• Home
  • आयुष
  • होम्योपैथी से सम्भव है कैंसर का इलाज
आयुष समाचार

होम्योपैथी से सम्भव है कैंसर का इलाज

नई दिल्ली :  कैंसर जैसी बीमारी का इलाज होम्योपैथी से भी सम्भव है। साथ ही थैलीसेमिया, एचआईवी और दिल के मरीजों के लिए आर्टेरियल क्लीयरेंस थेरेपी का भी होम्योपैथी से इलाज किया जा सकता है। ऐसा कहना है डॉ. ए. एम माथुर का, जो वर्ल्ड होम्योपैथी डेवलपमेंट आर्गेनाइज़ेशन (डब्ल्यूएचडीओ) के संस्थापक अध्यक्ष हैं। डब्ल्यूएचडीओ के 11वें कैंसर क्योर कार्यक्रम में उन्होंने ये बात कहकर इन रोगों से ग्रस्त मरीजों को काफी उम्मीदें जगा दीं। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी के फिक्की सभागार में शनिवार को आयोजित किया गया।

फोट क्रेडिट chicagolandhomeopathy.com
फोट क्रेडिट chicagolandhomeopathy.com

डॉ. ए. एम माथुर देश के जाने माने होम्योपैथिक फिज़िशियन हैं और उन्हें कैंसर की 22 साल की रिसर्च के मद्देनज़र इंटरनैशनल साइंटिस्ट अवॉर्ड से भी नवाज़ा जा चुका है। अपनी रिसर्च के दौरान डॉ. माथुर ने हर तरह के कैंसर के निदान के लिए `कैंसर क्योर` नाम की होम्योपैथी दवा भी विकसित की। इस दवा को भारत सरकार के अंतर्गत पेटेंट किया जा चुका है। 15 साल पहले इसे 1837700 नम्बर के तहत पेटेंट किया गया। इस मौके पर डॉ. ए. एम माथुर ने बताया कि इस रोग के लक्षण सबसे पहले नाखुन, आंखों और जीभ पर दिखाई देते हैं। आंखों का रंग हल्का पीला पड़ जाता है। जीभ के दोनों किनारों पर गड्ढे दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें आसानी से देखा जा सकता है और नाखूनों में सूखापन आ जाता है और वे काले पड़ने लगते हैं। इन तीनों लक्षणों से ये स्पष्ट हो जाता है कि मरीज़ को कैंसर है। डॉ. माथुर ने मानवीय शरीर में किसी भी तरह के कैंसर का पता लगाने का दावा किया। उनका कहना है कि उस स्थिति में किसी तरह के बायोस्पी टेस्ट की भी ज़रूरत नहीं पड़ती और छह महीने के अंदर ही किसी भी तरह के कैंसर का इलाज सम्भव है। डॉ. माथुर ने कहा कि वह अब तक कैंसर के 5800 मरीज़ों का इलाज कर चुके हैं और भी ऐसे सैंकड़ों मरीज़ों का इलाज चल रहा है।
इस मौके पर डॉ. ए. एम माथुर ने थैलीसेमिया नामक बीमारी पर अपनी रिसर्च का भी खुलासा किया। उनका कहना है कि होम्योपैथी से इसका इलाज सम्भव है और इस इलाज में किसी तरह की बोनमैरो को बदलने की भी ज़रूरत नहीं है। इस बीमारी के निदान के लिए रोडेक्स नामक दवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है और इस दवा से वह अब तक 60 ऐसे मरीज़ों का इलाज कर चुके हैं। ऐसे मरीज़ों को ये समस्या जन्म से थी, जिसका निदान कर लिया गया और वे लोग आज स्वस्थ हैं। भारत में बोनमैरो का कोई बैंक ना होने से ऐसे मरीज़ों को ट्रांसप्लांटेशन के लिए अमेरिका, इटली और इंग्लैंड जाना पड़ता था लेकिन इनका इलाज भारत में ही सम्भव है। इसके अलावा डॉ. ए. एम. माथुर अब तक एचआईवी-एड्स के 50 मरीज़ों का इलाज कर चुके हैं और हार्ट पेशंट्स के लिए होम्योपैथिक मेडिसन हार्टकेयर डॉ. माथुर ने इजात की है। इस दवा के उपयोग से बाईपास सर्जरी की ज़रूरत नहीं है।
इन तमाम बीमारियों पर किए लम्बे रिसर्च को देखते हुए डॉ. ए. एम माथुर को सितम्बर 2000 में फिक्की सभागार में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इंटरनैशनल साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया। इससे अगले वर्ष उन्हें इंटरनैशनल काउंसिल ऑफ होम्योपैथी (यूके) ने दिल्ली में ही उनकी इजाद की गई रोडेक्स दवा के लिए उन्हें नोवल प्राइज़ से सम्मानित किया। इसी वर्ष हरियाणा के राज्यपाल बाबू परमानंद ने उन्हें चंडीगढ़ में प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड दिया तो वहीं मॉरीशस के स्वास्थ्य मंत्री अशोक कुमार जगन्नाथ ने उन्हें डब्ल्यूएचडीओ के दिल्ली में आयोजित सेमिनार में मैन ऑफ द ईयर-2002 का पुरस्कार दिया। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री ने उन्हें मुम्बई में क्रूसेडर ऑफ होम्योपैथी अवॉर्ड से सम्मानित किया। डॉ. माथुर भारत के अलावा मॉरीशस, लंदन, सिंगापुर और नेपाल में फ्री चेकअप शिविर लगा चुके हैं। इन बीमारियों पर जागरूकता लाने के लिए वो पम्फलेट्स और लीफलेट्स वितरित करने के अलावा पिछले दस वर्षों से सोशल वर्क में जुटे हुए हैं।
करगिल वॉर के बाद डॉ. माथुर ने करगिल के जवानों के लिए राजकोट और लुधियाना में रक्तदान शिविर आयोजित किए। डॉ. माथुर को ये शौक विरासत में मिला है। उनके दादा डॉ. मनोहर लाल माथुर और उनके बड़े भाई डॉ. चंद्र मोहन माथुर, अंकल डॉ. ललित मोहन माथुर और उनके पिता डॉ. हरि मोहन माथुर होम्योपैथी के जाने माने डॉक्टर रहे हैं।
 
