नसबंदी कांड को रफा दफा करने में जुटी है रमन सरकारःराहुल गांधी

नसबंदी मामले पर राजनीति रंग जितना कम चढेगा, न्याय मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। आज राहुल गांधी का बिलासपुर पहुंचना अच्छी बात है, लेकिन हमें इस बात की शंका है कि  कहीं यह मामला राजनीति की भेंट न चढ़ जाएं। आजादी के बाद का भारतीय राजनीतिक इतिहास यही कहता है कि यदि किसी मसले  की कब्र खोदनी हो तो उसे राजनीतिक जामा पहना दीजिए।  स्वस्थ भारत अभियान बार-बार इस बात को दुहरा रहा है कि इस मसले को राजनीति से ऊपर उठकर हल करने की जरूरत है। संपादक 

बिलासपुर में नशबंदी पीड़ितों के परिजनों से मिलते राहुल गांधी

बिलासपुर में नशबंदी पीड़ितों के परिजनों से मिलते राहुल गांधी

बिलासपुर। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज यहां नसबंदी कांड के पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार पर मामले को रफादफा करने के प्रयास का आरोप लगाया और कहा कि इस हादसे में भ्रष्टाचार की भूमिका है।
पीड़ित परिवारों से उनके गांवों में मुलाकात करने और अस्पताल का दौरा करने के बाद राहुल ने इस त्रासदी की जिम्मेदारी न लेने के लिए रमन सिंह सरकार की आलोचना की और एक व्यापक जांच की मांग की। कांग्रेस नेता ने कहा कि शिविर उचित ठंग से नहीं चल रहा था और अनेक लोगों को नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार जिम्मेदारी नहीं ले रही है और बदले में दवाओं को जलाया जा रहा है और मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल गांधी ने उन पीड़ित परिवारों से मुलाकात की जिनके परिजन मौत के शिकार हुए है और अस्पताल का दौरा किया जहां प्रभावित महिलाओं का इलाज चल रहा है।  उन्होंने कहा, पहली चीज तो यह कि मुझे पता लगाना होगा कि क्या हुआ। निश्चित रूप से कहीं कुछ गड़बड़ थी। सरकार जिम्मेदार है और स्वास्थ्य मंत्री (जिम्मेदार हैं)। उन्होंने साथ ही कहा, मुझे बहुत दुख है। जब एक मां को पीड़ा होती है तो पूरा परिवार पीड़ा झेलता है।

बिलासपुर के अस्पताल में मरीजों का हाल सुनते राहुल गांधी

बिलासपुर के अस्पताल में मरीजों का हाल सुनते राहुल गांधी

 

महिलाओं की मौत के पीछे के कारणों के सम्बन्ध में राहुल ने कहा कि सबसे पहले तो यह पता लगाना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ था। यह तो तय है कि स्वास्थ्य शिविरों का संचालन ठीक तरीके से नहीं किया गया है। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। इससे पहले राहुल गांधी ने बिलासपुर के निकट अमसेना गांव में नसबंदी मामले में दम तोड़ चुकी महिला फूलबाई के पति रूप चंद और अन्य प्रभावितों के परिजनों से मुलाकात की।  गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के गृह नगर बिलासपुर से 10 किलोमीटर दूर तखतपुर ब्लाक के एक अस्पताल में आठ नवम्बर को आयोजित परिवार कल्याण शिविर में 83 महिलाओं की नसबंदी के आपरेशन किए गए थे जिसमें 12 महिलाओं की मौत हुई है। इसके दो दिन बाद 10 नवम्बर को पेंड्रा ब्लॉक में हुए 56 आॅपरेशनों में एक बैगा आदिवासी महिला की मौत हो गई। अभी बिलासपुर के अपोलो और सिम्स अस्पताल में नसबंदी मामले में अस्वस्थ हुई 122 महिलाएं भर्ती है। राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं इस मामले में एक चिकित्सक और दवा कंपनी के मालिक तथा उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के इस्तीफे की मांग की है।  हालांकि, अग्रवाल ने इस मांग को नकारते हुए कहा, ‘‘जब भी कोई घटना होती है, इस संबंध में जिम्मेदारी सरकार की होती है…मैं इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं। इस्तीफे का कोई सवाल नहीं है। मैं निर्णय नहीं लेता। इस संबंध में निर्णय पार्टी करेगी।

साभारःhttp://www.hellocg.com/ साथ में  स्वस्थ भारत अभियान टीम

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