SBA विशेष आयुष काम की बातें

अच्छी आदतों से जोड़ने का काम करता है योग

दरअसल योग सिर्फ स्वस्थ जीवन का ही आधार नही है बल्कि ये लोगो को जोड़ने का माध्यम भी बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर प्राणायाम करके लोगो को प्रेरणा भी दी। हालांकि वो समय- समय पर ऐसा करते रहते है जिससे की देशवासी सेहतमंद और फिट रहें । योग की लोकप्रियता का आलम ये है की क्या आम क्या ख़ास आज हर कोई योग से अपनी जिंदगी संवार रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर तमाम मंत्रियो और गणमान्य लोगों ने फिटनेस चेलेंज दिया जो इस बात का सबूत है योग का प्रचार प्रसार कितनी तेज़ी से हुआ है। 

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SBA विशेष काम की बातें

Women with breast cancer may be spared chemotherapy, but…

These are legitimate concerns that need to be addressed in a systematic manner by the government as well as health care professionals. This would allow Indian patients to  benefit from the impact of this study allowing  early stage breast cancer patients  (Hormone receptor positive, Her2 negative, axillary node negative) with a medium range risk score in Oncotype Dx to safely avoid chemotherapy and its associated physical, emotional and economic burden

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समाचार

देश के 100 जिले हुए लिम्फेटिक फाइलेरिया से मुक्त, 156 जिलों में अभी भी है इस बीमारी का असर

लिम्फेटिक फाइलेरिया के संचरण और इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि भावी पीढियां इस बीमारी से मुक्त रहें। भारत ने लिम्फेटिक फाइलेरिया को समाप्त करने के प्रयासों तथा इस संदर्भ में किये जाने वाले शोध का हमेशा से स्वागत किया है। उक्त बातें केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी नड्डा ने  लिम्फेटिक फाइलेरिया को समाप्त करने के लिए आयोजित वैश्विक गठबंधन की 10वीं बैठक (जीएईएलएफ) का उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि लिम्फेटिक फाइलेरिया को समाप्त करने की दिशा में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों व विकास संगठनों के सम्मिलित प्रयास से सर्वाधिक प्रभावित 256 जिलों में से 100 जिलों ने उन्मूलन लक्ष्य हासिल कर लिया है। संचरण मूल्यांकन सर्वे (टीएएस) द्वारा सत्यापन के बाद इन जिलों में बड़े पैमाने पर दी जाने वाली दवा कार्यक्रम को रोक दिया गया है। अभी ये जिले निगरानी में हैं।

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SBA विशेष आयुष

All you want to know about Homoeopathy

You are right in choosing Homoeopathy System of Medicine for treatment of disease or ailment you are suffering from. At present, you have before you a variety of system of medicine. No one system is of lesser importance than any other. However, Homoeopathy has its own special place in the field of treatment of disease. Homoeopathic prescriptions aim at the disease symptoms treating the patient as a whole. Besides removing the disease symptoms they also enhance the existing healing power of the patient, so that these symptoms do not reappear.

 

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समाचार

46% Indian women take leave from work during periods: everteen Menstrual Hygiene Survey 2018

Sanitary pads are still the most used sanitary product among Indian women (92%), whereas modern methods of menstrual hygiene such as tampons and menstrual cups are used by 7% of Indian urban women. With most women still relying on traditional methods, 70% Indian women said periods had an impact on their peace of mind. Out of these, 22% women worry a lot about risk of staining or spotting on clothes. 66% women said they felt irritated or depressed during menstrual periods. 79% women said periods impacted their choice of clothes and the way they dress. One-third of the women said periods restricted them from attending social and personal engagements such as family functions, parties and dates.

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फार्मा सेक्टर मन की बात विविध

फार्मासिस्ट भटक गए हैं! ऐसा मैंने क्यों कहा?

