SBA विशेष काम की बातें

उपभोक्ता जागरुकता से ही बदलेगी स्वास्थ्य सेवा की तस्वीर

आयुर्वेद की जननी भारत भूमि का इतिहास बताता है कि यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राचीन काल में परोपकार के नजरिए देखा जाता था। जब तक वैद्य परंपरा रही तब तक मरीज एवं वैद्य के बीच सामाजिक उत्तरदायित्व का बंधन रहा। लेकिन आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के उदय के बाद चिकित्सा एवं इससे जुड़ी हुई सेवाओं को क्रय-विक्रय के सूत्र में बांध दिया गया। चिकित्सकीय सेवा देने वाले एवं मरीज के बीच में उपभोगीय समझौते होने लगे। जैसे अगर आपको हर्निया का ऑपरेशन कराना है तो इतना हजार रुपये लगेगा, डिलेवरी कराना है तो इतना हजार रुपये। मरीज से कॉन्ट्रैक्ट फार्म पर हस्ताक्षर कराए जाने लगे। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाजार आधारित हो गईं। यहां पर लाभ-हानी की कहानी गढ़ी जाने लगीं। ऐसे में यह जरूरी हो गया कि इन सेवाओं को कानून के दायरे में लाया जाए ताकि खरीदार को कोई बेवकूफ न बना सके, उनसे ओवरचार्ज न कर सके। गलत ईलाज न कर सके। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय न्यायालय ने समय –समय पर दिए अपने आदेशों में यह स्पष्ट कर दिया है कि चिकित्सा संबंधी जितनी भी सेवाएं हैं उसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986 के सेक्शन 2(1) के तहत अनुबंधित सेवा माना जायेगा। इस तरह स्वास्थ्य संबंधित सेवाएं कानून के दायरे में आ गईं।

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स्वस्थ समाज की परिकल्पना में बालिकाओं का स्वस्थ होना जरूरीः प्रो. बीके कुठियाला

स्वस्थ समाज की परिकल्पना में बालिकाओं का स्वस्थ होना जरूरीः प्रो. बीके कुठियाला

स्वस्थ भारत के यात्रियों ने दिया स्वस्थ बालिका स्वस्थ समाज का संदेश

कबीर वाणी के माध्यम से दिया गया स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का संदेश

समाचार

बेटी पैदा हुई तो दवा पर मिलेगी छूट …

बेटी बचाओ अभियान के प्रणेता डॉ. गणेश राख द्वारा चलाए जा रहे बेटी बचाओ आंदोलन धीरे धीरे जनांदोलन का रूप लेता जा रहा हैl बेटी बचाओ जनांदोलन की गूंज हरियाणा, पंजाब दिल्ली होते हुए अब झारखण्ड पहुँच चुकी हैl पेशे से फार्मासिस्ट जीतेन्द्र शर्मा ने आदित्यपुर, जमशेदपुर स्थित अपने प्रतिष्ठान उमा मेडिकल में बेटियों के जन्म पर दवा में 15% छूट देने का एलान किया है. आज उमा मेडिकल में हुए एक कार्यक्रम के दौरान जीतेन्द्र शर्मा ने इस बात की औपचारिक घोषणा की.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुवे जीतेन्द्र ने बताया की उनकी खुद दो बेटियां है. उन्होंने आगे कहा की उन्हें इस की प्रेरणा पुणे के चिकित्सक व बेटी बचाओ आंदोलन के प्रणेता डॉ. गणेश राख से मिली। जीतेन्द्र शर्मा के इस कदम से जहाँ जमशेदपुर में उत्साह का माहौल है वही डॉक्टरों व समाजसेवियों ने भी उनके इस कदम का स्वागत किया है.