SBA विशेष

दांव पर चिकित्सकों की साख!

आज 1 जुलाई को देश राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मना  रहा है। देश-दुनिया में यह दिवस बहुत ही संवेदनशीलता के साथ मनाया जाता है और चिकित्सकों को उनके नेक काम के लिए समाज की तरफ से कृतज्ञता ज्ञापित किया जाता है। भारत में राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस जाने-माने समाज सेवी एवं पं.बंगाल के पहले स्वास्थ्य मंत्री एवं दूसरे मुख्यमंत्री रह चुके भारत रत्न विधानचन्द्र राय के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ.बी.सी.राय ने अतुलनीय काम किया है। सच तो यह है कि देश के चिकित्सक डॉ.बी.सी.राय को अपना नायक मानते हुए जन-सरोकारिता को अपनाएं साथ ही समाज के लोग अपने चिकित्सकों का विशेष ख्याल रखें, उनके साथ किसी भी तरह की अभद्रता न करें और संवाद का सहारा लें। इतना ही नहीं देश की सरकारों को भी चिकित्सा व्यवस्था की अव्यवस्था को दूर करने में और तीव्र गति से आगे आना होगा। तभी हम एक स्वस्थ समाज की परिकल्पना को पूर्ण कर सकते हैं!

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SBA विशेष अस्पताल कैरियर

अब तो मेडिकल की महंगी पढाई मार गई…

स्वास्थ्य के मामले में भारत की स्थिति दुनिया में शर्मनाक  है। यहां तक कि चिकित्सा सेवा के मामले में भारत के हालात श्रीलंका, भूटान व बांग्लादेश से भी बदतर हैं। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य पत्रिका ‘ लांसेट’ की ताजातरीन रिपोर्ट ‘ ग्लोबल बर्डन आफ डिसीज’ में बताया गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में हमारा देश दुनिया के कुल 195 देशों की सूची में  145वें स्थान पर है। रिपोर्ट कहती है कि भारत ने सन 1990 के बाद अस्पतालों की सेहत में सुधार तो किया है। उस साल भारत को 24.7 अंक मिले थे, जबकि 2016 में ये बढ़ कर 41.2 हो गए हैं। देश के आंचलिक कस्बें की बात तो दूर राजधानी दिल्ली के एम्स या सफदरजंग जैसे अस्पतालों की भीड़ और आम मरीजों की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है। एक तो हम जरूरत के मुताबिक डाक्टर तैयार नहीं कर पा रहे, दूसरा देश की बड़ी आबादी ना तो स्वास्थ्य के बारे में पर्याप्त जागरूक है और ना ही उनके पास आकस्मिक चिकित्सा के हालात में  केाई बीमा या अर्थ की व्यवस्था है।  हालांकि सरकार गरीबों के लिए मुफ्त इलाज की कई योजनाएं चलाती है लेकिन व्यापक अशिक्षा और गैरजागरूकता के कारण ऐसी योजनाएं माकूल नहीं हैं।

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SBA विशेष काम की बातें

Women with breast cancer may be spared chemotherapy, but…

These are legitimate concerns that need to be addressed in a systematic manner by the government as well as health care professionals. This would allow Indian patients to  benefit from the impact of this study allowing  early stage breast cancer patients  (Hormone receptor positive, Her2 negative, axillary node negative) with a medium range risk score in Oncotype Dx to safely avoid chemotherapy and its associated physical, emotional and economic burden

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समाचार

देश के 100 जिले हुए लिम्फेटिक फाइलेरिया से मुक्त, 156 जिलों में अभी भी है इस बीमारी का असर

लिम्फेटिक फाइलेरिया के संचरण और इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि भावी पीढियां इस बीमारी से मुक्त रहें। भारत ने लिम्फेटिक फाइलेरिया को समाप्त करने के प्रयासों तथा इस संदर्भ में किये जाने वाले शोध का हमेशा से स्वागत किया है। उक्त बातें केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी नड्डा ने  लिम्फेटिक फाइलेरिया को समाप्त करने के लिए आयोजित वैश्विक गठबंधन की 10वीं बैठक (जीएईएलएफ) का उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि लिम्फेटिक फाइलेरिया को समाप्त करने की दिशा में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों व विकास संगठनों के सम्मिलित प्रयास से सर्वाधिक प्रभावित 256 जिलों में से 100 जिलों ने उन्मूलन लक्ष्य हासिल कर लिया है। संचरण मूल्यांकन सर्वे (टीएएस) द्वारा सत्यापन के बाद इन जिलों में बड़े पैमाने पर दी जाने वाली दवा कार्यक्रम को रोक दिया गया है। अभी ये जिले निगरानी में हैं।

