फार्मा सेक्टर समाचार

6 दिनों से भूखे अनशनकारियों को पीटा, जेल में डाला और बिना मेडिकल के छोड़ दिया है मरने के लिए

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यूपी पुलिस का अमानवीय चेहरा,‪#‎यूपी‬ पुलिस ने फार्मासिस्टों पर भांजी लाठियां…

ध्यान से देखिए इन तस्वीरों को… अमीत श्रीवास्तव व विनय कुमार भारती की अगुवाई में यूपी में फार्मासिस्टों ने अपनी मांगों को रखा है…

आज इनकी टीम अपनी मांगों को सरकार के पास पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से लक्ष्मण मेला, लखनऊ से विधानसभा तक का मार्च करने के लिए निकली थी…रास्ते में ही पुलिस ने रोका…पीटा और जेल में डाल दिया…
अभी रात के 11 बजे तक सूचना यह है कि विनय कुमार भारती और उनके दो और साथियों को पुलिस ने जेल में आईपीसी की धारा 323,326 और 353 लगाकर बंद कर दिया है…

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सबसे अमानवीय पक्ष यह है कि विनय कुमार भारती जो की पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं पहले तो उन्हें पुलिस ने मारा फिल जेल में बंद कर दिया वह भी बिना किसी मेडिकल चेकअप के…और अब उनसे मिलने भी नहीं दिया जा रहा है…
एक शांति के साथ आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों पर यूपी सरकार की पुलिस ने जिस बर्बरता के साथ पेश आई है वह ‪#‎मानवाअधिकार‬ का मामला बनता है…एक भूखे आदमी को पहले डंडा मारना फिर जेल में बंद करना वह भी बिना डॉक्टरी चेकअप के…
Akhilesh Yadav जी यह आपकी सरकार के लिए बहुत ही शर्म की बात है…इस मसले पर आपको प्रशासन से कारण बताओं नोटिस लेना चाहिए…ये ‪#‎फार्मासिस्ट‬ तो आपको सहयोग कर रहे हैं मुख्यमंत्री जी…ये व्यवस्था में व्याप्त कमियों को दूर करने की ही तो बात कर रहे हैं…इनकी बात पूरे राज्य के हित में है।

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पिछले 6 दिनों से लगातार फार्मासिस्टों के अनशन को देख रहा हूं। शांतिपूर्विक तरीके से वो अनशन कर रहे थे…आज सांकेतिक रूप से विधानसभा घेरकर अपनी मांगो की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ठ कराना चाह रहे थे। बदले में लक्ष्ममेला मैदान, लखनऊ में यूपी पुलिस ने उनपर लाठियां बरसाई…कई फार्मासिस्टों के हाथ टूट गए , कइयों के पैर में चोट आई हैं…विनय कुमार भारती सहित उनके तीन सााथियों को हजरतगंज थाने में पिछले 4 घंटे से बिठा कर रखा गया है…कितना जुल्म करेगी यूपी पुलिस।

4सरकार को याद रखना चाहिए जिनपर वो लाठिया भांज रहें हैं वो स्वास्थ्य के रक्षक हैं। उनको अस्वस्थ कर के आप राज्य को स्वस्थ रखने का सपना नहीं देख सकते हैं…
मेरी बात जब हजरतगंज के थाना प्रभारी से हुई तो उनका कहना था कि अनशनकारियों को न्यायालय में पेश करना है।
कोई बतायेगा कि आखिर उनकी गलती क्या है…वे यहीं न चाह रहे हैं कि राज्य को स्वस्थ रखा जाए…वे यह ही चाह रहे हैं न राज्य दवा देने का अधिकार फार्मासिस्ट को जो है, उसका अनुपालन हो…इसमें बुराई क्या है…
अगर इसी तरह स्वास्थ्य के रक्षकों पर पुलिस का डंडा चलता रहा तो क्या यूपी अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर पायेगा। ‪#‎अखिलेशयादव‬ जी आपको इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।
गिरफ्तार फार्मासिस्टों को जल्द से जल्द रिहा करने की मांग स्वस्थ भारत अभियान करता है।

नोटः लखनऊ के हजरतगंज थाने में तीन फार्मासिस्टों को यूपी पुलिस रखी हुई है…किसी से उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है।

आपका
आशुतोष कुमार सिंह
संयोेजक, स्वस्थ भारत अभियान

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आशुतोष कुमार सिंह
आशुतोष कुमार सिंह भारत को स्वस्थ देखने का सपना संजोए हुए हैं। स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर पत्र-पत्रिकाओं में अनेक आलेख लिखने के अलावा वह कंट्रोल एमएमआरपी (मेडिसिन मैक्सिमम रिटेल प्राइस) तथा 'जेनरिक लाइये, पैसा बचाइये' जैसे अभियानों के माध्यम से दवा कीमतों व स्वास्थय सुविधाओं पर जन जागरूकता के लिए काम करते रहे हैं। संपर्क-forhealthyindia@gmail.com, 9891228151
http://www.swasthbharat.in

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