 

Related posts

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की 11वीं सामान्य समीक्षा मिशन (सीआरएम) रिपोर्ट जारी, अश्वनी कुमार चौबे ने इससे जुड़े हितधारकों को बधाई दी 

swasthadmin

एक और दवा कंपनी का डायरेक्टर गया जेल

swasthadmin

फ़र्ज़ी फार्मासिस्ट मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट सख्त

Vinay Kumar Bharti

2 comments

Biman Karmarkar March 4, 2016 at 9:44 pm

मेरे पिता 70 साल के हैं। और उनको ब्लड कैंसर है। ACUTE MYELOID LEUKEMIA M3 है। 15 February में piles के चिकित्सा के दौरान पता चला जब blood test किया गया। Doctor chemotherapy treatment लेने के लिए कहा है। उनके उम्र ज्यादा होने के कारण दुष्परिणाम अधिक है इसलिए chemotherapy नहीं दिया है। लेकिन हमने पतंजलि के आयुर्वेदिक चिकित्सा घर पर ही चालू किया है, और उन्हें हल्का सा अच्छा महसूस हो रहा है। क्या होमियोपैथी से उन्हें blood cancer कम हो सकता है। कृपा करके हमें perfect direction किजिए ताकि हम अपने पिता को ज्यादा दिनों तक जीवित रख सके। मेरा भ्रमण ध्वनि क्रमांक है 09422538066

Reply

Leave a Comment

Login

X

Register