय मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसका विरोध किया, जिससे मैं हैरान हूं कि वे किसकी तरफ हैं।’

उन्होंने आगे कहा कि, मौजूदा सीटें बढ़ाने के लिए कई आवेदन आये हैं क्योंकि नये मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं और पुराने मेडिकल कालेजों की सीटें बढ़ाई जानी हैं। इसके मद्देनजर 2,750 सीटों को मंजूरी दी गई है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानदण्डों पर असफल हो जाने के कारण 3,920 सीटों के नवीनीकरण के आवेदनों को रद्द कर दिया गया है। इसके कारण 1,170 सीटों का कुल ऩुकसान हुआ है। प्रभावित होने वाले 46 मेडिकल कालेजों में से 41 निजी कालेज हैं। मंत्रालय ने इस संबंध में 150 मामले, जिनमें ज्यादातर सरकारी कालेजों के हैं, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को समीक्षा के लिए भेजे थे लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया है।