जहां तक मेरी समझ है वह यह है कि बाजार में जितने फार्मासिस्ट हैं उसमें ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने पैसे के बल पर डिग्री तो ले ली है लेकिन फार्मा की पढ़ाई ठीक से नहीं की है। उनके अंदर इतनी काबीलियत नहीं है कि वे प्रतियोगिता फेस करें और दवा कंपनियों से लेकर तमाम जगहों पर अपनी उपयोगिता को सिद्ध कर पाएं। यहीं कारण है कि ये सिर्फ और सिर्फ दवा दुकानों तक खुद को समेटकर रखना चाहते हैं। दरअसल ये वही फार्मासिस्ट हैं जिनको अपने प्रोफेशन की इज्जत से कोई लेना-देना नहीं है। ये सिर्फ किसी तरह पैसा कमाना चाहते हैं। इसके लिए इन्होंने अपने जमीर को बेच दिया है। अपनी डिग्री-डिप्लोमा को किराए पर दे दिया है। ये खुद निकम्मे और निठल्ले हैं और किराए के पैसे से रोजी-रोटी चलाना चाहते हैं। दवा खऱीदने वाले उपभोक्ताओं को अच्छी दवा मिले या न मिले इससे इनको कोई सरोकार नहीं है। इनके कारण मेहनत से पढ़े-लिखे फार्मासिस्टों की नाक कटती रहती है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि किरायेबाज फार्मासिस्टों को बेनकाब किया जाए। और ऐसा करने में तमाम फार्मासिस्ट संगठन लगभग विफल रहे हैं।

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काम की बातें मन की बात

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जरूरी है एक मुहिम

भारतीय वैज्ञानिकों ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसी हरित और पर्यावरण हितैषी प्रौद्योगिकीयों का विकास है, जो प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या को कम करने में मददगार साबित हो रही हैं। आईआईटी, हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक अपशिष्टों के पुनर्चक्रण के लिए संतरे के छिलकों की मदद से एक प्रभावी प्रौद्योगिकी का विकास किया है। इसी प्रकार वैज्ञानिकों के एक समूह ने प्लास्टिक से थर्माकोल जैसा एक ऐसा पदार्थ बनाया है, जो पानी से तेल को सोख सकता है। इस विधि से तेल के फैलाव जैसी समस्या का समाधान किया जा सकेगा।

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काम की बातें विविध

संयुक्त पत्ती वाले पतझड़ी पेड़ों में प्रदूषण झेलने की क्षमता सबसे अधिक

वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदूषण को झेलने की पेड़ों की क्षमता उनकी कई विशेषताओं पर निर्भर करती है। इन विशेषताओं में कैनोपी अर्थात पेड़ के छत्र का आकार, पत्तियों की बनावट तथा प्रकार और पेड़ों की प्रकृति शामिल है। संयुक्त पत्तियों वाले पतझड़ीपेड़, छोटे एवं मध्यम कैनोपी और गोल-से-अंडाकार पेड़ों में प्रदूषण के दुष्प्रभावों को झेलने की क्षमता अधिक पायी गई है।

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काम की बातें विविध समाचार

New way found to enhance strength and ductility of high entropy alloys

In a study published in a journal, Scientific Reports, the researchers have reported that novel heterogeneous microstructure achieved by a process of cryo-deformation followed by annealing can help overcome the problem of strength-ductility trade-off in multiphase HEAs. The researchers are from Indian Institute of Technology, Hyderabad, Kyoto University, Japan and Chalmers University, Sweden.

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काम की बातें विविध समाचार

वैज्ञानिकों ने बनाया चलता-फिरता सौरकोल्ड स्टोरेज

भारत विश्व में फल और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।लेकिन, पर्याप्त शीत भंडारण सुविधाएं नहीं होने से 30 से 35 प्रतिशत फल और सब्जियां लोगों तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती हैं। किसानों को फलों और सब्जियों को तुरंत बाजार ले जाकर बेचने और गुणवत्ता खराब होने का नियमित दबाव बना रहता है। इस नए कोल्ड-स्टोरेज के उपयोग से किसान उत्तम गुणवत्ता की भंडारण सुविधाओं का लाभ छोटे स्तर पर अपनी आवश्यकतानुसार उठा सकेंगे।

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