गुरदासपुर मामलाः डॉक्टरों ने छिनी 16 मरीजों की  ऑखों की रौशनी!

60 लोगों की आंखों की रौशनी जाने की आशंका…,10 दिन पहले हुआ था ऑपरेशन

एसबीए डेस्क

एनबीटी फोटो

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बिलासपुर नसबंदी मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि भारत में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। डॉक्टरी लापरवारी से अबतक 16 मरीजों ने अपनी रौशनी गवां दी है, 60 की रौशनी जाने की आशंका है।

पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक एनजीओ द्वारा आयोजित नेत्र शिविर में ऑपरेशन के बाद कम से कम 60 लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि 16 लोग अमृतसर के गांवों के रहने वाले हैं जबकि शेष अन्य गुरदासपुर जिले के रहने वाले हैं। इन सबको अमृतसर और गुरदारसपुर के ईएनटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

घटना की पुष्टि करते हुए अमृतसर के उपायुक्त रवि भगत ने गुरुवार को यहां कहा कि 16 प्रभावित मरीजों को सहायक प्रफेसर करमजीत सिंह की निगरानी में शहर के ईएनटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंह ने कहा कि उन सबने स्थायी तौर पर अपनी दृष्टि खो दी है। भगत ने कहा कि उन डॉक्टरों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं जिन्होंने शिविर में ऑपरेशन किया।
घटना का ब्योरा देते हुए अमृतसर के सिविल सर्जन राजीव भल्ला ने कहा कि सभी मरीजों का ऑपरेशन तकरीबन 10 दिन पहले गुरदासपुर जिले के घुमन गांव के एक नेत्र शिविर में किया गया था। यह घटना तब सामने आई जब सभी 16 मरीजों ने उपायुक्त भगत से एनजीओ और संबद्ध चिकित्सकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए संपर्क किया। भल्ला ने कहा, ‘यह पाया गया था कि कुल 60 मरीज थे जिसमें से 16 अमृतसर के थे।’  शेष गुरदासपुर जिले के थे।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘स्वस्थ भारत अभियान’ सरकार से मांग करता है कि वह दोषियों को सख्त सजा दे व आँख की रौशनी खोने वालों के एक परिजन को सरकारी नौकरी दे।

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