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SBA विशेष आयुष

All you want to know about Homoeopathy

You are right in choosing Homoeopathy System of Medicine for treatment of disease or ailment you are suffering from. At present, you have before you a variety of system of medicine. No one system is of lesser importance than any other. However, Homoeopathy has its own special place in the field of treatment of disease. Homoeopathic prescriptions aim at the disease symptoms treating the patient as a whole. Besides removing the disease symptoms they also enhance the existing healing power of the patient, so that these symptoms do not reappear.

 

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समाचार

46 प्रतिशत महिलाएं माहवारी में लेती हैं दफ्तर से छुट्टी:सर्वे

 भारत में 60 फीसद कामकाजी महिलाएं मासिक धर्म के दौरान तैराकी, योग, नृत्य, जिम इत्यादि में भाग नहीं ले पाती हैं।  फेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स ब्रांड एवेरटीन के तीसरे माहवारी स्वच्छता सर्वे यह बात सामने आई है। इस सर्वे में भारत के 85 शहरों से 2000 से ज्यादा महिलाओं में भाग लिया. इस सर्वे में के परिणामों पर गौर किया जाए तो कुल प्रतिभागियों में से 49 फीसद महिलाओं ने माना कि वे माहवारी के दौरान काम पर ध्यान नहीं दे पाती, 58 फीसद महिलाओं ने कहा कि माहवारी उनकी कार्यक्षमता पर असर डालता है।

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काम की बातें मन की बात

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जरूरी है एक मुहिम

भारतीय वैज्ञानिकों ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसी हरित और पर्यावरण हितैषी प्रौद्योगिकीयों का विकास है, जो प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या को कम करने में मददगार साबित हो रही हैं। आईआईटी, हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक अपशिष्टों के पुनर्चक्रण के लिए संतरे के छिलकों की मदद से एक प्रभावी प्रौद्योगिकी का विकास किया है। इसी प्रकार वैज्ञानिकों के एक समूह ने प्लास्टिक से थर्माकोल जैसा एक ऐसा पदार्थ बनाया है, जो पानी से तेल को सोख सकता है। इस विधि से तेल के फैलाव जैसी समस्या का समाधान किया जा सकेगा।

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काम की बातें विविध

संयुक्त पत्ती वाले पतझड़ी पेड़ों में प्रदूषण झेलने की क्षमता सबसे अधिक

वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदूषण को झेलने की पेड़ों की क्षमता उनकी कई विशेषताओं पर निर्भर करती है। इन विशेषताओं में कैनोपी अर्थात पेड़ के छत्र का आकार, पत्तियों की बनावट तथा प्रकार और पेड़ों की प्रकृति शामिल है। संयुक्त पत्तियों वाले पतझड़ीपेड़, छोटे एवं मध्यम कैनोपी और गोल-से-अंडाकार पेड़ों में प्रदूषण के दुष्प्रभावों को झेलने की क्षमता अधिक पायी गई है।

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काम की बातें विविध समाचार

New way found to enhance strength and ductility of high entropy alloys

In a study published in a journal, Scientific Reports, the researchers have reported that novel heterogeneous microstructure achieved by a process of cryo-deformation followed by annealing can help overcome the problem of strength-ductility trade-off in multiphase HEAs. The researchers are from Indian Institute of Technology, Hyderabad, Kyoto University, Japan and Chalmers University, Sweden.

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SBA विडियो काम की बातें बचाव एवं उपचार रोग समाचार

अच्छे डॉक्टर मिल जाए तो जिंदगी बदल जाती है…ऐसी ही यह कहानी हैं…देखें चार मिनट में…

डॉ. मनीष कुमार, न्यूरो सर्जन हैं। वे हमेशा इस तरह का काम करते रहते हैं कि सुनकर विश्वास न हो। इस बार उन्होंने ट्राइजैमनल न्यूरोलजिया की एक मरीज की सर्जरी की है। पांच दिनों में वो बिल्कुल ठीक हो गई। क्या कहती है मरीज, आप खुद सुनिए उसके जुबानी…

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